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ये हैं हाल: महिलाओं के नाम पर वाहन छह लाख, डीएल एक लाख के पास…इन कारणों से पीछे हट रही हैं महिलाएं

Sat, 22 Feb 2025 04:17 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 22 Feb 2025 04:17 PM IST
सार

Kanpur News: शहर में पंजीकृत कुल वाहन 18, 28, 871 हैं, जिसमें 35 फीसदी महिलाओं के नाम वाहन पंजीकृत हैं। 17,14,758 ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं, जिसमें 15, 96,543 पुरुषों और 1,18,215 महिलाओं के लाइसेंस हैं।

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Vehicles in the name of women are six lakhs DL is one lakh women are backing out due to these reasons
सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर शहर की महिलाएं बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने में आगे हैं। शहर में महिलाओं के नाम पर छह लाख 40 हजार 104 दोपहिया और चार पहिया वाहन हैं। हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ एक लाख 18 हजार 215 महिलाओं ने ही बनवाए हैं। बाकी बगैर डीएल वाहन चला रही हैं। शहर में महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या पुरुषों की तुलना में भी काफी कम है।

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इसके पीछे कई कारण हैं। जागरूकता की कमी, पारिवारिक दबाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण महिलाएं डीएल बनवाने से कतराती हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में कुल लाइसेंस धारकों में महिलाओं का प्रतिशत मात्र छह है। शहर में पंजीकृत कुल वाहन 18, 28, 871 हैं, जिसमें 35 फीसदी महिलाओं के नाम वाहन पंजीकृत हैं।
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विभाग की तरफ से चलाए जा रहे हैं कई अभियान
17,14,758 ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं, जिसमें 15, 96,543 पुरुषों और 1,18,215 महिलाओं के लाइसेंस हैं। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पीछे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि ड्राइविंग एक महत्वपूर्ण कौशल है और यह उनकी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के लिए बहुत जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को ड्राइविंग के प्रति जागरूक करने के लिए कई अभियान विभाग की तरफ से चलाए जा रहे हैं।

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महिलाओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी हवाला दिया
इसके साथ ही परिवारों को भी अपनी बेटियों और पत्नियों को ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस संबंध में कुछ महिलाओं ने बताया कि वे ड्राइविंग सीखना चाहती हैं, लेकिन उनके परिवार वाले उन्हें इसकी अनुमति नहीं देते हैं। कुछ महिलाओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी हवाला दिया। हालांकि, कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है और वे अब वाहन चला रही हैं।

डीएल बनवाने वाली महिलाओं की संख्या
2022 -6529
2023 -7074
2024 -11,329

ये भी हैं कारण

  • सुरक्षा वजहों से भी महिलाओं का डीएल बनवाने से लोग कतराते हैं।
  • पारिवारिक दबाव के चलते भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं लाइसेंस बनवाने में पीछे रह जाती हैं।
  • विशेष अवसर पर लोग महिलाओं को गिफ्ट देने के लिए उनके नाम गाड़ी तो खरीदते हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस अपने नाम बनवाते हैं।
  • पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की डीएल चेकिंग में पुलिस आमतौर पर शिथिलता बरतती हैं।
  • जागरूकता की कमी भी एक वजह मानी जा रही है।

मुख्यालय की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन किया जाता है। महिलाओं के लिए कार्यालय में अलग से हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। वहां पर जो भी महिलाएं आती हैं, उनका प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाता है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए महिला कॉलेजों में शिविर लगाकर जागरूक किया जा रहा है। धीरे-धीरे डीएल बनवाने में महिलाओं का प्रतिशत भी बढ़ेगा।  -आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन

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