फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Video of the headmistress in Kannauj goes viral

Kannauj: प्रधानाध्यापिका बोली- जब मैं चाहूंगी, तब होगा ट्रांसफर, पांच-छह लाख रुपये में होते हैं तबादले

Sat, 08 Oct 2022 08:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 08 Oct 2022 08:08 PM IST
सार

जलालाबाद ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल गोवा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनकी बातें विभाग में फैले भ्रष्टाचार के स्तर को बता रही हैं। बीएसए ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो की जांच कराई जाएगी।

विज्ञापन
Video of the headmistress in Kannauj goes viral
वायरल वीडियो में बोलती प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रिया सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कन्नौज जिले में ब्लॉक जलालाबाद क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल गोवा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रिया सिंह बघेल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह ग्रामीणों से कह रही हैं कि पांच-छह लाख रुपये में शिक्षकों का तबादला होता है। इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने जांच कराने की बात कही है।

विज्ञापन

दरअसल, 16 सितंबर को ग्राम पंचायत गोवा के ग्रामीणों शीलू तिवारी, सुनील दुबे, सोनेलाल, कृष्ण कुमार दुबे, संजीव कुमार, धर्मेंद्र कुमार, शानू राठौर, शिवम तिवारी व रंजीत कुमार ने विधान परिषद सदस्य बनवारी लाल दोहरे को शिकायती पत्र दिया था। उसमें आरोप लगाया गया था कि विद्यालय का माहौल राजनीति की वजह से खराब है।
विज्ञापन

बच्चों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। मिड-डे मील की गुणवत्ता ठीक नहीं है, फल भी समय से नहीं बांटे जाते हैं। प्रधान भी इसमें मिले हैं। इसलिए प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रिया सिंह बघेल को हटाया जाए। इसकी जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापक को हुई, तो उन्होंने शिकायती पत्र में हस्ताक्षर करने वाले सभी ग्रामीणों को स्कूल में बुलाया। बातचीत का वीडियो भी बनाया गया, जो वायरल हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रिया सिंह बघेल का कहना है कि गांव की राजनीति के चलते कुछ लोग मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। पिछले साल हुए प्रधान पद के चुनाव को लेकर फंसाया जा रहा है। जात-पात के आरोप बेबुनियाद हैं। स्कूल में करीब 50 बच्चे थे, जो चार सालों में 250 हो गए है। यह मेहनत का ही नतीजा है।

वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापिका बोलीं...
वायरल वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापिका ग्रामीणों से कह रहीं हैं कि स्कूल आकर खाना चेक करिए, फल न बंटे तो देखिए। आगे हाथ जोड़कर कहती हैं कि राजनीति मुद्दों को स्कूल से बाहर रखिए। शिकायती पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले ग्रामीणों से प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने कहा कि वह लोग प्रतिदिन विद्यालय आएं और शिक्षण व्यवस्था भी चेक करें।

भीड़ में मौजूद शिवम तिवारी का नाम लेकर कहा कि अगर हमसे कोई दिक्कत हो, तो सब लोग मिलकर बोल देना मैडम आपसे दिक्कत है। मैं खुशी-खुशी अपना ट्रांसफर रुपये देकर करा लूंगी। ट्रांसफर ऐसे नहीं होता है, पांच-छह लाख रुपये पड़ते हैं... शिवम भैया, वह भी तब जब ट्रांसफर आते हैं तब। आप लोग चाहे तो करवा दें, क्योंकि दो महीने बाद मेरी शादी है। हम खुद यहां से जाना चाहते हैं, जहां जाएंगे तनख्वाह मिलेगी, ऐसा ही काम करेंगे।

मेरे पास भी वीडियो आ गया है। उसे देखा है और जांच कराई जाएगी। प्रभारी प्रधानाध्यापिका से पूछा जाएगा कि आखिर कौन रुपये ले रहा है या किसे दिए हैं। सरकारी कर्मचारी या अधिकारी कौन शामिल है। विभाग की छवि वायरल वीडियो से धूमिल हुई है।  -कौस्तुभ सिंह, बीएसए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed