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Kanpur News: आने का हो रहा था इंतजार, एक साथ चार मौतों से छाया मातम
Tue, 23 Sep 2025 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 23 Sep 2025 01:25 AM IST
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सरवनखेड़ामूसानगर (कानपुर देहात)। प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के बिगाहियां पुल के पास हुए सड़क हादसे में मूसानगर थाना क्षेत्र के गुलौली गांव निवासी चार लोगों की मौत से गांव में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों के साथ सगे संबंधी घटनास्थल के लिए चले गए।
गुलौली निवासी सुरेश वाजपेयी (70), उनकी पत्नी तारा (65), रामसागर अवस्थी (60), उनकी पत्नी कोमल (56), सुरेश सैनी (60), उनकी पत्नी प्रेमा देवी (55), प्रेम नारायण पांडेय (75), उनकी पत्नी ममता (70) पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के लिए चार सितंबर को गांव के रामू शर्मा की बोलेरो बुक करके बिहार के गया धाम गए थे।
गांव के रामू पांडेय, शीतलेश अवस्थी, विजय शंकर दुबे, विशाल, अभिषेक व मुनीष पांडेय ने बताया कि मोहल्ले से आठ लोग गया के लिए गए थे। रविवार को पितृ पक्ष के समापन पर शाम को सभी लोग घर के लिए निकले थे। दोपहर तक घर लौटने वाले थे। गांव में उनके स्वागत के लिए तैयारियां कर ली गई थीं। सुबह 3:45 बजे के करीब हादसे में घायल प्रेमा देवी ने अपने घर फोन कर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद उनके परिजन रोने-बिलखने लगे। इससे ग्रामीणों की नींद टूटी। जानकारी के कुछ देर बाद ही परिजन व ग्रामीण निजी वाहनों से घटनास्थल के लिए चले गए। हादसे की जानकारी से गांव में मातम पसर गया।
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दंपती की मौत से घर में लटका रहा ताला
गुलौली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सुरेश वाजपेयी थलसेना से सेवानिवृत्त थे। उनके बेटे ब्रह्मनारायण व सागर परिवार के साथ कानपुर नगर के पनकी में रहते हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद वह पत्नी तारा के साथ गांव में रहकर खेती किसानी करते थे। साथ ही गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए मार्गदर्शन देते थे। पिंडदान करने के लिए गया जाने के दिन घर में ताला लगाने के दौरान वह पड़ोसियों से घर की रखवाली करने व जल्द गांव लौटने की बात कहकर निकले थे।
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बेटे को नहीं दी गई पिता की मौत की जानकारी
हादसे में जान गंवाने वाले गुलौली निवासी रामसागर अवस्थी के पास एक बीघा जमीन है। वह लोगों की जमीन बलकट पर लेकर खेती करते थे। बेटी मनु की शादी हो चुकी है। बेटा अर्पित (18) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। मनु ने बताया कि पिता रामसागर व मां कोमल चार सितंबर को गया के लिए निकले थे। भाई अर्पित की देखरेख के लिए पिता ने उसे घर बुला लिया था। गांव के बाहर विदा करने के दौरान पिता ने 22 सितंबर की दोपहर में लौटने की बात कही थी। सड़क हादसे ने उनसे पिता का साया छीन लिया। मां घायल हो गई हैं। पिता की मौत की जानकारी मिलने पर भाई बदहवास न हो जाए इसलिए उसे हादसे में माता-पिता के घायल होने की जानकारी दी।
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घायलों के घर मची रही चीख पुकार
हादसे में प्रेम नारायण पांडेय, उनकी पत्नी ममता, कोमल, प्रेमा देवी घायल हैं। घायलों के परिजन भी उनका हाल जानने के लिए घटनास्थल पहुंचे लोगों को फोन कर जानकारी लेते रहे। घायलों के घर भी चीख पुकार मची रही। प्रेम नारायण के घर के बाहर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि प्रेम नारायण खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। ग्रामीणों में चर्चा रही कि जिस समय सोमवार तड़के हादसा हुआ उस समय प्रेम नारायण खराब कार में पत्नी के साथ लेटे थे। पास में प्रेमा व कोमल खड़ी थीं। जबकि पास में अन्य लोग बैठे थे। माता, पिता के घायल होने पर बेटे कल्लू व छोटू परिजन व ग्रामीणों के साथ प्रयागराज चले गए हैं।
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कार चालक मौके पर पहुंचकर करता मदद तो बच जाती जान
सुरेश सैनी की बेटी पूजा ने चालक पर लगाया फोन बंद करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सरवनखेड़ा। प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के बिगाहियां पुल के पास हुए हादसे में गुलौली निवासी चार लोगों की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वाले सुरेश सैनी की बेटी ने चालक पर मोबाइल बंद करने का आरोप लगाया है। कहा कि हादसे के बाद चालक मौके पर पहुंचकर साथियों का साथ देता तो समय से इलाज मिल जाता और किसी न किसी की जान बच जाती।
सुरेश की मौत की खबर पर उनके घर में मातम पसर गया। बेटी पूजा ने बताया कि वह छह भाई-बहन हैं। बहन वर्षा, सोनम, आरती व भाई गोविंद की की शादी हो चुकी है। वह व बहन अर्चना अविवाहित हैं। पूजा ने बताया कि सुबह 3:45 बजे के करीब मां प्रेमा देवी ने उनके पास फोन करके हादसे के बारे में बताया था।
मां ने बताया कि रास्ते में उनकी गाड़ी खराब हो गई थी। रात में सड़क वीरान होने के चलते सभी लोग बोलेरो को धक्का लगाते हुए किसी गांव के पास ले जा रहे थे। थकान अधिक हो जाने पर सोरांव के बिगाहियां पुल के पास बोलेरो को किराने खड़ी करके आराम करने लगे। इसके बाद चालक रामू शर्मा मैकेनिक लेने के लिए गांव की ओर चला गया। उनमें से कुछ लोग कार में लेट गए थे और कुछ लोग पास में जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए थे। सुबह 3:15 बजे के करीब तेज रफ्तार ट्रक सड़क पर लेटे हुए लोगों को कुचलते हुए कार से टकरा गया।
हादसा होने के बाद चालक मौके पर नहीं पहुंचा। उसके फोन बंद हो गया। इसके चलते हादसे में घायल लोग घटनास्थल पर तड़पते रहे। करीब 3:50 पर राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पिता सुरेश सैनी सहित चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पूजा ने आरोप लगाया कि यदि चालक मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद करता तो हादसे में पिता सहित गांव के चार लोगों की जान बच सकती थी। उसने भी कई बार चालक को फोन लगाने का प्रयास किया मगर उसका फोन बंद आता रहा।
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दुर्गा महोत्सव में पंडाल सजाने गया था सुरेश का बेटा
सुरेश की मौत व उनकी पत्नी प्रेमा देवी के घायल होने पर बेटी पूजा, अर्चना, बहू राधा, बहन सुशमा, शांति का रो-रो कर बुरा हाल है। पूजा ने बताया कि पिता पूजा के लिए फूल बेचने व आयोजनों में सवाजट का काम करते थे। उनका सहयोग भाई गोविंद करता था। रविवार शाम को गोविंद पास के गांव में आयोजित दुर्गा महोत्सव में पंडाल सजाने गया था। सुबह जानकारी होने पर भाई घर लौट कर आया और परिजन के साथ घटनास्थल की ओर चला गया।
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गांव में आयोजित दुर्गा महोत्सव से हटा लिए गए लाउड स्पीकर
गुलौली गांव में चालक रामू शर्मा के घर के सामने दुर्गा महोत्सव का आयोजन किया गया। इसको लेकर रात में ही लोगों पंडाल सजाने के साथ लाउड स्पीकर व अन्य व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया था। सोमवार सुबह हादसे में गांव के चार लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। आयोजकों ने भी कार्यक्रम स्थल से लाउड स्पीकर हटा दिए और शांतिपूर्ण माहौल में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की है।
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गांव में नहीं जले चूल्हे, शव आने का होता रहा इंतजार
नवरात्र के पहले दिन गांव में कई आयोजन होने थे। एक ही मोहल्ले के चार लोगों की मौत व चार के गंभीर घायल होने की जानकारी ने गांव का माहौल गमगीन कर दिया। देर रात तक शव आने की इंतजार होता रहा। सगे संबंधी घटना की जानकारी पर गांव पहुंचे। गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लाेगों को ढांढस बंधाते रहे।
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फोटो-13- सुरेश बाजपेई व तारा देवी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-14- राम सागर अवस्थी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-16- सुरेश सैनी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-17-गुलौली गांव की गलियो में पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-18-सुरेश बाजपेई के घर पर पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-19-सुरेश सैनी के घर पर गमगीन बैठी महिलाएं। संवाद
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गुलौली निवासी सुरेश वाजपेयी (70), उनकी पत्नी तारा (65), रामसागर अवस्थी (60), उनकी पत्नी कोमल (56), सुरेश सैनी (60), उनकी पत्नी प्रेमा देवी (55), प्रेम नारायण पांडेय (75), उनकी पत्नी ममता (70) पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के लिए चार सितंबर को गांव के रामू शर्मा की बोलेरो बुक करके बिहार के गया धाम गए थे।
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गांव के रामू पांडेय, शीतलेश अवस्थी, विजय शंकर दुबे, विशाल, अभिषेक व मुनीष पांडेय ने बताया कि मोहल्ले से आठ लोग गया के लिए गए थे। रविवार को पितृ पक्ष के समापन पर शाम को सभी लोग घर के लिए निकले थे। दोपहर तक घर लौटने वाले थे। गांव में उनके स्वागत के लिए तैयारियां कर ली गई थीं। सुबह 3:45 बजे के करीब हादसे में घायल प्रेमा देवी ने अपने घर फोन कर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद उनके परिजन रोने-बिलखने लगे। इससे ग्रामीणों की नींद टूटी। जानकारी के कुछ देर बाद ही परिजन व ग्रामीण निजी वाहनों से घटनास्थल के लिए चले गए। हादसे की जानकारी से गांव में मातम पसर गया।
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गुलौली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सुरेश वाजपेयी थलसेना से सेवानिवृत्त थे। उनके बेटे ब्रह्मनारायण व सागर परिवार के साथ कानपुर नगर के पनकी में रहते हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद वह पत्नी तारा के साथ गांव में रहकर खेती किसानी करते थे। साथ ही गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए मार्गदर्शन देते थे। पिंडदान करने के लिए गया जाने के दिन घर में ताला लगाने के दौरान वह पड़ोसियों से घर की रखवाली करने व जल्द गांव लौटने की बात कहकर निकले थे।
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बेटे को नहीं दी गई पिता की मौत की जानकारी
हादसे में जान गंवाने वाले गुलौली निवासी रामसागर अवस्थी के पास एक बीघा जमीन है। वह लोगों की जमीन बलकट पर लेकर खेती करते थे। बेटी मनु की शादी हो चुकी है। बेटा अर्पित (18) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। मनु ने बताया कि पिता रामसागर व मां कोमल चार सितंबर को गया के लिए निकले थे। भाई अर्पित की देखरेख के लिए पिता ने उसे घर बुला लिया था। गांव के बाहर विदा करने के दौरान पिता ने 22 सितंबर की दोपहर में लौटने की बात कही थी। सड़क हादसे ने उनसे पिता का साया छीन लिया। मां घायल हो गई हैं। पिता की मौत की जानकारी मिलने पर भाई बदहवास न हो जाए इसलिए उसे हादसे में माता-पिता के घायल होने की जानकारी दी।
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घायलों के घर मची रही चीख पुकार
हादसे में प्रेम नारायण पांडेय, उनकी पत्नी ममता, कोमल, प्रेमा देवी घायल हैं। घायलों के परिजन भी उनका हाल जानने के लिए घटनास्थल पहुंचे लोगों को फोन कर जानकारी लेते रहे। घायलों के घर भी चीख पुकार मची रही। प्रेम नारायण के घर के बाहर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि प्रेम नारायण खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। ग्रामीणों में चर्चा रही कि जिस समय सोमवार तड़के हादसा हुआ उस समय प्रेम नारायण खराब कार में पत्नी के साथ लेटे थे। पास में प्रेमा व कोमल खड़ी थीं। जबकि पास में अन्य लोग बैठे थे। माता, पिता के घायल होने पर बेटे कल्लू व छोटू परिजन व ग्रामीणों के साथ प्रयागराज चले गए हैं।
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कार चालक मौके पर पहुंचकर करता मदद तो बच जाती जान
सुरेश सैनी की बेटी पूजा ने चालक पर लगाया फोन बंद करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सरवनखेड़ा। प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के बिगाहियां पुल के पास हुए हादसे में गुलौली निवासी चार लोगों की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वाले सुरेश सैनी की बेटी ने चालक पर मोबाइल बंद करने का आरोप लगाया है। कहा कि हादसे के बाद चालक मौके पर पहुंचकर साथियों का साथ देता तो समय से इलाज मिल जाता और किसी न किसी की जान बच जाती।
सुरेश की मौत की खबर पर उनके घर में मातम पसर गया। बेटी पूजा ने बताया कि वह छह भाई-बहन हैं। बहन वर्षा, सोनम, आरती व भाई गोविंद की की शादी हो चुकी है। वह व बहन अर्चना अविवाहित हैं। पूजा ने बताया कि सुबह 3:45 बजे के करीब मां प्रेमा देवी ने उनके पास फोन करके हादसे के बारे में बताया था।
मां ने बताया कि रास्ते में उनकी गाड़ी खराब हो गई थी। रात में सड़क वीरान होने के चलते सभी लोग बोलेरो को धक्का लगाते हुए किसी गांव के पास ले जा रहे थे। थकान अधिक हो जाने पर सोरांव के बिगाहियां पुल के पास बोलेरो को किराने खड़ी करके आराम करने लगे। इसके बाद चालक रामू शर्मा मैकेनिक लेने के लिए गांव की ओर चला गया। उनमें से कुछ लोग कार में लेट गए थे और कुछ लोग पास में जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए थे। सुबह 3:15 बजे के करीब तेज रफ्तार ट्रक सड़क पर लेटे हुए लोगों को कुचलते हुए कार से टकरा गया।
हादसा होने के बाद चालक मौके पर नहीं पहुंचा। उसके फोन बंद हो गया। इसके चलते हादसे में घायल लोग घटनास्थल पर तड़पते रहे। करीब 3:50 पर राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पिता सुरेश सैनी सहित चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पूजा ने आरोप लगाया कि यदि चालक मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद करता तो हादसे में पिता सहित गांव के चार लोगों की जान बच सकती थी। उसने भी कई बार चालक को फोन लगाने का प्रयास किया मगर उसका फोन बंद आता रहा।
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दुर्गा महोत्सव में पंडाल सजाने गया था सुरेश का बेटा
सुरेश की मौत व उनकी पत्नी प्रेमा देवी के घायल होने पर बेटी पूजा, अर्चना, बहू राधा, बहन सुशमा, शांति का रो-रो कर बुरा हाल है। पूजा ने बताया कि पिता पूजा के लिए फूल बेचने व आयोजनों में सवाजट का काम करते थे। उनका सहयोग भाई गोविंद करता था। रविवार शाम को गोविंद पास के गांव में आयोजित दुर्गा महोत्सव में पंडाल सजाने गया था। सुबह जानकारी होने पर भाई घर लौट कर आया और परिजन के साथ घटनास्थल की ओर चला गया।
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गांव में आयोजित दुर्गा महोत्सव से हटा लिए गए लाउड स्पीकर
गुलौली गांव में चालक रामू शर्मा के घर के सामने दुर्गा महोत्सव का आयोजन किया गया। इसको लेकर रात में ही लोगों पंडाल सजाने के साथ लाउड स्पीकर व अन्य व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया था। सोमवार सुबह हादसे में गांव के चार लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। आयोजकों ने भी कार्यक्रम स्थल से लाउड स्पीकर हटा दिए और शांतिपूर्ण माहौल में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की है।
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गांव में नहीं जले चूल्हे, शव आने का होता रहा इंतजार
नवरात्र के पहले दिन गांव में कई आयोजन होने थे। एक ही मोहल्ले के चार लोगों की मौत व चार के गंभीर घायल होने की जानकारी ने गांव का माहौल गमगीन कर दिया। देर रात तक शव आने की इंतजार होता रहा। सगे संबंधी घटना की जानकारी पर गांव पहुंचे। गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लाेगों को ढांढस बंधाते रहे।
फोटो-13- सुरेश बाजपेई व तारा देवी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-14- राम सागर अवस्थी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-16- सुरेश सैनी की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो-17-गुलौली गांव की गलियो में पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-18-सुरेश बाजपेई के घर पर पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-19-सुरेश सैनी के घर पर गमगीन बैठी महिलाएं। संवाद