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आंधी में टूट गए बिजली खंभे, दो सौ से अधिक गांवों में आपूर्ति ठप
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बिल्हौर। रविवार की शाम को क्षेत्र में आए तेज तूफान और बारिश से गांव-गांव, कस्बों-कस्बों बिजली के खंभे व तार टूट गए। कई इलाकों में पेड़ की शाखाएं गिर जाने से ग्रामीणों को आवागमन में समस्या हुई। उधर, बारिश के चलते गांवों में चल रहे गेहूं कटाई और थ्रेसरिंग का काम भी पूरी तरह रुक गया। बिजली न आने से लोगों पेयजल और मोबाइल रिचार्ज जैसी बुनियादी समस्याएं उठानी पड़ी।
रविवार को धूल भरी आंधी फिर बारिश का सिलसिला रात करीब 10 बजे तक जारी रहा। कई इलाकों में के कच्चे संपर्क मार्गों पर पेड़ की टहनियां गिर जाने से कृषि उपकरण और वाहन जहां के तहां फसे रहे। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत के बाद गांव की रास्तों को आवागमन लायक बनाया। आंधी से क्षेत्र के गंगा कटरी से लगने वाले गदनापुर, जुलहा, मोहद्दीनपुर, महिगवां, संती, बोहनार, बहरामपुर, आंकिन आदि गांवों में पेड़ों में कच्चे आम टूटकर नीचे आ गिरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ।
चौबेपुर में आंधी से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए सोमवार सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य चालू रहा। कस्बा समेत दो सैकड़ा गांव की बिजली लगभग 28 घंटे तक बाधित रही। लॉकडाउन के दौरान बिजली न मिल पाने से सबसे बड़ी दिक्कत लोगों के समक्ष पेयजल को लेकर व्याप्त रही। रविवार को पनकी पावर हाउस में मरम्मत कार्य के चलते क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति दोपहर 1 बजे बंद कर दी गई। शाम 5 बजे आपूर्ति शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में आई तेज आंधी व बारिश के कारण कस्बा समेत मालौं, गोगूमऊ, बजरामऊ, चंपतपुर, बेहटा, महराजपुर आदि गांवों में कहीं तारों पर पेंड़ टूट कर गिरने तो कहीं खंभे टूट जाने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। देरशाम विभागीय अधिकारियों ने कस्बे की आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया, लेकिन जीटी रोड स्थित स्टेट बैंक के सामने विद्युत पोल पर पेड़ टूटकर गिरने से पोल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके उपरांत आपूर्ति शुरू करा पाना संभव नहीं हो सका। सोमवार सुबह शुरू हुए मरम्मत कार्य में शाम तक केवल कस्बे की क्षतिग्रस्त विद्युत केबलों की मरम्मत व टूटे पोल को ही बदला जा सका। इस तरह लगभग 28 घंटे बाद कस्बे व उसके आसपास के कुछ गांवों की आपूर्ति बहाल हो पाई, लेकिन सबस्टेशन से जुड़े ज्यादातर गांव दूसरे दिन भी अंधेरे में ही डूबे रहे। जानकारी पर एसडीओ विद्युत अनिल आहूजा ने बताया कि आंधी तूफान के दौरान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विद्युत लाइनों में टूट-फूट हुई। बताया कि जल्द ही टूटे खंभे व क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करा आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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उधर, शिवराजपुर में रविवार देर शाम गरज चमक के साथ हुई तेज बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, तेज आंधी के चलते आधा सैकड़ा गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तेज आंधी से बारिश ने गेहूं की कटाई कर रहे किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, वहीं खेतों में तैयार खड़ी टमाटर की फसलों में लगे फूल तेज आंधी के चलते झड़ गए। तेज बारिश और आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
शिवराजपुर-शिवली मार्ग पर हाईटेंशन के लगभग आधा दर्जन खंभे टूट कर धराशाई हो गए। इसके चलते 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस संबंध में जेई शिवराजपुर मेराज अहमद ने बताया कि लाइनमैन कड़ी मेहनत कर फाल्ट ठीक करने में जुटे हुए हैं, संभव है देर शाम तक आपूर्ति दुरुस्त कर दी जाएगी।
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रविवार को धूल भरी आंधी फिर बारिश का सिलसिला रात करीब 10 बजे तक जारी रहा। कई इलाकों में के कच्चे संपर्क मार्गों पर पेड़ की टहनियां गिर जाने से कृषि उपकरण और वाहन जहां के तहां फसे रहे। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत के बाद गांव की रास्तों को आवागमन लायक बनाया। आंधी से क्षेत्र के गंगा कटरी से लगने वाले गदनापुर, जुलहा, मोहद्दीनपुर, महिगवां, संती, बोहनार, बहरामपुर, आंकिन आदि गांवों में पेड़ों में कच्चे आम टूटकर नीचे आ गिरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ।
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चौबेपुर में आंधी से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए सोमवार सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य चालू रहा। कस्बा समेत दो सैकड़ा गांव की बिजली लगभग 28 घंटे तक बाधित रही। लॉकडाउन के दौरान बिजली न मिल पाने से सबसे बड़ी दिक्कत लोगों के समक्ष पेयजल को लेकर व्याप्त रही। रविवार को पनकी पावर हाउस में मरम्मत कार्य के चलते क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति दोपहर 1 बजे बंद कर दी गई। शाम 5 बजे आपूर्ति शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में आई तेज आंधी व बारिश के कारण कस्बा समेत मालौं, गोगूमऊ, बजरामऊ, चंपतपुर, बेहटा, महराजपुर आदि गांवों में कहीं तारों पर पेंड़ टूट कर गिरने तो कहीं खंभे टूट जाने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। देरशाम विभागीय अधिकारियों ने कस्बे की आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया, लेकिन जीटी रोड स्थित स्टेट बैंक के सामने विद्युत पोल पर पेड़ टूटकर गिरने से पोल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके उपरांत आपूर्ति शुरू करा पाना संभव नहीं हो सका। सोमवार सुबह शुरू हुए मरम्मत कार्य में शाम तक केवल कस्बे की क्षतिग्रस्त विद्युत केबलों की मरम्मत व टूटे पोल को ही बदला जा सका। इस तरह लगभग 28 घंटे बाद कस्बे व उसके आसपास के कुछ गांवों की आपूर्ति बहाल हो पाई, लेकिन सबस्टेशन से जुड़े ज्यादातर गांव दूसरे दिन भी अंधेरे में ही डूबे रहे। जानकारी पर एसडीओ विद्युत अनिल आहूजा ने बताया कि आंधी तूफान के दौरान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विद्युत लाइनों में टूट-फूट हुई। बताया कि जल्द ही टूटे खंभे व क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करा आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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उधर, शिवराजपुर में रविवार देर शाम गरज चमक के साथ हुई तेज बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, तेज आंधी के चलते आधा सैकड़ा गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तेज आंधी से बारिश ने गेहूं की कटाई कर रहे किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, वहीं खेतों में तैयार खड़ी टमाटर की फसलों में लगे फूल तेज आंधी के चलते झड़ गए। तेज बारिश और आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
शिवराजपुर-शिवली मार्ग पर हाईटेंशन के लगभग आधा दर्जन खंभे टूट कर धराशाई हो गए। इसके चलते 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस संबंध में जेई शिवराजपुर मेराज अहमद ने बताया कि लाइनमैन कड़ी मेहनत कर फाल्ट ठीक करने में जुटे हुए हैं, संभव है देर शाम तक आपूर्ति दुरुस्त कर दी जाएगी।