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बच्चों को खूंटे में बांधकर शौचक्रिया को जंगल जाती थी, आखिर इस वजह से खुद को किया 'आगे के हवाले'
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:53 PM IST
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दो मासूम बच्चों को खूंटे से बांधकर नित्य क्रिया के लिए खेत जाने की जलालत से बचने को विवाहिता अपना शौचालय बनवा रही थी। लेकिन परिजनों के विरोध के आगे उसकी एक न चली। इससे क्षुब्ध होकर महिला ने बुधवार को केरोसिन डालकर आत्मदाह कर लिया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की बात कह रही है। घटना फतेहपुर ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव की है।
गांव निवासी रामबहादुर की पत्नी गुड़िया देवी (35) बुधवार सुबह करीब दस बजे घर में शौचालय का गड्ढा खुदवा रही थी। पति रामबहादुर ने बताया कि गुड़िया उससे बार-बार कहती थी कि भाई बउवा, राम सिंह, लल्ला सिंह और मां कुसुमा देवी उसे घर में बने शौचालय में नहीं जाने देती हैं। उसे दो मासूम बच्चे दीपिका (7) और शिवम (5) को खूंटे में बांधकर शौचक्रिया के लिए जंगल पड़ता था। काफी दिनों से वह अपने खर्च पर शौचालय बनवाना चाह रहे थे, लेकिन भाइयों और मां के विरोध के चलते निर्माण रुका था।
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गांव निवासी रामबहादुर की पत्नी गुड़िया देवी (35) बुधवार सुबह करीब दस बजे घर में शौचालय का गड्ढा खुदवा रही थी। पति रामबहादुर ने बताया कि गुड़िया उससे बार-बार कहती थी कि भाई बउवा, राम सिंह, लल्ला सिंह और मां कुसुमा देवी उसे घर में बने शौचालय में नहीं जाने देती हैं। उसे दो मासूम बच्चे दीपिका (7) और शिवम (5) को खूंटे में बांधकर शौचक्रिया के लिए जंगल पड़ता था। काफी दिनों से वह अपने खर्च पर शौचालय बनवाना चाह रहे थे, लेकिन भाइयों और मां के विरोध के चलते निर्माण रुका था।
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भाइयों और मां के विरोध के चलते निर्माण रुका था
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पति ने बताया कि वह दिवाली में सूरत से लौटा था। शिकायत पर प्रधान ने पंचायत कर शौचालय बनाने को कहा था। बुधवार को भाई उसे और पत्नी को जान से मारने के लिए कुल्हाड़ी लेकर दौड़े। भाइयों का रुख भांपकर वह प्रधान को बुलाने चला गया। इसी बीच पत्नी ने आग लगा ली। उसे इलाज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
कई बार अपने हिस्से में शौचालय बनवाने का प्रयास किया था
रात में मौत हो गई। सूचना पर मायके हमीरपुर जिले के सिजनौड़ा गांव से मां और बहनें मार्च्युरी पहुंची। उन्होंने बताया कि गुड़िया ने कई बार अपने हिस्से में शौचालय बनवाने का प्रयास किया था। ससुरालीजन राजी नहीं होते थे। कई बार गुड़िया के साथ मारपीट कर चुके हैं। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
उधर, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह ने बताया कि परिवार का बंटवारा अभी नहीं हुआ है। मृतका की सास कुसुमा के नाम एक शौचालय पहले से है। ऐसे में दूसरा शौचालय देने का कोई तुक नहीं है। महिला अपने खर्चे से शौचालय बनवाना चाह रही थी। इनका पारिवारिक विवाद है। वह इन दिनों चार दिन से बाहर हैं। किन हालात में आग लगाई गई, इसके बारे में उन्हें नहीं मालूम।
कई बार अपने हिस्से में शौचालय बनवाने का प्रयास किया था
रात में मौत हो गई। सूचना पर मायके हमीरपुर जिले के सिजनौड़ा गांव से मां और बहनें मार्च्युरी पहुंची। उन्होंने बताया कि गुड़िया ने कई बार अपने हिस्से में शौचालय बनवाने का प्रयास किया था। ससुरालीजन राजी नहीं होते थे। कई बार गुड़िया के साथ मारपीट कर चुके हैं। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
उधर, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह ने बताया कि परिवार का बंटवारा अभी नहीं हुआ है। मृतका की सास कुसुमा के नाम एक शौचालय पहले से है। ऐसे में दूसरा शौचालय देने का कोई तुक नहीं है। महिला अपने खर्चे से शौचालय बनवाना चाह रही थी। इनका पारिवारिक विवाद है। वह इन दिनों चार दिन से बाहर हैं। किन हालात में आग लगाई गई, इसके बारे में उन्हें नहीं मालूम।