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Kanpur News: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पुलिस के दोहरे बर्ताव से हंगामा

Mon, 01 Sep 2025 12:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Sep 2025 12:41 AM IST
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Uproar between the ruling party and the opposition due to the double standards of the police
धाता (फतेहपुर)। थाना क्षेत्र के अजरौली गांव में बुजुर्ग केशपाल सिंह पटेल की हत्या और दो अन्य पर हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद से सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के लगातार दौरे हो रहे हैं। इस बीच पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैये के आरोप लग रहे हैं। इससे गांव और सीमावर्ती इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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पुलिस पर आरोप है कि वह सत्ता पक्ष के नेताओं को गांव में बेरोकटोक जाने दे रही है, जबकि विपक्षी नेताओं को रोकने के लिए सख्ती बरती जा रही है। गांव के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। इससे रोजाना नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बन रही है।
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रविवार को सपा सांसद नरेश उत्तम अपने काफिले के साथ गांव पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अजरौली मोड़ पर रोक लिया। लंबे विवाद के बाद कुछ वाहनों को गांव में जाने की अनुमति मिली। गांव पहुंचकर उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना को लोकसभा में उठाने का भरोसा दिलाया।
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परिजनों ने उनसे शस्त्र लाइसेंस, घायलों की ओर से अलग एफआईआर और मुकदमे की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की। सांसद ने सीओ खागा की भूमिका पर भी नाराजगी जताई।



उधर, अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष और पूर्व सांसद बालकुमार पटेल को कौशांबी सीमा पर उदहिंन गांव के पास समर्थकों समेत रोका गया। कुछ देर तक पुलिस से बहस हुई। इसके बाद वह खेतों और गलियों से होकर आठ किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंचे।

बालकुमार पटेल ने कहा कि सरकार विशेष जाति के लोगों को संरक्षण दे रही है। आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन सत्ता पक्ष के नेताओं का सहूलियत दे रही है। विपक्ष के नेताओं से गलत व्यवहार किया जा रहा है। सीओ पर हाथापाई का आरोप लगाया।



सपा के सदर विधायक चंद्रप्रकाश लोधी, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र यादव और अन्य नेता भी गांव पहुंचे। नेताओं के लगातार आने-जाने और प्रशासन की सख्ती के कारण गांव का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

उधर, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान भी रविवार शाम को गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अधिकारियों को बैरिकेडिंग हटाने, पीड़ित पक्ष का बयान दर्ज कराने और आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।



हाथ लगाने पर भड़के सीओ

पूर्व सांसद बालकुमार पटेल के एक समर्थक ने बहस के दौरान सीओ बृजमोहन राय को हाथ छू लिया। इस पर सीओ नाराज हो गए और उसकी गिरफ्तारी का आदेश दे दिया। पुलिसकर्मी जब उसे खींचते हुए गाड़ी में ले जाने लगे तो वह गिर पड़ा और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। तब जाकर सीओ शांत हुए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।




पूरी रात कार्यालय में नजरबंद रहे सांसद

खागा। सांसद नरेश उत्तम शनिवार को अजरौली जाने की कोशिश में छिवली सीमा पर रोके गए। किसी तरह खागा स्थित सपा कार्यालय पहुंचे, जहां तीन थानों की पुलिस ने उन्हें रातभर नजरबंद रखा। रविवार सुबह कोतवाल आरके सिंह से बातचीत के बाद सांसद नरेश उत्तम, सदर विधायक चंद्रप्रकाश लोधी, जिलाध्यक्ष समेत कई सपा नेता काफिले के साथ धाता के लिए रवाना हो सके। (संवाद)
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