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तत्काल होगा फार्म-सी का सत्यापन
प्रदीप अवस्थी/कानपुर
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:42 AM IST
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वाणिज्यकर विभाग को फर्जी फार्म-सी के जरिए करोड़ों रुपये टैक्स का चूना लगाने के बढ़ते मामलों पर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने सख्ती दिखाई है। फार्म-सी जमा होते ही तत्काल सत्यापन सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने प्रदेश के सभी एडिशनल कमिश्नरों को आदेश जारी किया है।
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सत्यापन की व्यवस्था में आंशिक संशोधन भी किया गया है। अब सत्यापित और असत्यापित फर्मों और फार्मों का हर महीने आंकड़ा तैयार होगा। इसके अलावा एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 अब तीन महीने के बजाय प्रत्येक माह की पांच तारीख को निर्धारित प्रारूप पर संबंधित सूचना मुख्यालय भेजेंगे।
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ये व्यवस्था लागू
lकेंद्रीय बिक्री से संबंधित फार्म जमा होने के बाद कर निर्धारण अधिकारी एक लाख या उससे अधिक धनराशि के फार्मों के जारीकर्ता व्यापारी कासत्यापन संबंधित राज्य के वाणिज्यकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर करेंगे। यदि व्यापारी का टिन नंबर वेबसाइट पर नहीं पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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lजारीकर्ता व्यापारी का टिन एक्टिव होने की दशा में फार्म का सत्यापन www.tinxsys.com पर जाकर फार्म वेरिफिकेशन के जरिए किया जाएगा। फार्म वेरिफिकेशन के लिए सभी कर निर्धारण अधिकारियों के लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी बनाए गए हैं। फार्म का सत्यापन होने के बाद संबंधित कर निर्धारण अधिकारी ‘सत्यापित’ लिखकर अपने साइन कर पदनाम लिखेंगे और मुहर लगाएंगे।
lजिन फर्मों का डाटा वेबसाइट पर न हो उनके सत्यापन के लिए कर निर्धारण अधिकारी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 के पास हस्ताक्षर पदनाम और मुहर के साथ भेजेेंगे।
lएडिशनल कमिश्नर के सत्यापन के बाद भी जो फार्म असत्यापित पाए जाएं उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
आसान होगा विदेश के व्यापारी से भुगतान
कानपुर। विदेशों के व्यापारी से अपने प्रोडक्ट या सेवाओं का भुगतान अब आसानी से मिल सकेगा। ‘टर्म्स ऑफ पेमेंट’ की जटिलताओं को कम करने और निर्यातकों को विभिन्न तरह की भुगतान प्रक्रिया समझाने का बीड़ा अब उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो ने उठाया है।
उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो और फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) साथ मिलकर निर्यातकों, निर्यात कारोबार से जुडे़ मैनेजरों, आर्थिक सलाहकारों को ट्रेंड करेगा। फियो के सीईओ वाईएस गर्ग ने बताया कि वर्तमान समय में निर्यातकों के सामने विदेशी व्यापारियों से मिलने वाले भुगतान में तमाम तरह की जटिलताएं पेश आ रही हैं।
कागजी कार्यवाही और जांच पड़ताल के पचड़े इतने कठिन होते हैं कि निर्यातक या उनके मैनेजर उसी में उलझे रहते हैं। यह भी भय रहता है कि भुगतान का जो तरीका अपनाया गया है वह कारगर, कानूनी और हर देश के स्वीकार्य है या नहीं। इन्हीं जटिलताओं को कम करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जो विदेश से व्यापार करने वालों की भुगतान से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएंगे।