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खुदाई में निकल रहीं अजीबोगरीब चीजें, शोधकर्ताओं ने किया बड़ा दावा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 06 Oct 2017 04:18 PM IST
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चित्रकूट में खुदाई
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गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली चित्रकूट के राजापुर में खुदाई के दौरान कई ऐसी ऐतिहासिक चीजें निकल रही हैं कई गांवों की संस्कृति का पता लग सकता है। गुरुवार को यहां के कलवलिया गांव के पास संडवावीर की खुदाई में गुरुवार को अनाज रखने वाली वस्तु दिखी है। इसको निकालने का प्रयास किया जा रहा है। खुदाई में मिल रही ताम्र पाषाण कालीन सामग्री से इस इलाके के संबंधों की जानकारी की जा रही है। खुदाई से मिले सामान को लेकर पुरात्व विभाग के अधिकारी अब खुदाई स्थल के आसपास के एक दर्जन गांवों की संस्कृति का पता लगा रहे हैं।
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वाल्मीकि नदी पहले उत्तर दिशा में बहती थी
चित्रकूट में खुदाई
शोधकर्ताओं का दावा है कि खुदाई स्थल के पास दक्षिण दिशा में बहने वाली वाल्मीकि नदी पहले उत्तर दिशा में बहती थी। इस बात के प्रमाण के लिए भूगर्भ वैज्ञानिकाें से परीक्षण कराया जागा। उत्खनन कार्य का नेतृत्व शकुंतला देवी मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के इतिहास विभाग के डा. अवनीश चंद्र मिश्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्खनन स्थल के पास स्थित कलवलिया, सगवारा, पटना, टेरा, मुरवल, भटरी, रम्पुरवा, गुरौली उत्मपुर आदि गांव में रहने वाले लोगों की संस्कृति का पता लगाया जाएगा।
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जामुन व पीपल के फल भी खाने में प्रयोग करते थे लोग
चित्रकूट में खुदाई
यह जानने की कोशिश की जाएगी कि कहीं इनका संबंध टीले में रहने वालों से तो नहीं है। उन्होंने बताया कि संडवावीर में रहने वाले अनाज में सवा, कोदव, काकुन, ज्वार और बाजारा का प्रयोग करते थे। इसके साथ ही जामुन व पीपल के फल भी खाने में प्रयोग करते थे। यहां मानव जीवन ताम्र पाषाण काल से है। टीम के सदस्यों का मानना है कि यह लोग पानी की कमी से दूसरे स्थल गए।
खुदाई में मिले माला व मटकी
चित्रकूट में खुदाई
चित्रकूट में खुदाई में उत्तरी काली मिट्टी की चमकीली मिट्टी सहित श्रृंगार के समान व थाली मिली है। इसके अलावा ब्लैक स्लिप, फिलिंट पत्थर, काली मिट्टी की मोती रूपी माला, बीड, मिट्टी की मटकी आदि मिली है। गुरुवार को अनाज के भंडारण में प्रयोग करने वाला बर्तन दिखा है। इसकी खुदाई की जा रही है। इन सभी सामग्री को ग्रामीणों को दिखाई गई तो वे कौतुहल से देखते रहे। उत्खनन टीम के सदस्यों ने बताया कि सभी सामग्री जांच के लिए पुरातत्व विभाग भेजी जाएगी।
खुदाई के लिए बने चार ब्लाक
चित्रकूट में खुदाई
खुदाई के लिए चार ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें पहले ब्लाक में 5 गुणे 5 की खुदाई की 6 लेन में की गई है। इसकी गहराई 127 सेंटी मीटर है। दूसरे ब्लाक में 6 लेन मेें खुदाई की गई है। गहराई 80 सेंटीमीटर है। इसके अलावा बी वन व सी वन ब्लाक भी बनाया गया है।