बिकरू कांड: फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले में हुई जिरह, गवाहों ने खुशी दुबे को पहचानने से किया इनकार
बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि एसआईटी संस्तुति पर पहले ही संदेह जाहिर किया था। एसआईटी जांच तथ्यों से परे रही है। उसकी संस्तुतियां विधिक रूप से मान्य नहीं होनी चाहिए थी लेकिन इसके बाद भी निर्दोषों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई।
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बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे पर फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले में गवाहों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। सोमवार को दोनों गवाहों से जिरह पूरी कर ली गई। अब सुनवाई की तिथि 31 मई तय की गई है।
बिकरू कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी को मुख्य मामले में आरोपी बनाया गया है। साथ ही उस पर फर्जी आईडी से सिम लेने की रिपोर्ट भी चौबेपुर इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई थी। इसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। फर्जी सिम मामले में सोमवार दोनों गवाह संतराम व महेश से बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने जिरह की। इस दौरान पुलिस के दोनों गवाहों ने खुशी दुबे को पहचानने से इनकार किया। साथ की कोर्ट के समक्ष कहा कि खुशी के संबंध में पुलिस ने कोई बयान नहीं लिए हैं।
बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने सुनवाई की तिथि दो जून तय की है। इसी कोर्ट में कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा पर दर्ज फर्जी आईडी से सिम लेने की सुनवाई हो रही है। इस मामले में भी कोर्ट ने दो जून की तिथि तय की है। वहीं मुख्य मामले में आरोपी बनाई गई खुशी की सुनवाई एडीजे 13 पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही है। वहां दो जून तिथि तय की गई है।