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Kanpur News: बीच रास्ते में तखत डालकर बैठे ग्रामीण, छह घंटे तक बंद रहा सट्टी मार्ग
Fri, 07 Mar 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:38 AM IST
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राजपुर (कानपुर देहात)। सट्टी मार्ग से ओवरलोड बालू लदे ट्रक निकलने का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने सुबह 9 बजे रास्ता जाम कर दिया। जिम्मेदार अफसरों को मौके पर बुलाने व वाहनों का आवागन बंद कराने की मांग कर विरोध शुरू कर दिया। दोपहर तीन बजे तक ग्रामीण तखत डाल कर रास्ता बंद किए रहे। इससे सड़क के दोनों ओर 50 से अधिक डंपर रुके रहे।
भोगनीपुर तहसील के निबर्री व खरका बालू घाटों का संचालन शुरू हो गया है। यमुना नदी के इन घाटों का रास्ता सट्टी गांव के अंदर से होकर जाता है। गांव में सड़क किनारे प्राइमरी स्कूल, आदर्श जूनियर हाईस्कूल व अहिल्याबाई मांटेसरी स्कूल हैं। घाटों से बालू लेकर डंपर, ट्रक इसी रास्ते से गुजरते हैं। इससे उड़ने वाली धूल से स्कूली बच्चों के साथ ही बस्ती के लोग परेशान हैं। बच्चों व अभिभावकों को हादसे का भी डर बना रहता है। क्षेत्र के स्कूली बच्चों के साथ ही अभिभावकों और बस्ती के लोगों ने कई बार इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार अफसरों से लगाई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनीं।
गुरुवार को ग्रामीणों ने सुबह बालू लादकर जा रहे ट्रकों को रोककर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कुछ महिलाएं व पुरुष एक तखत बीच रास्ते में डाल कर सट्टी-कमलपुर जाने वाला मार्ग को बंद कर दिया। ग्रामीण समस्या समाधान तक न हटने पर अड़े रहे। इधर गांव के रास्ते पर कई बालू लदे डंपर फंसे होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई भारी वाहन नहीं गुजर सके। हालांकि दो पहिया वाहन व चार पहिया वाहन अन्य रास्तों से आते जाते रहे।
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सूचना पर सट्टी प्रधान इरफान अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी बस्ती व स्कूलों के सामने से बालू से लदे वाहनों का आवागमन बंद करने की मांग पर अड़े रहे। इस पर ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। शाम को एसडीएम भोगनीपुर जितेंद्र कटियार व सीओ संजय सिंह दलबल के साथ सट्टी पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर रास्ते से हटाया। शाम पांच बजे यातायात सामान्य हो सका। सीओ संजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। खनन ठेकेदारों को निर्धारित रूट से बालू लदे वाहन निकलने के निर्देश दिए गए हैं।
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ओवरलोड बालू लदे वाहनों से हो रहे हादसे
राजपुर। सट्टी के ग्रामीणों ने बताया घनी आबादी के बीच से होकर ओवरलोड ट्रक निकलते हैं। ऐसे में कई बार आबादी से निकलने के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। 17 फरवरी को सट्टी की मड़ैया के प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक को ओवरलोड बालू लदे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिससे वह घायल हो गए थे। इधर मंगलवार रात बालू घाट से बालू लेकर आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर गांव के पप्पू पाल के घर में घुस गया था। गनीमत रही गृहस्वामी परिजनों के साथ घर के दूसरे हिस्से में सो रहे थे। हादसे में घर का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। गांव के सुनील पाल, सौरभ पाल, खुशबू, कमला, मुस्तफा आलम आदि लोगों ने बताया कि नियमों की अनदेखी कर ओवरलोड डंपर तेजी से गुजरते हैं। इससे हादसे का डर बना रहता है। (संवाद)
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भोगनीपुर तहसील के निबर्री व खरका बालू घाटों का संचालन शुरू हो गया है। यमुना नदी के इन घाटों का रास्ता सट्टी गांव के अंदर से होकर जाता है। गांव में सड़क किनारे प्राइमरी स्कूल, आदर्श जूनियर हाईस्कूल व अहिल्याबाई मांटेसरी स्कूल हैं। घाटों से बालू लेकर डंपर, ट्रक इसी रास्ते से गुजरते हैं। इससे उड़ने वाली धूल से स्कूली बच्चों के साथ ही बस्ती के लोग परेशान हैं। बच्चों व अभिभावकों को हादसे का भी डर बना रहता है। क्षेत्र के स्कूली बच्चों के साथ ही अभिभावकों और बस्ती के लोगों ने कई बार इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार अफसरों से लगाई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनीं।
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गुरुवार को ग्रामीणों ने सुबह बालू लादकर जा रहे ट्रकों को रोककर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कुछ महिलाएं व पुरुष एक तखत बीच रास्ते में डाल कर सट्टी-कमलपुर जाने वाला मार्ग को बंद कर दिया। ग्रामीण समस्या समाधान तक न हटने पर अड़े रहे। इधर गांव के रास्ते पर कई बालू लदे डंपर फंसे होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई भारी वाहन नहीं गुजर सके। हालांकि दो पहिया वाहन व चार पहिया वाहन अन्य रास्तों से आते जाते रहे।
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सूचना पर सट्टी प्रधान इरफान अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी बस्ती व स्कूलों के सामने से बालू से लदे वाहनों का आवागमन बंद करने की मांग पर अड़े रहे। इस पर ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। शाम को एसडीएम भोगनीपुर जितेंद्र कटियार व सीओ संजय सिंह दलबल के साथ सट्टी पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर रास्ते से हटाया। शाम पांच बजे यातायात सामान्य हो सका। सीओ संजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। खनन ठेकेदारों को निर्धारित रूट से बालू लदे वाहन निकलने के निर्देश दिए गए हैं।
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ओवरलोड बालू लदे वाहनों से हो रहे हादसे
राजपुर। सट्टी के ग्रामीणों ने बताया घनी आबादी के बीच से होकर ओवरलोड ट्रक निकलते हैं। ऐसे में कई बार आबादी से निकलने के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। 17 फरवरी को सट्टी की मड़ैया के प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक को ओवरलोड बालू लदे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिससे वह घायल हो गए थे। इधर मंगलवार रात बालू घाट से बालू लेकर आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर गांव के पप्पू पाल के घर में घुस गया था। गनीमत रही गृहस्वामी परिजनों के साथ घर के दूसरे हिस्से में सो रहे थे। हादसे में घर का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। गांव के सुनील पाल, सौरभ पाल, खुशबू, कमला, मुस्तफा आलम आदि लोगों ने बताया कि नियमों की अनदेखी कर ओवरलोड डंपर तेजी से गुजरते हैं। इससे हादसे का डर बना रहता है। (संवाद)