कानपुर में बवाल: कैटल कैचिंग दस्ते पर हमला, छुट्टा मवेशी पकड़ने गई थी टीम, प्रवर्तन दस्ते पर पथराव का आरोप
बादशाहीनाका थाना क्षेत्र में छुट्टे मवेशी पकड़ने गई टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। आरोप है कि प्रवर्तन दस्ते की बस पर भी पथराव किया गया। वहीं, लोगों का कहना है कि खूंटे में बंधे मवेशी खोलने पर दस्ते को खदेड़ा गया था।
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कानपुर में बादशाहीनाका सब्जी मंडी में बुधवार को छुट्टा मवेशी पकड़ने पहुंचे नगर निगम के कैटल कैचिंग दस्ते पर भीड़ ने हमला कर दिया। प्रवर्तन दस्ते को घेरकर उनकी बस पर पत्थर चलाए गए। दस्ते ने थाने में घुसकर बचाव किया। एक घंटे चले हंगामे से हालसी रोड जाम हो गई।
एमएलसी सलिल विश्नोई, एसीपी कलक्टरगंज तेज बहादुर सिंह ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। कैटल कैचिंग दस्ते के प्रभारी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि शासन के निर्देश पर दोपहर 2:30 बजे कैटल कैचिंग दस्ता और प्रवर्तन दस्ता बादशाहीनाका पुलिस के सहयोग से छुट्टा मवेशी पकड़ रहा था।
प्रवर्तन दस्ते पर भीड़ ने किया हमला
तभी सब्जीमंडी, गुलियाना में कुछ लोगों ने विरोध करते हुए टीम पर हमला कर दिया। दस्ता वहां से बादशाहीनाका थाने के पास आया, तो प्रदर्शनकारियों ने यहां भी घेर लिया। भीड़ ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों में से एक खुद को भाजपा का मंडल अध्यक्ष और दूसरा जिला मंत्री बता रहा था।
दस्ते ने 16 मवेशी ही पकड़े
प्रवर्तन दल के प्रभारी कर्नल आलोक नारायण ने बताया कि लोग दस्ते की बस के आगे लेट गए थे। उस पर पत्थर भी चलाए। पुलिस ने दस्ते को बचाकर थाने में बैठाया। दस्ता सड़कों, गलियों से 16 छुट्टा मवेशी ही पकड़ पाए थे, तभी विरोध हो गया। वहीं क्षेत्रीय लोगों को आरोप है कि दस्ते ने बंधी हुई गाय खोलकर पकड़ीं।