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Kanpur News: संगठित होकर काम करेंगी 54 उत्पादक समूह की महिलाएं
Sat, 21 Mar 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:10 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में तैयार किए गए 70 उत्पादक समूह में 54 को कारोबार शुरू करने के लिए शासन से 81 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। यह समूह एक जैसा काम करने वाली महिलाओं का बनाया गया है। इस धनराशि से यह मशीनरी आदि की खरीदारी कर काम की शुरुआत करेंगी और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इससे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अलग-अलग कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर कारोबार कर रही है। एनआरएलएम विभाग ने इन समूहों से संपर्क कर एक जैसा काम करने वाली महिलाओं को संगठित किया और उत्पाद समूह तैयार किया है। जनपद में अभी तक ऐसे 70 समूह तैयार किए गए हैं। इनकी सूची शासन को भेजी गई थी। पहले चरण में इनमें 54 उत्पादक समूह के लिए धनराशि जारी की गई है।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि अलग-अलग समूह से जुड़ी महिलाएं छोटे स्तर पर काम कर आजीविका चला रही थी। इन्हें योजना के तहत संगठित कर साथ मिलकर काम करने को प्रेरित किया गया। शासन से मिली 81 लाख की धनराशि में प्रति उत्पादक समूह के हिसाब से 1.5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसे समूह के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे यह बेसन, सत्तू, अनाज व सब्जी मसाला की पैकेजिंग के लिए मशीन की खरीदारी कर बड़े स्तर पर स्वरोजगार कर सकेंगी। साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी।
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वर्जन...........
शासन से 54 उत्पादक समूह के लिए 81 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। प्रति समूह के हिसाब से 1.5 लाख रुपये खातों में स्थानांतरित किए गए हैं। इससे यह कारोबार को शुरू कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इससे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अलग-अलग कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर कारोबार कर रही है। एनआरएलएम विभाग ने इन समूहों से संपर्क कर एक जैसा काम करने वाली महिलाओं को संगठित किया और उत्पाद समूह तैयार किया है। जनपद में अभी तक ऐसे 70 समूह तैयार किए गए हैं। इनकी सूची शासन को भेजी गई थी। पहले चरण में इनमें 54 उत्पादक समूह के लिए धनराशि जारी की गई है।
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जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि अलग-अलग समूह से जुड़ी महिलाएं छोटे स्तर पर काम कर आजीविका चला रही थी। इन्हें योजना के तहत संगठित कर साथ मिलकर काम करने को प्रेरित किया गया। शासन से मिली 81 लाख की धनराशि में प्रति उत्पादक समूह के हिसाब से 1.5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसे समूह के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे यह बेसन, सत्तू, अनाज व सब्जी मसाला की पैकेजिंग के लिए मशीन की खरीदारी कर बड़े स्तर पर स्वरोजगार कर सकेंगी। साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी।
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शासन से 54 उत्पादक समूह के लिए 81 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। प्रति समूह के हिसाब से 1.5 लाख रुपये खातों में स्थानांतरित किए गए हैं। इससे यह कारोबार को शुरू कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम