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वैष्णो देवी हादसा: नए साल पर दर्शन करने गए जीजा-साले की भगदड़ में गई जान, प्लेन से आएंगे शव
Sat, 01 Jan 2022 02:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Jan 2022 02:29 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मचने से कानपुर से दर्शन करने गए दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। साथ गए लोगों ने दोनों के परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी है।
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वैष्णो देवी भगदड़ में नरेंद्र और महेंद्र की मौत
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वैष्णो देवी मंदिर परिसर में शुक्रवार देर रात मची भगदड़ में शहर के दो लोगों (जीजा-साले) की मौत हो गई। जब भगदड़ की खबर मिली तो परिजनों ने वहां गए अन्य लोगों से बातचीत की। तब दोनों की मौत की पुष्टि हुई तो यहां कोहराम मच गया। प्लेन से शव कानपुर लाए जाएंगे।
बिधनू के काकोरी गांव निवासी नरेंद्र कश्यप (38) पनकी गंगागंज निवासी साले महेंद्र गौड़ (29) के साथ 29 दिसंबर की रात वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए ट्रेन से जम्मू गए थे। उनके साथ महेंद्र के मोहल्ले के रहने वाले अजय कुमार, शिवम, प्रियांशु, कल्लू, राहुल व रसूलाबाद निवासी दो अन्य लोग भी थे। कुल 9 लोगों ने 31 दिसंबर की रात में वैष्णों देवी मंदिर में दर्शन किए।
उसके बाद भैरव बाबा मंदिर दर्शन करने के लिए रवाना हुए। इसी दौरान रात करीब दो बजे भगदड़ मच गई। एक-एक कर ये सभी बिछड़ गए। हादसे के बाद अपनों को खोजने लोग मोर्चरी पहुंचने लगे। साथियों ने वहां पर नरेंद्र व महेंद्र के शव पड़े देखे। उनके साथ गए सभी लोग वहां इकट्ठा हुए और शवों की पहचान की। जिसके बाद पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। इधर दोनों मृतकों के परिजनों को सूचना दी।
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रात 12:30 बजे तक सब ठीक था, चार घंटे बाद आई मौत की खबर
महेंद्र के बड़े भाई सुरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे उनकी भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। तब महेंद्र ने बताया था कि देवी मां के दर्शन हो गए हैं। अब सभी लोग भैरव बाबा के दर्शन करने के लिए निकले हैं। इसके करीब चार घंटे बाद उनके साथ गए शिवम ने परिजनों को फोन कर बताया कि यहां हादसा हो गया है। जिसमें महेंद्र व नरेंद्र की मौत हो गई है।
पत्नी बच्चे बेहाल, मोहल्ले में मातम
नरेंद्र कश्यप के परिवार में उनके पिता बाबू कश्यप, पत्नी जानकी, बेटा निखिल (05) व बेटी जाह्नवी (04) है। उधर महेंद्र के परिवार में पिता शिव किशन, भाई सुरेंद्र हैं। महेंद्र की एक महीने बाद शादी होनी थी। हादसे की जानकारी होते ही मृतक परिवार को सांत्वना देने मोहल्ले वाले भी इकट्ठा हो गए। पूरा माहौल गमगीन हो गया। नरेंद्र व महेंद्र मजदूरी आदि करके जीविका चलाते थे।
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बिधनू के काकोरी गांव निवासी नरेंद्र कश्यप (38) पनकी गंगागंज निवासी साले महेंद्र गौड़ (29) के साथ 29 दिसंबर की रात वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए ट्रेन से जम्मू गए थे। उनके साथ महेंद्र के मोहल्ले के रहने वाले अजय कुमार, शिवम, प्रियांशु, कल्लू, राहुल व रसूलाबाद निवासी दो अन्य लोग भी थे। कुल 9 लोगों ने 31 दिसंबर की रात में वैष्णों देवी मंदिर में दर्शन किए।
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उसके बाद भैरव बाबा मंदिर दर्शन करने के लिए रवाना हुए। इसी दौरान रात करीब दो बजे भगदड़ मच गई। एक-एक कर ये सभी बिछड़ गए। हादसे के बाद अपनों को खोजने लोग मोर्चरी पहुंचने लगे। साथियों ने वहां पर नरेंद्र व महेंद्र के शव पड़े देखे। उनके साथ गए सभी लोग वहां इकट्ठा हुए और शवों की पहचान की। जिसके बाद पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। इधर दोनों मृतकों के परिजनों को सूचना दी।
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रात 12:30 बजे तक सब ठीक था, चार घंटे बाद आई मौत की खबर
महेंद्र के बड़े भाई सुरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे उनकी भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। तब महेंद्र ने बताया था कि देवी मां के दर्शन हो गए हैं। अब सभी लोग भैरव बाबा के दर्शन करने के लिए निकले हैं। इसके करीब चार घंटे बाद उनके साथ गए शिवम ने परिजनों को फोन कर बताया कि यहां हादसा हो गया है। जिसमें महेंद्र व नरेंद्र की मौत हो गई है।
पत्नी बच्चे बेहाल, मोहल्ले में मातम
नरेंद्र कश्यप के परिवार में उनके पिता बाबू कश्यप, पत्नी जानकी, बेटा निखिल (05) व बेटी जाह्नवी (04) है। उधर महेंद्र के परिवार में पिता शिव किशन, भाई सुरेंद्र हैं। महेंद्र की एक महीने बाद शादी होनी थी। हादसे की जानकारी होते ही मृतक परिवार को सांत्वना देने मोहल्ले वाले भी इकट्ठा हो गए। पूरा माहौल गमगीन हो गया। नरेंद्र व महेंद्र मजदूरी आदि करके जीविका चलाते थे।