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शौचालय निर्माण में घपला, वीडीओ निलंबित
अमर उजाला ब्यूूराो, कानपुर देहात।
Updated Sat, 30 Jan 2016 01:10 AM IST
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प्रमुख सचिव पंचायतीराज को 13 जनवरी को लोहिया ग्राम दुर्गापुरवा
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मेें निरीक्षण के दौरान शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी और अनियमितता
मिलने पर शुक्रवार को ग्राम विकास अधिकारी और पूर्व प्रधान पर एफआईआर दर्ज
कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद वीडीओ को निलंबित भी कर दिया। मामले में जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी व पूर्व प्रधान शौचालय निर्माण के दौरान हेराफेरी कर लिए गए 3,4800 रुपये वसूलने के आदेश भी दिए हैं।
बताते चलें कि पिछली 13 जनवरी को प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल तिवारी ने अकबरपुर तहसील क्षेत्र के 1084 आबादी व 212 परिवारों के लोहिया ग्राम दुर्गापुरवा का निरीक्षण किया था। इस दौरान शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी व भारी अनियमितता पाई गई, जिसे देखकर प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने ग्राम विकास अधिकारी को कड़ी फटकार भी लगाई।
विभागीय जानकारी के अनुसार दुर्गापुरवा में 4600 रुपये लागत से 63 शौचालय और 12 हजार की लागत से 65 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए करीब 10,69,800 रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई थी।
आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत सचान और तत्कालीन प्रधान मिथलेश सचान ने 3,4800 रुपये की हेराफेरी कर शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव को 58 शौचालय ही पूरे मिले थे। जबकि, 15 शौचालय कागजों पर ही पूरे मिले।
इसी मामले मेें प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह को मामले की रिपोर्ट भेजी। जिस पर जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत सचान व पूर्व प्रधान मिथलेश सचान पर शौचालय निर्माण मेें अनियमितता व गबन का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने का आदेश कर रमाकांत को निलंबित कर दिया। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी व पूर्व प्रधान द्वारा गबन किए किए 3,4800 रुपयों मेें से आधी-आधी धनराशि वसूलने का आदेश जारी किए।
इसके बाद वीडीओ को निलंबित भी कर दिया। मामले में जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी व पूर्व प्रधान शौचालय निर्माण के दौरान हेराफेरी कर लिए गए 3,4800 रुपये वसूलने के आदेश भी दिए हैं।
बताते चलें कि पिछली 13 जनवरी को प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल तिवारी ने अकबरपुर तहसील क्षेत्र के 1084 आबादी व 212 परिवारों के लोहिया ग्राम दुर्गापुरवा का निरीक्षण किया था। इस दौरान शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी व भारी अनियमितता पाई गई, जिसे देखकर प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने ग्राम विकास अधिकारी को कड़ी फटकार भी लगाई।
विभागीय जानकारी के अनुसार दुर्गापुरवा में 4600 रुपये लागत से 63 शौचालय और 12 हजार की लागत से 65 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए करीब 10,69,800 रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई थी।
आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत सचान और तत्कालीन प्रधान मिथलेश सचान ने 3,4800 रुपये की हेराफेरी कर शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव को 58 शौचालय ही पूरे मिले थे। जबकि, 15 शौचालय कागजों पर ही पूरे मिले।
इसी मामले मेें प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह को मामले की रिपोर्ट भेजी। जिस पर जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत सचान व पूर्व प्रधान मिथलेश सचान पर शौचालय निर्माण मेें अनियमितता व गबन का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने का आदेश कर रमाकांत को निलंबित कर दिया। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी व पूर्व प्रधान द्वारा गबन किए किए 3,4800 रुपयों मेें से आधी-आधी धनराशि वसूलने का आदेश जारी किए।