{"_id":"5b2273294f1c1bf66e8b8014","slug":"woman-jumped-from-murari-lal-chest-hospital-s-window","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीमारी से तंग महिला ने खिड़की से कूदकर दी जान, अस्पताल में 72 घंटे के भीतर दूसरी घटना से फैली सनसनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमारी से तंग महिला ने खिड़की से कूदकर दी जान, अस्पताल में 72 घंटे के भीतर दूसरी घटना से फैली सनसनी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 14 Jun 2018 07:52 PM IST
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अस्पताल की इसी खिड़की से कूदी थी महिला
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल में गुरुवार को पहली मंजिल से कूदकर टीबी मरीज कविता (30) ने जान दे दी। 72 घंटे के अंदर यह दूसरी घटना है, जब टीबी मरीज ने अस्पताल से कूदकर जान दी हो। सोमवार को ही औरैया के अमित राजपूत ने पहली मंजिल से कूदकर जान दी थी।
मूलरूप से छत्तीसगढ़ निवासी क्रिस्टो सिंह की बेटी कविता (30) कल्याणपुर स्थित प्रगति सेवा संस्थान के आश्रम में रहती थी। वह डेढ़ महीने पहले ही कानपुर देहात के एक आश्रम से यहां शिफ्ट हुई थी। वह मानसिक रूप से कमजोर थी।
संस्था की प्रभारी कल्पना ने बताया कि बीती 31 मई को कविता की तबीयत खराब हुई तो उसका हैलट में उपचार कराया था। 12 जून को खून की उल्टियां होने पर चेस्ट अस्पताल लाए तो यहां उसे टीबी की पुष्टि हुई।
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मूलरूप से छत्तीसगढ़ निवासी क्रिस्टो सिंह की बेटी कविता (30) कल्याणपुर स्थित प्रगति सेवा संस्थान के आश्रम में रहती थी। वह डेढ़ महीने पहले ही कानपुर देहात के एक आश्रम से यहां शिफ्ट हुई थी। वह मानसिक रूप से कमजोर थी।
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संस्था की प्रभारी कल्पना ने बताया कि बीती 31 मई को कविता की तबीयत खराब हुई तो उसका हैलट में उपचार कराया था। 12 जून को खून की उल्टियां होने पर चेस्ट अस्पताल लाए तो यहां उसे टीबी की पुष्टि हुई।
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बाथरूम गई और गेट के पास लगी खिड़की से कूद गई
अस्पताल की इसी खिड़की से कूदी थी महिला
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को कविता को पहली मंजिल पर स्थित वार्ड-1 के बेड नंबर 2 पर भर्ती कर लिया गया। संस्था की ऊषा और मीना उसकी देखरेख कर रहीं थीं। ऊषा के अनुसार गुरुवार सुबह कविता बाथरूम गई और गेट के पास ही लगी खिड़की से कूद गई।
कविता के नीचे गिरते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि कविता को टीबी थी। वह काफी कमजोर स्थिति में यहां लाई गई थी।
बीमारी जान तनाव में थी कविता
ऊषा ने बताया कि कविता को जब पता चला कि उसे टीबी है तो वह तनाव में आ गई थी। दो बार उसने अस्पताल से बाहर जाने की कोशिश की। एक बार नीचे उतर गई थी, काफी मनाने पर वह वार्ड में लौटी थी।
कविता के नीचे गिरते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि कविता को टीबी थी। वह काफी कमजोर स्थिति में यहां लाई गई थी।
बीमारी जान तनाव में थी कविता
ऊषा ने बताया कि कविता को जब पता चला कि उसे टीबी है तो वह तनाव में आ गई थी। दो बार उसने अस्पताल से बाहर जाने की कोशिश की। एक बार नीचे उतर गई थी, काफी मनाने पर वह वार्ड में लौटी थी।