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विद्यालय की छत से गिरकर दृष्टिबाधित छात्र की मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप
Wed, 30 Jan 2019 11:42 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 30 Jan 2019 11:42 PM IST
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यूपी के चित्रकूट जिले में खोही कामतन स्थित तुलसी प्रज्ञा चक्षु मूक बधिर उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय की छत पर टहल रहा दृष्टि बाधित छात्र अचानक संतुलन बिगड़ने से जमीन पर गिर पड़ा। कुछ ही देर में उसकी मौके पर मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर पहुंचे परिजनों के साथ विद्यालय के अन्य छात्रों ने हंगामा किया। सभी ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना वार्डन व सुरक्षा के विद्यालय चल रहा है।
जिले की सीमा से सटे नयागांव थाने के कामतन मार्ग पर संचालित विद्यालय में दृष्टिबाधित छात्र बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के सेमरदहा निवासी आनंद मिश्रा पुत्र अनिल कुमार कक्षा पांच में पढ़ता है। वह विद्यालय के आवासीय परिसर में रहता है।
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जिले की सीमा से सटे नयागांव थाने के कामतन मार्ग पर संचालित विद्यालय में दृष्टिबाधित छात्र बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के सेमरदहा निवासी आनंद मिश्रा पुत्र अनिल कुमार कक्षा पांच में पढ़ता है। वह विद्यालय के आवासीय परिसर में रहता है।
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प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया निराधार
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार की सुबह वह अचानक छत पर पहुंच गया और टहलने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। बैरीकेडिंग या सपोर्ट रेलिंग न होने से छात्र सीधे जमीन पर गिरा। लहूलुहान छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे परिजनों और छात्रों ने कहा कि चपरासी व चौकीदार के सहारे ही यह विद्यालय चल रहा है। यहां कोई वार्डन और अन्य सुरक्षा नहीं है। हंगामे की जानकारी होते ही नया गांव थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पांच डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने सभी को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक निर्मला वैष्णव ने लापरवाही के सभी आरोपों को गलत बताया है।
मौके पर पहुंचे परिजनों और छात्रों ने कहा कि चपरासी व चौकीदार के सहारे ही यह विद्यालय चल रहा है। यहां कोई वार्डन और अन्य सुरक्षा नहीं है। हंगामे की जानकारी होते ही नया गांव थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पांच डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने सभी को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक निर्मला वैष्णव ने लापरवाही के सभी आरोपों को गलत बताया है।