UP Weather Update : धूप से हवा बेअसर, रात का पारा पांच डिग्री लुढ़का, दिन का 2.2 बढ़ा
उत्तर प्रदेश में कानपुर सहित अन्य जिलों में धूप से हवा का असर कम हुआ। शाम होते ही ठंड बढ़ गई। वहीं, आठ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। मौसम विभाग ने बताया कि यह बदलाव लोगों के स्वास्थ्य और फसलों के लिए अच्छा नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में बादल हटने से शनिवार को रात का तापमान पांच डिग्री लुढ़ककर 7.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, दिन में कड़ी धूप के बीच पारा 2.2 डिग्री बढ़कर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, 30 को फिर से बादल और बूंदाबांदी के आसार हैं।
स्थानीय मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार, आसमान साफ होने से जमीन की उष्मा तेजी से ऊपर जाती है, और शीत सीधे जमीन पर तेजी से पड़ती है। जिससे तापमान में कमी आ जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चमकने और ओले पड़ने की भी आशंका है।
उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार दो दिनों से तेज चलने लगी है। शनिवार को इसमें एक किमी की बढ़ोतरी के साथ रफ्तार 8.1 किमी रही। इस बीच दिन में हवा में नमी 79 और रात में 57 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। इसका असर से मौसम में बदलाव हुआ है।
मौसम में बदलाव से दिक्कत
कृषि और मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार मौसम में हर 12 घंटे में आ रहा बदलाव लोगों के स्वास्थ्य व फसलों के लिए अच्छा नहीं है। गर्म-सर्द होने की वजह से फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। साथ ही सिर दर्द, जुकाम व उलझन जैसी दिक्कत होती है।
मौसम के साथ हवा ने भी दिखाई नर्मी
पिछले कई दिन से प्रदूषण के बढ़ते स्तर से परेशान शहर वासियों के शनिवार का दिन भी राहत भरा रहा। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी शहर में प्रदूषण का स्तर काफी कम दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर का हवा गुणवत्ता सूचकांक सौ के नीचे रहा। नेहरूनगर में भी खतरे के स्तर तक बढ़ चुका प्रदूषण का स्तर भी डेढ़ सौ के करीब रहा।
शनिवार को किदवईनगर में एक्यूआई 90 रहा। वहीं, कल्याणपुर में एक्यूआई 95 जबकि नेहरूनगर में 79 दर्ज किया गया। शुक्रवार को भी एक्यूआई का स्तर सौ के नीचे ही दर्ज किया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि कोहरा न होने और मौसम खुलने की वजह से प्रदूषण का स्तर कम ही रहेगा।