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करोड़ों के फर्जीवाड़े के आरोपी विक्रम कोठारी को हाई कोर्ट से मिली ये बड़ी राहत

Sat, 12 Jan 2019 02:17 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 12 Jan 2019 02:17 PM IST
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Vikram Kothari accused of crores of forgery for eight weeks interim bail
रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी
पांच विभिन्न बैंकों से तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार रोटोमैक पेन बनाने वाली कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने आठ सप्ताह की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है।
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कोठारी को यह जमानत इलाज कराने के लिए मिली है। अदालत ने कोठारी को जमानत कर छूटने से पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करने और जमानत अवधि में अपनी गतिविधियों की जानकारी देते रहने के निर्देश दिए हैं।
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Vikram Kothari accused of crores of forgery for eight weeks interim bail
रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी
न्यायमूर्ति अताउर्रहमान मसूदी ने पक्षकारों को सुनने बाद कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों की रिपोर्ट से जाहिर होता है कि वादी गंभीर रूप से बीमार है और उसकी सर्जरी होनी है। आरोपी को इसकी सुविधा दिया जाना उचित है। आरोपी गिरफ्तार होने के बाद से न्यायिक हिरासत में था जिस दौरान उसका स्वास्थ्य लगातार खराब होता चला गया।

कोठारी को सीबीआई ने 23 फरवरी 2018 में गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसके बेटे राहुल को पूर्व में जमानत दे दी थी हालांकि विक्रम कोठारी द्वारा पूर्व में दी गई जमानत की अर्जी को अदालत ने ठुकरा दिया था।

Vikram Kothari accused of crores of forgery for eight weeks interim bail
रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी
रोटोमैक पेन बनाने वाली कंपनी ग्लोबल इंडिया लिमिटेड के मालिक के खिलाफ पहले बैंक आफ बड़ौदा ने शिकायत की थी। यह सामने आया था कि कंपनी ने पांच बैंकों से तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का लोन लिया पर उसे चुकाने में आनाकानी करती रही।

इतना ही नहीं लोन लेने के लिए जो उद्देश्य दिखाया गया था उसके बजाए कर्ज की राशि को दूसरे मदों में व्यय किए जाने का भी आरोप था। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया हुआ है।
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