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UPSSSC Exam: सॉल्वर गैंग का मिला लखनऊ कनेक्शन, मोबाइल के जरिये शातिर गिरोह के सदस्यों को तलाश रही पुलिस

Wed, 29 Mar 2023 01:00 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 29 Mar 2023 01:00 PM IST
सार

क्राइम ब्रांच और हनुमंत विहार पुलिस ने चित्रा डिग्री कॉलेज के सहायक प्रबंधक कमलेश कटियार के अलावा सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपी सौरभ के मोबाइल फोन से पुलिस को लखनऊ के कुछ नंबर मिले। जिनके बारे में चर्चा है कि यह सरकारी विभाग में बैठे लोग हैं। पुलिस इन नंबरों की जांच कर रही है।

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UPSSSC Exam: Lucknow connection of Solver Gang
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में यूपीएसएसएससी परीक्षा में चित्रा डिग्री कॉलेज के सहायक प्रबंधक समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस मामले में लखनऊ के कुछ और लोगों के नंबर मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा अब तक की जांच में किसी और सॉल्वर गिरोह से आरोपियों का संपर्क नहीं मिला है।

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सोमवार को क्राइम ब्रांच और हनुमंत विहार पुलिस ने चित्रा डिग्री कॉलेज के सहायक प्रबंधक कमलेश कटियार के अलावा सॉल्वर विनय कुमार, सौरभ मिश्रा, अनुराग दुबे, परीक्षार्थी सुजीत यादव, विजय प्रताप संडीला, संदीप कुमार और अमर यादव को गिरफ्तार किया था। क्राइम ब्रांच ने जब आरोपियों के मोबाइल की जांच की तो किसी और गिरोह से संपर्क नहीं मिल सके। मगर आरोपी सौरभ के मोबाइल फोन से पुलिस को लखनऊ के कुछ नंबर मिले। जिनके बारे में चर्चा है कि यह सरकारी विभाग में बैठे लोग हैं। पुलिस इन नंबरों की जांच कर रही है।

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कम से कम चार लाख में होता था सौदा
क्राइम ब्रांच अफसरों के मुताबिक जो गिरोह पकड़ा गया है, इसने पहले कहां घटना की है इसके सबूत भी नहीं मिले हैं। मोबाइल फोन से कुछ डाटा डिलीट हुआ है कि नहीं इसके लिए फोन को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। सूत्र बताते हैं कि गिरोह हर पद की परीक्षा के लिए अलग अलग रेट तय करता था। कम से कम चार लाख रुपये तो देने ही होते थे।
 

सहायक प्रबंधक से पांच लाख में हुआ था सौदा
सहायक प्रबंधक से गिरोह का पांच लाख में सौदा हुआ था। तीन लाख उसे दिए जा चुके थे और एक लाख रुपये परीक्षा खत्म होने के बाद दिए जाने थे। उसका रोल सिर्फ इतना था कि किसी तरह से परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन ले जाने से न रोका जाए। उसी मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिये पेपर की फोटो खींचकर भेजी जा रही थी और सॉल्वर बाहर से पेपर सॉल्व कर फोटो खींचकर वापस भेज रहे थे।
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