{"_id":"5e95d74f8ebc3e7696670c8f","slug":"women-policemen-making-face-shield-in-hardoi-police-line","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से बचाव के लिए हरदोई में महिला पुलिसकर्मी बना रही फेसशील्ड, अन्य जिलों में भी भेजने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से बचाव के लिए हरदोई में महिला पुलिसकर्मी बना रही फेसशील्ड, अन्य जिलों में भी भेजने की तैयारी
Tue, 14 Apr 2020 09:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 14 Apr 2020 09:21 PM IST
विज्ञापन
फेसशील्ड तैयार करती महिला पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के चलते उपजे संकट के दौरान पुलिस के विविध रूप देखने को मिले। कभी जरुरतमंदों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया गया तो कभी मास्क वितरित किए गए। इस सबके बीच किसी की बीमारी की सूचना पर उसे अस्पताल भी भेजा गया, लेकिन अब पुलिस का एक और चेहरा सामने आया है।
जनपद में तैनात महिला पुलिसकर्मी फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रहीं हैं। चिकित्सकों की तर्ज पर जनपद के हर पुलिसकर्मी को फेस सील उपलब्ध कराने के साथ ही आसपास के जनपदों की पुलिस को भी फेसशील्ड भेजे जाने की कवायद तेजी से चल रही है। पुलिस लाइन के एक हाल में इन दिनों महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रही हैं।
विज्ञापन
जनपद में तैनात महिला पुलिसकर्मी फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रहीं हैं। चिकित्सकों की तर्ज पर जनपद के हर पुलिसकर्मी को फेस सील उपलब्ध कराने के साथ ही आसपास के जनपदों की पुलिस को भी फेसशील्ड भेजे जाने की कवायद तेजी से चल रही है। पुलिस लाइन के एक हाल में इन दिनों महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रही हैं।
विज्ञापन
कोरोना संकट के दौरान पुलिस अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से कर रही है और इसी क्रम में पुलिस को कई ऐसे स्थानों पर भी जाना पड़ता है, जहां संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की पहल पर फेसशील्ड बनाने का कार्य पुलिस लाइन में शुरू किया गया है।
खास बात यह है कि फेसशील्ड बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कच्ची सामग्री भी पुलिस विभाग आपसी सहयोग से एकत्र कर रही है। यही कारण है कि फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रहीं महिला सिपाही भी खासी उत्साहित हैं और पूरे मनोयोग से यह कार्य कर रहीं हैं। इससे इतर आवश्यकता होने पर यह महिला पुलिसकर्मी फील्ड में भी अपनी ड्यूटी करने के लिए जातीं हैं।
औसतन हर रोज 300 फेसशील्ड तैयार किए जा रहे हैं। फेसशील्ड बनाने के लिए प्लास्टिक शीट, रबर, थर्माकॉल और पुलिस स्टीकर की जरुरत पड़ती है। फेसशील्ड का इस्तेमाल करने से आंखें और चेहरा भी किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल प्राथमिक तौर पर पुलिस के लिए किया जाएगा।
खास बात यह है कि फेसशील्ड बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कच्ची सामग्री भी पुलिस विभाग आपसी सहयोग से एकत्र कर रही है। यही कारण है कि फेसशील्ड बनाने का कार्य कर रहीं महिला सिपाही भी खासी उत्साहित हैं और पूरे मनोयोग से यह कार्य कर रहीं हैं। इससे इतर आवश्यकता होने पर यह महिला पुलिसकर्मी फील्ड में भी अपनी ड्यूटी करने के लिए जातीं हैं।
औसतन हर रोज 300 फेसशील्ड तैयार किए जा रहे हैं। फेसशील्ड बनाने के लिए प्लास्टिक शीट, रबर, थर्माकॉल और पुलिस स्टीकर की जरुरत पड़ती है। फेसशील्ड का इस्तेमाल करने से आंखें और चेहरा भी किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल प्राथमिक तौर पर पुलिस के लिए किया जाएगा।