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इंटरनेट से बदलेगी गांवों की दशा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 10 Apr 2017 08:53 AM IST
सार
- पीएसआईटी के सेमिनार में देशभर के तकनीकी और रक्षा विशेषज्ञों ने किया मंथन
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विस्तार
इंटरनेट से अब काफी काम आसान हो गए हैं। इसने पूरी दुनिया को विकास का नया स्वरूप प्रदान किया है। अब जरूरत है कि इसकी मदद से गांवों की दशा को बदला जाए। भारत के ग्रामीण इलाकों को विकसित किया जाए। ये बातें रविवार को पीएसआईटी और इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेली कम्यूनिकेशन इंजीनियर्स (आईईटीई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए 48वें ‘मिड टर्म सिम्पोजियम’ सेमिनार में देशभर से जुटे विशेषज्ञों ने कहीं।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने इंटरनेट को कैसे और सुविधाजनक बनाया जाए, इस पर मंथन किया। इंटरनेट यूजर के डाटा की सुरक्षा पर भी बल दिया। तकनीकी सत्र में इंटरनेट से जुड़े विभिन्न मुद्दों के 33 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। डा. सुजॉय भट्टाचार्या, प्रो. वाईएन सिंह, स्मृति डांगुरी, विजय कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
डाटा को सुरक्षित करने का तरीका बताया
इंटरनेट यूज करने वाले लोग अपने डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं। सेमिनार में रिसर्च पेपर प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी अमेरिकी बेस्ड कंपनी अवास्ट के महेश खेरा ने दी। उन्होंने इंटरनेट ऑफ एव्रीथिंग एंड सिक्योरिटी ऑफ डिवाइसिस पर अपने रिसर्च पेपर पेश किए।
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सुरक्षा लहजे से खुद भी रहें सतर्क
सेमिनार में लेफ्टिनेंट डा. राजेश पंत ने सिक्योरिटी इश्यु ऑन इंटरनेट ऑफ एव्रीथिंग पर व्याख्यान दिया। बोले, इंटरनेट की उपयोगिता काफी बढ़ गई है, ऐसे में साइबर क्राइम के भी चांस काफी ज्यादा है। इसलिए इंटरनेट यूज करने वाले खुद भी सावधानी बरतेंगे तो वह इन क्राइम से बच पाएंगे।
इंडस्ट्री और रिसर्च स्कॉलरों के बीच की दूरी होगी कम
सेमिनार के समापन समारोह में पीएसआईटी की प्रबंध निदेशक शेफाली राज मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार से इंडस्ट्री और रिसर्च स्कॉलर के बीच की दूरियों में कमी आएगी। सेक्रेटरी जनरल आईईटीई डा. पीके जगिया, डा. स्वर्णा रवींद्र, उदय वैंकट राव, आरएस चौहान, प्रो. जीके लक्ष्मी नारायण, जी रामेश, प्रो. एससी रुद्रा आदि मौजूद रहे।
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सेमिनार में विशेषज्ञों ने इंटरनेट को कैसे और सुविधाजनक बनाया जाए, इस पर मंथन किया। इंटरनेट यूजर के डाटा की सुरक्षा पर भी बल दिया। तकनीकी सत्र में इंटरनेट से जुड़े विभिन्न मुद्दों के 33 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। डा. सुजॉय भट्टाचार्या, प्रो. वाईएन सिंह, स्मृति डांगुरी, विजय कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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डाटा को सुरक्षित करने का तरीका बताया
इंटरनेट यूज करने वाले लोग अपने डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं। सेमिनार में रिसर्च पेपर प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी अमेरिकी बेस्ड कंपनी अवास्ट के महेश खेरा ने दी। उन्होंने इंटरनेट ऑफ एव्रीथिंग एंड सिक्योरिटी ऑफ डिवाइसिस पर अपने रिसर्च पेपर पेश किए।
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सुरक्षा लहजे से खुद भी रहें सतर्क
सेमिनार में लेफ्टिनेंट डा. राजेश पंत ने सिक्योरिटी इश्यु ऑन इंटरनेट ऑफ एव्रीथिंग पर व्याख्यान दिया। बोले, इंटरनेट की उपयोगिता काफी बढ़ गई है, ऐसे में साइबर क्राइम के भी चांस काफी ज्यादा है। इसलिए इंटरनेट यूज करने वाले खुद भी सावधानी बरतेंगे तो वह इन क्राइम से बच पाएंगे।
इंडस्ट्री और रिसर्च स्कॉलरों के बीच की दूरी होगी कम
सेमिनार के समापन समारोह में पीएसआईटी की प्रबंध निदेशक शेफाली राज मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार से इंडस्ट्री और रिसर्च स्कॉलर के बीच की दूरियों में कमी आएगी। सेक्रेटरी जनरल आईईटीई डा. पीके जगिया, डा. स्वर्णा रवींद्र, उदय वैंकट राव, आरएस चौहान, प्रो. जीके लक्ष्मी नारायण, जी रामेश, प्रो. एससी रुद्रा आदि मौजूद रहे।