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विधानसभा विशेषाधिकारी हनन मामला: डी-टू गैंग का किया सफाया, मिला राष्ट्रपति पदक, अब एक दिन की जेल

Sat, 04 Mar 2023 10:01 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 04 Mar 2023 10:01 AM IST
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Vidhansabha Privilege Violation Case
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विशेषाधिकारी हनन के मामले में फंसे तत्कालीन किदवईनगर थाना प्रभारी ऋषिकांत शुक्ला ने शहर में तैनाती के दौरान डी-टू गैंग का सफाया किया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कुल 22 कुख्यात बदमाशों का एनकाउंटर किया था। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

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कानपुर के रॉबिन हुड कहे जाने वाले वर्तमान में उन्नाव में तैनात डिप्टी एसपी क्राइम ऋषिकांत शुक्ला को अब एक दिन की जेल की सजा सुनाई गई है। सितंबर 2004 में शहर के तत्कालीन विधायक (वर्तमान विधान परिषद सदस्य) सलिल विश्नोई ने विद्युत आपूर्ति को लेकर धरना प्रदर्शन किया था।
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उसी दौरान तत्कालीन सीओ बाबूपुरवा अब्दुल समद, तत्कालीन थाना प्रभारी किदवईनगर ऋषिकांत शुक्ला, तत्कालीन काकादेव एसआई त्रिलोकी सिंह, कांस्टेबल छोटे सिंह, विनोद मिश्रा व कांस्टेबल मेहरबान यादव ने उनपर लाठीचार्ज करकेघायल कर दिया था। मामले में सभी छह पुलिस कर्मियों को दोषी करार देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें एक दिन के कारावास की सजा सुनाई है।

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विधानसभा की विशेषाधिकारी समिति ने भले ही पांचों पुलिसकर्मियों को दोषी कारार दिया हो, लेकिन इन पुलिसकर्मियों की धाकड़ कार्यशैली के चलते उस वक्त इन्हें विभाग का रॉबिन हुड कहा जाता था। 1997 बैच के एसआई ऋषिकांत शुक्ला वर्ष 1999 से 2005 और 2008-09 तक नौबस्ता, कोहना, काकादेव, किदवईनगर समेत शहर के कई थानों में थाना प्रभारी रहे। उन्होंने डी-टू गैंग के सरगना तौफीक अहमद उर्फ बिल्लू व रफीक को एनकाउंटर में मार गिराया था। मुन्ना बजरंगी (जेल में हत्या हो चुकी) के शूटर अमित राय और चिंटू सिंह का 2007 में किदवईनगर स्थित संजय वन के पास एनकाउंटर किया था। अजय कंजा, तन्नू पासी, राजेश करिया, इरफान चिकना, नफीस चौड़ा समेत 22 बदमाशों का एनकाउंटर करके अपराधियों में दहशत कायम कर दी थी।

 

हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर दर्ज हो चुकी रिपोर्ट
विशेषाधिकारी हनन से पहले भी सीओ ऋषिकांत शुक्ला कानूनी पचड़े में फंस चुके हैं। वर्ष 2018 में उनकी तैनाती कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में थी। एक हत्याकांड में विवेचना में लापरवाही बरतने पर सीबीसीआईडी के निरीक्षक हरेराम सिंह यादव ने उनके खिलाफ 2022 में  धारा 217 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस वक्त उनकी तैनाती झांसी में सीओ के पद पर थी।

वर्तमान में तैनाती
डिप्टी एसपी अब्दुल समद पुलिस विभाग छोड़कर प्रशासनिक सेवा में चले गए थे। वह आईएएस से सेवानिवृत्त हुए थे। इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला इस समय सीओ क्राइम उन्नाव हैं। कांस्टेबल विनोद मिश्रा फतेहपुर में इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। कांस्टेबल मेहरबान सिंह वर्तमान में फर्रुखाबाद में एसआई के पद पर तैनात हैं।
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