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पहले दिन गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं हुई बोहनी
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मैथा में गेहूं क्रय केंद्र के कांटे पर वजन चेक करते एसडीएम रामशिरोमणि।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। गुरुवार को पहले दिन जिले के सभी 53 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए। लेकिन क्षेत्र में फसल तैयार न होने से किसी भी केंद्र पर गेहूं की बोहनी नहीं हो सकी। गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा रहा और प्रभारी किसानों का इंतजार करते रहें।
शासन से इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 20 रुपये पल्लेदारी के अलग से निर्धारित हैं। गेहूं खरीद के लिए जिले में 53 केंद्र बनाए गए। एक अप्रैल से गेहूं खरीद के आदेश थे। गुरुवार को केंद्र खोले गए। क्षेत्र में अभी गेहूं की फसल तैयार न हो पाने से कई जगहों पर कटाई शुरू नहीं हो सकी। खरीद केंद्रों पर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। रूरा प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे के मंडी समिति व क्रय-विक्रय परिसर में कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। बिक्री के लिए कुछ किसानों ने केंद्रों पर पहुंचकर पंजीयन करा नंबर लिया। केंद्र प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को 24 किसानों का पंजीयन किया गया है।
झींझक प्रतिनिधि के मंडी समिति में खुले आरएफसी व परिषद में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र प्रभारी मृदुला सिंह ने बताया कि खरीद केंद्र पर कुछ किसान जानकारी लेकर चले गए। रसूलाबाद के अनुसार खाद्य एवं रसद विभाग के रसूलाबाद प्रथम व रसूलाबाद द्वितीय खरीद केंद्र में प्रभारी आकाश वर्मा व ऊषा पूरे दिन बैठी रहीं। इसी तरह के हालात संदलपुर समेत जिले के अन्य गेहूं खरीद केंद्रों के रहे।
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गुरुवार को पहले दिन जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचे। जिस कारण खरीद नहीं हो सकी। अधिकांश खेतों में अभी कटाई चल रही है। अभी करीब दस दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही किसानों द्वारा गेहूं बिक्री शुरू करने की उम्मीद है।
- शिशिर कुमार (जिला खाद्य विपणन अधिकारी)
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शासन से इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 20 रुपये पल्लेदारी के अलग से निर्धारित हैं। गेहूं खरीद के लिए जिले में 53 केंद्र बनाए गए। एक अप्रैल से गेहूं खरीद के आदेश थे। गुरुवार को केंद्र खोले गए। क्षेत्र में अभी गेहूं की फसल तैयार न हो पाने से कई जगहों पर कटाई शुरू नहीं हो सकी। खरीद केंद्रों पर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। रूरा प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे के मंडी समिति व क्रय-विक्रय परिसर में कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। बिक्री के लिए कुछ किसानों ने केंद्रों पर पहुंचकर पंजीयन करा नंबर लिया। केंद्र प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को 24 किसानों का पंजीयन किया गया है।
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झींझक प्रतिनिधि के मंडी समिति में खुले आरएफसी व परिषद में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र प्रभारी मृदुला सिंह ने बताया कि खरीद केंद्र पर कुछ किसान जानकारी लेकर चले गए। रसूलाबाद के अनुसार खाद्य एवं रसद विभाग के रसूलाबाद प्रथम व रसूलाबाद द्वितीय खरीद केंद्र में प्रभारी आकाश वर्मा व ऊषा पूरे दिन बैठी रहीं। इसी तरह के हालात संदलपुर समेत जिले के अन्य गेहूं खरीद केंद्रों के रहे।
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गुरुवार को पहले दिन जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचे। जिस कारण खरीद नहीं हो सकी। अधिकांश खेतों में अभी कटाई चल रही है। अभी करीब दस दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही किसानों द्वारा गेहूं बिक्री शुरू करने की उम्मीद है।
- शिशिर कुमार (जिला खाद्य विपणन अधिकारी)

राजपुर के क्रय केंद्र पर किसानों को जानकारी देते प्रभारी मुवीन अहमद।- फोटो : AKBARPUR