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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिक्योरिटी अफसर के पिता 1984 सिख दंगा मामले में देंगे गवाही
Thu, 04 Jul 2019 12:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:07 AM IST
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कानपुर कोतवाली में सेवानिवृत जज सुभाष चंद्र के साथ सिख समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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1984 दंगा मामलों के लिए गठित एसआईटी ने बुधवार को कोतवाली स्थित एसआईटी कार्यालय में जांच पड़ताल शुरू की। जांच के लिए नियुक्त सदस्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुभाषचंद्र अग्रवाल से सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
उन्हें बताया गया कि 12 लोग गवाही देने को तैयार हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिक्योरिटी अफसर अंशदीप सिंह भाटिया के पिता दविंदर पाल सिंह भी शामिल हैं। केस डायरी कोर्ट से लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अदालत से रिकॉर्ड भी मांगा जा रहा है।
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उन्हें बताया गया कि 12 लोग गवाही देने को तैयार हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिक्योरिटी अफसर अंशदीप सिंह भाटिया के पिता दविंदर पाल सिंह भी शामिल हैं। केस डायरी कोर्ट से लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अदालत से रिकॉर्ड भी मांगा जा रहा है।
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मुलाकात के बाद सरदार मोहकम सिंह ने बताया कि दंगे में शहर में मारे गए सभी 127 लोगों के नाम व पते सहित लिस्ट सौंप दी गई है। पीपुल यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज संस्था की पुस्तक ‘दोषी कौन’ भी दी गई है। दंगे के बाद प्रकाशित इस किताब में मोहल्लेवार पीड़ितों और दंगा करवाने वालों के नामों का उल्लेख है।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सिक्योरिटी अफसर के पिता 1984 में केडीए कॉलोनी बर्रा में रहते थे। उनके सामने उनके भाई अंगद सिंह और मविंदर सिंह की हत्या की गई थी। वह भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से गवाही देने को तैयार हैं। बैठक में सुखविंदर सिंह लाडी, कंवलजीत सिंह, मीतू सागरी, इकबाल सिंह दुआ, उजागर सिंह आदि मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सिक्योरिटी अफसर के पिता 1984 में केडीए कॉलोनी बर्रा में रहते थे। उनके सामने उनके भाई अंगद सिंह और मविंदर सिंह की हत्या की गई थी। वह भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से गवाही देने को तैयार हैं। बैठक में सुखविंदर सिंह लाडी, कंवलजीत सिंह, मीतू सागरी, इकबाल सिंह दुआ, उजागर सिंह आदि मौजूद रहे।