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Kanpur News: सुरक्षित और टिकाऊ पेंट से सालों साल चमकेंगी दीवारें
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कानपुर। सोचिए थोड़ा सा पेंट आपके घर की दीवारों को चमका कर रख दे। यह हल्का, सुरक्षित और सालों साल तक पहले की तरह ही बना रहे तो हैरान करने वाली बात है न। चौंकिए मत इस तरह का पेंट आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू के विशेषज्ञ मिलकर तैयार करने जा रहे हैं। यह सुरक्षित, टिकाऊ, हल्का और कम मात्रा में उपयोग होने वाला पेंट होगा। इसमें नैनोमटेरियल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। शोध कार्य तीन वर्ष तक चलेगा।
कल्याणपुर निवासी सुनील पंकज और बर्रा निवासी प्रेम प्रकाश ने 2004 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया। दोनों पिछले कई वर्षों से नैनोमटेरियल तकनीक पर काम कर रहे हैं। उनकी कंपनी स्किनोमैट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सिस्टम से जुड़ी है। अब दोनों एचबीटीयू के सहयोग से पेंट टेक्नोलॉजी में नैनोमटेरियल के उपयोग पर विस्तृत शोध करेंगे।
सुनील पंकज ने बताया कि भवनों की दीवारें, कंक्रीट संरचनाएं, वाहन, प्लास्टिक, समुद्री ढांचे और तेज धूप वाले क्षेत्रों के लिए अलग प्रकार की पेंट कोटिंग की आवश्यकता होती है। शोध के दौरान नैनो पिगमेंट, नैनो फिलर्स, नैनो कोटिंग और अन्य फंक्शनल नैनो एडिटिव्स पर काम किया जाएगा। साथ ही कम वाष्पशील कार्बनिक यौगिक वाले पर्यावरण अनुकूल पेंट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नैनोमटेरियल आधारित पेंट की कवरेज क्षमता अधिक होगी, जिससे कम मात्रा में पेंट का उपयोग करके बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे। यह शोध लगभग तीन वर्षों तक चलेगा, जिसके बाद विकसित तकनीक को उद्योगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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छात्रों और समाज को होगा सीधा लाभ
इस परियोजना से एचबीटीयू के छात्रों को अत्याधुनिक नैनो टेक्नोलॉजी और पेंट इंजीनियरिंग पर उद्योग आधारित शोध करने का अवसर मिलेगा। वे वास्तविक समस्याओं पर काम करते हुए नई तकनीक विकसित करने, पेटेंट और शोध प्रकाशन में भागीदारी कर सकेंगे, जिससे रोजगार और स्टार्टअप के अवसर भी बढ़ेंगे। अधिक टिकाऊ पेंट के कारण भवनों और वाहनों की बार-बार पेंटिंग की आवश्यकता कम होगी, जिससे रखरखाव की लागत घटेगी। कम मात्रा में पेंट से बेहतर कवरेज मिलने के कारण संसाधनों की बचत होगी।
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कल्याणपुर निवासी सुनील पंकज और बर्रा निवासी प्रेम प्रकाश ने 2004 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया। दोनों पिछले कई वर्षों से नैनोमटेरियल तकनीक पर काम कर रहे हैं। उनकी कंपनी स्किनोमैट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सिस्टम से जुड़ी है। अब दोनों एचबीटीयू के सहयोग से पेंट टेक्नोलॉजी में नैनोमटेरियल के उपयोग पर विस्तृत शोध करेंगे।
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सुनील पंकज ने बताया कि भवनों की दीवारें, कंक्रीट संरचनाएं, वाहन, प्लास्टिक, समुद्री ढांचे और तेज धूप वाले क्षेत्रों के लिए अलग प्रकार की पेंट कोटिंग की आवश्यकता होती है। शोध के दौरान नैनो पिगमेंट, नैनो फिलर्स, नैनो कोटिंग और अन्य फंक्शनल नैनो एडिटिव्स पर काम किया जाएगा। साथ ही कम वाष्पशील कार्बनिक यौगिक वाले पर्यावरण अनुकूल पेंट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नैनोमटेरियल आधारित पेंट की कवरेज क्षमता अधिक होगी, जिससे कम मात्रा में पेंट का उपयोग करके बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे। यह शोध लगभग तीन वर्षों तक चलेगा, जिसके बाद विकसित तकनीक को उद्योगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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छात्रों और समाज को होगा सीधा लाभ
इस परियोजना से एचबीटीयू के छात्रों को अत्याधुनिक नैनो टेक्नोलॉजी और पेंट इंजीनियरिंग पर उद्योग आधारित शोध करने का अवसर मिलेगा। वे वास्तविक समस्याओं पर काम करते हुए नई तकनीक विकसित करने, पेटेंट और शोध प्रकाशन में भागीदारी कर सकेंगे, जिससे रोजगार और स्टार्टअप के अवसर भी बढ़ेंगे। अधिक टिकाऊ पेंट के कारण भवनों और वाहनों की बार-बार पेंटिंग की आवश्यकता कम होगी, जिससे रखरखाव की लागत घटेगी। कम मात्रा में पेंट से बेहतर कवरेज मिलने के कारण संसाधनों की बचत होगी।