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एएन 32 विमान हादसे में अपनी जान गवाने वाले कपिलेश के परिजनों को अंतिम दर्शन की आस, ऐसे हुआ था हादसा
Fri, 14 Jun 2019 10:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 14 Jun 2019 10:12 PM IST
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वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा के परिजनों को जानकारी देते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वायु सेना के विमान हादसे में अपनी जान गवाने वाले उत्तरीपुरा कस्बा के चौबियाना मोहल्ला निवासी वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा के स्वभाव के सभी कायल हैं। हादसे में उनकी मौत की जानकारी होने के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। इधर, शुक्रवार को दिनभर लोग उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने के इंतजार में बैठे रहे।
उत्तरीपूरा कस्बा निवासी वीके तिवारी ने बताया कि कपिलेश दद्दू उनसे एक कक्षा आगे पढ़ते थे। 1978 में उन्होंने सेवा मंदिर विद्यालय से हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। वह 12 वीं की पढ़ाई के लिए कानपुर चले गए। हरसहाय कालेज से उन्होंने विज्ञान विषय से इंटर पास किया। बीएनडी कॉलेज में बीएससी में दाखिला लिया।
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उत्तरीपूरा कस्बा निवासी वीके तिवारी ने बताया कि कपिलेश दद्दू उनसे एक कक्षा आगे पढ़ते थे। 1978 में उन्होंने सेवा मंदिर विद्यालय से हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। वह 12 वीं की पढ़ाई के लिए कानपुर चले गए। हरसहाय कालेज से उन्होंने विज्ञान विषय से इंटर पास किया। बीएनडी कॉलेज में बीएससी में दाखिला लिया।
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एएन-32 विमान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
बीएसएसी फाइनल में 1982 में उनका चयन वायु सेना में टेकनिकल पद पर हो गया। उनकी पहली पोस्टिंग जोरहाट, असम में हुई। विवेक बाजपेई और जयशंकर ने बताया कि कपिलेश भैया की स्वभाव उनको हम सबको भाता था। तीज-त्योहार ही नहीं जब भी परिवार और मोहल्ले से शादी-बरात की सूचना जाती थी। वह जरूर आते थे। जब छुट्टी में आते थे तो गांव में जितने भी उनके दोस्त यार और जान पहचान के लोग हैं, उनके मिलने से जरूर जाते है।
पूरा निवासी बाल किशन, भैयू, बड़े चच्चू, भाईजी ने बताया कि कपिलेश दद्दू नौकरी असम मा करत रहाय, लेकिन उनको दिमाग हीं पूरैई राहत तो जब आवत थे तो घंटन हम पंचन संगै बैठत ते और खेत खहिलान सहित बंबा गाहीं घूमन टाहलन जात ते, अपना खेतवन और पेड़वने की भी चिंता उन्हें रहाय। लक्ष्मणपुर मिश्रान निवासी इंद्रदत्त ने बताया कि कपिलेश बचपन से ही होशियार थे, एकाएक विमान दुर्घटना में उनकी मौत से उनके परिवार के साथ-साथ उनके जानने वाले सभी हतप्रभ हैं।
पूरा निवासी बाल किशन, भैयू, बड़े चच्चू, भाईजी ने बताया कि कपिलेश दद्दू नौकरी असम मा करत रहाय, लेकिन उनको दिमाग हीं पूरैई राहत तो जब आवत थे तो घंटन हम पंचन संगै बैठत ते और खेत खहिलान सहित बंबा गाहीं घूमन टाहलन जात ते, अपना खेतवन और पेड़वने की भी चिंता उन्हें रहाय। लक्ष्मणपुर मिश्रान निवासी इंद्रदत्त ने बताया कि कपिलेश बचपन से ही होशियार थे, एकाएक विमान दुर्घटना में उनकी मौत से उनके परिवार के साथ-साथ उनके जानने वाले सभी हतप्रभ हैं।
मौसम खराब होने से पार्थिव शरीर लेकर आ रहा विमान नहीं उड़ा, ऊंचे पहाड़ से टकराने से हुआ था विमान हादसा
उपजिलाधिकारी बिल्हौर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उत्तरीपुरा कस्बा निवासी वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा के पार्थिव शरीर को लेकर आ रहे वायु सेना का विशेष विमान शुक्रवार को जोरहाट असम से मौसम खराब होने के कारण नहीं उड़ पाने की सूचना है। वायु सेना का विमान पहले दिल्ली आएगा। फिर उसके बाद वाया लखनऊ होते हुए कानपुर पहुंचने के कयास हैं, अभी आधिकारिक तौर पर पार्थिव शरीर कब बिल्हौर, उत्तरीपुरा पहुंचेगा। इसकी कोई लिखित जानकारी उन्हें नहीं मिली है।
वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा के भाई राकेश मिश्रा ने बताया कि वायु सेना के मुख्यालय से उन्हें बताया गया है कि एएन (32) माल वाहक विमान जब हादसे का शिकार हुआ तब वह समुद्र तल से करीब 12,000 की फिट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। तभी एकाएक विमान के सामने सियांग जिले की 16,000 फिट ऊंचे पहाड़ से विमान की सीधी टक्कर हो गई, जिससे दुर्घटना हुई।
वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा के भाई राकेश मिश्रा ने बताया कि वायु सेना के मुख्यालय से उन्हें बताया गया है कि एएन (32) माल वाहक विमान जब हादसे का शिकार हुआ तब वह समुद्र तल से करीब 12,000 की फिट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। तभी एकाएक विमान के सामने सियांग जिले की 16,000 फिट ऊंचे पहाड़ से विमान की सीधी टक्कर हो गई, जिससे दुर्घटना हुई।