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आखिर यूएस में ऐसा क्या है जो यहां नहीं है...क्यों न आप इंडिया को ही यूएस बना दें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 28 Oct 2017 11:59 PM IST
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कर्नल हितेंद्र पार्ती
- फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्टिवल अंतराग्नि 2017 में छात्रों से संवाद करते समय कमांडर कर्नल हितेंद्र पार्ती ने कहा कि यूएस में ऐसा क्या है जो यहां नहीं है... क्यों न आप इंडिया को ही यूएस बना दें।
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मुंबई हमले से हमने लिया सबक
कर्नल हितेंद्र पार्ती
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के कमांडर कर्नल हितेंद्र पार्ती ने आईआईटीयंस कोे विदेशों में नौकरी करने की बजाय देश में ही नौकरी करने की सलाह दी है। बोले, ‘आप यूएस (अमेरिका) में नौकरी करने जाते हो... अपने दिमाग से उनकी सैन्य क्षमता को मजबूत करते हो। उन्हें आर्थिक तौर पर मजबूत करते हो। आखिर यूएस में ऐसा क्या है जो यहां नहीं है... क्यों न आप इंडिया को ही यूएस बना दें।’ कर्नल पार्ती शनिवार को आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्टिवल अंतराग्नि 2017 में छात्रों से संवाद कर रहे थे। बोले, ‘आपसे देश को काफी उम्मीदें हैं। आप देश को तकनीकी तौर पर अपग्रेड कर सकते हैं। सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार, विमान या साइबर टेक्नोलॉजी डेवलप कर सकते हैं।’
एनएसजी में काम करना आसान नहीं
कर्नल पार्ती बोले, एनएसजी की ट्रेनिंग काफी कठिन होती है। यही हमें आतंकियों से मुकाबला करने का साहस देता है। ट्रेनिंग में ही हमें मजबूत बना दिया जाता है ताकि हर परिस्थिति का हम सामना कर पाएं। हमारा सामना उन आतंकियों से होता है जो न तो खुद की जान की परवाह करते हैं और न ही मासूम जनता की।
मुंबई हमले से हमने लिया सबक
2008 में मुंबई के होटल ताज में हुए आतंकी हमले ने हमें काफी सीख दी है। हमले के बाद से आतंकी गतिविधियों को लेकर सरकार भी काफी सजग हुई। देश के कई हिस्से में एनएससी के रीजनल कार्यालय बनाए गए। एनएससी के कमांडो को सख्त और अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी गई। उन्हें अत्याधुनिक हथियार दिए गए।
एनएसजी में काम करना आसान नहीं
कर्नल पार्ती बोले, एनएसजी की ट्रेनिंग काफी कठिन होती है। यही हमें आतंकियों से मुकाबला करने का साहस देता है। ट्रेनिंग में ही हमें मजबूत बना दिया जाता है ताकि हर परिस्थिति का हम सामना कर पाएं। हमारा सामना उन आतंकियों से होता है जो न तो खुद की जान की परवाह करते हैं और न ही मासूम जनता की।
मुंबई हमले से हमने लिया सबक
2008 में मुंबई के होटल ताज में हुए आतंकी हमले ने हमें काफी सीख दी है। हमले के बाद से आतंकी गतिविधियों को लेकर सरकार भी काफी सजग हुई। देश के कई हिस्से में एनएससी के रीजनल कार्यालय बनाए गए। एनएससी के कमांडो को सख्त और अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी गई। उन्हें अत्याधुनिक हथियार दिए गए।