फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Wife became a witness, husband reached the noose, action lasted for 70 days, case of misdeed and murder of sis

UP: पत्नी बनी गवाह...फंदे तक पहुंचा पति, 70 तारीखाें तक चली कार्रवाई, साली से दुष्कर्म व हत्या का मामला

Fri, 22 Mar 2024 06:19 AM IST
हिमांशु अवस्थी विवेक विश्नोई, अमर उजाला, औरैया
विवेक विश्नोई, अमर उजाला, औरैया Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 22 Mar 2024 06:19 AM IST
सार

Auraiya News: दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव तैयापुर में 30 मई 2023 को 10 वर्षीय साली के साथ दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या के दोषी जीजा को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने फांसी की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Wife became a witness, husband reached the noose, action lasted for 70 days, case of misdeed and murder of sis
दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी जीजा को फांसी की सजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरैया जिले में दिबियापुर थाना क्षेत्र के तैयापुर में 30 मई 2023 को एक 10 वर्षीय नाबालिग की उसके बहनोई ने दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोषी बहनोई के खिलाफ पॉक्सो व हत्या का मामला दर्ज किया था।

विज्ञापन

इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें घटना की चश्मदीद पत्नी की गवाही ने इस पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया। इसके चलते न्यायालय ने सभी साक्ष्यों व तथ्यों के मद्देनजर दोषी रोहित को फांसी की सजा सुनाई।
विज्ञापन

घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि तैयापुर में नाबालिग मृतका की बड़ी बहन पूजा की ससुराल थी। उसकी छोटी बहन (मृतका) गांव आई थी, जहां उसके बहनोई रोहित ने उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट में 11 लोगों की कराई गईं थी गवाही
इस प्रकरण में दोषी रोहित की पत्नी पूजा चश्मदीद गवाह के रूप में कोर्ट में पेश हुई। जहां उसने अपने पति रोहित के खिलाफ छोटी बहन के साथ की गई दरिंदगी के बाद हत्या को लेकर गवाही दी। इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 11 लोगों की कोर्ट में गवाही कराई गईं थी।

16 सालों में औरैया कोर्ट से पांच लोगों को सुनाई गई फांसी की सजा
औरैया में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में कोर्ट के सरकारी वकीलों की पैरवी काफी हद तक सफल रही है। इसमें पिछले 16 सालों में अब तक पांच लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे अपराधियों में कोर्ट को लेकर खौफ की स्थिति बनी हुई है।

अब तक सुनाई गईं फांसी की सजाएं

थाना / कोतवाली             वर्ष                         मामला
फफूंद थाना                   2008             तीन हत्याओं का मामला
एरवाकटरा थाना            2019             एक तरफा प्रेम में घर में घुसकर नाबालिग को गोली मारने का मामला
बिधूना                         2023             साढ़े तीन साल की मासूम से दुष्कर्म का मामला
अयाना                         2023             नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला
दिबियापुर थाना            2024             नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या का मामला

समाज के बीच में रह रहे ऐसे लोगों में व्याप्त होगा भय
एडवोकेट अभिषेक मिश्रा ने कहा कि डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने कोर्ट की ओर से दोषी को सुनाई गई फांसी की सजा को लेकर कहा कि इस तरह के कोर्ट के निर्णयों से समाज के बीच रह रहे घृणित मानसिकता के लोगों में भय व्याप्त होगा।

सुरक्षा के लिहाज से ऐसे निर्णय सराहनीय योग्य
विशेष अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस तरह के निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय योग्य हैं। इससे समाज में दूषित प्रवृत्ति के लोगों की ओर से की जानी वाली घटनाओं में लगाम लगेगी। इससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से नाबालिग बच्चियों की स्वतंत्रता भी बरकरार रह सकेगी।

जिम्मेदारियों का पूरी तरह कर रहे निर्वाहन
अभियोजक मृदुल मिश्रा ने का कहना है कि समाज में छिपे ऐसे गंदे लोगों को बाहर निकालकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाना और उन्हें सजा दिलाने में पूरी जिम्मेदारी का निर्वाहन कर रहे हैं।

ये था पूरा मामला
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव तैयापुर में 30 मई 2023 को 10 वर्षीय साली के साथ दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या के दोषी जीजा को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में 30 जून को शुरू हुई सुनवाई के चलते कोर्ट ने नौ माह 22 दिन में दोषी को सजा सुनाई। इस मामले में कोर्ट ने दोषी को पांच लाख रुपये अर्थदंड सजा से दंडित किया है।

नाबालिग 10 वर्षीय साली से किया था कुकृत्य
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी की ओर से दिबियापुर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग 10 वर्षीय पुत्री को उसके दामाद रोहित कुमार ने दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी है।

नौ माह 22 दिन में हुई सुनवाई
इस मामले में दिबियापुर पुलिस ने विवेचना के उपरांत न्यायालय में आरोपी रोहित कुमार के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें 30 जून 2023 को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। इस मामले में कोर्ट ने नौ माह 22 दिन में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद 18 मार्च 2024 को पॉक्सो कोर्ट ने मृतका के जीजा नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या की दोषी माना।

दहाड़े मारकर रोने लगी पत्नी और मां
इसमें 21 मार्च को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने दोषी रोहित को गुरुवार को फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद दोषी रोहित कोर्ट में शांत बैठा रहा। उधर, कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद दोषी रोहित की पत्नी पूजा व मां आरती को जैसे ही फांसी की सजा की जानकारी हुई। वह कोर्ट परिसर के बाहर दहाड़े मारकर रोने लगी। इस दौरान दोषी की पुत्री भी मौजूद थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed