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Kanpur News: पौष्टिक मल्टीग्रेन आटा बनाकर आमदनी कर रहीं महिलाएं

Mon, 09 Mar 2026 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 09 Mar 2026 12:34 AM IST
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Women earning income by making nutritious multigrain flour
कानपुर देहात। महिलाएं अब सिर्फ घरेलू काम तक सीमित नहीं हैं बल्कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। सरवनखेड़ा ब्लॉक के गंगरौली ग्राम पंचायत की विमला यादव एक ब्रांड की मालिक बन अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। घर से 10 हजार रुपये से शुरू होने वाले काम का इस समय साल में 10 लाख रुपये का टर्नओवर है।
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पुरानी रूढ़ीवादी परंपराओं को पीछे छोड़कर महिलाएं समाज में अपने आपको स्थापित कर नाम रोशन कर रही हैं। कुछ अलग करने की चाहत के साथ विमला ने छोटे स्तर पर काम शुरू किया लेकिन समय के साथ काम को आगे बढ़ाने के लिए गांव की अन्य महिलाओं को साथ में जोड़ा और उन्हें भी आत्मनिर्भर बनाया। आज खुद तो साल में दो लाख रुपये की आमदनी कर ही रही हैं। साथ ही उनके कारोबार से जुड़ी अन्य महिलाएं महीने में पांच से 10 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
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एनआरएलएम की डीएमएम निखा सचान ने बताया कि समूह की महिलाओं ने मल्टीग्रेन आटा बनाने का काम करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके लिए इन्हें सीसीएल के तहत 1.5 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इनकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि पहले सिर्फ जान-पहचान के लोग ही इनका प्रोडक्ट खरीदते थे लेकिन अब धीरे-धीरे पहचान बढ़ रही है। खासतौर पर शुगर और बीपी के मरीज और बच्चे भी मल्टीग्रेन आटे को पसंद कर रहे हैं। इन महिलाओं ने मल्टीग्रेन आटा तैयार करने की तकनीक सीखी है। इसमें गेहूं, ज्वार, बाजरा, चना, मक्का और अन्य पोषक अनाजों का सही मिश्रण होता है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
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बोली महिलाएं
गांव में घर पर एक छोटी यूनिट लगाकर काम की शुरूआत की है। इस समय स्थानीय स्तर पर मल्टीग्रेन आटा की बिक्री हो रही है। इसके साथ काम को आगे बढ़ाते हुए मिथौरी, सैवईं, बुकनू जैसे उत्पाद भी बनाना शुरू किया है। साथ ही महिलाओं के साथ मिलकर अब जिले के बाहर भी प्रोडेक्ट की बिक्री शुरू करने के लिए बाजार की तलाश की जा रही है। - विमला यादव
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कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अब और महिलाओं को जोड़कर समूह को बड़ा कर रहे हैं। इससे टीम बड़ी होगी और काम को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। समूह का सपना है कि गांव व आसपास के क्षेत्र की हर महिला आत्मनिर्भर बने। महिलाएं सिर्फ उत्पाद नहीं बना रही हैं, बल्कि एक नई सोज, नई पहचान और एक नया आत्मविश्वास बना रही हैं। - शिवकांती देवी।

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वर्जन......
सरवनखेड़ा ब्लॉक के गंगरौली ग्राम पंचायत में समूह की महिलाएं मल्टीग्रेन आटा के साथ अन्य उत्पाद बनाने का काम कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि आज वह आत्मनिर्भर बनकर स्वयं की आमदनी कर रही है। यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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