{"_id":"6157656c8ebc3e2be51cb79b","slug":"up-senior-ias-mohammad-iftikharuddin-used-to-make-derogatory-remarks-on-gods-used-to-reprimand-him-for-worshiping","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन देवताओं पर करते थे अपमानजनक टिप्पणी, पूजा करने पर फटकारते थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन देवताओं पर करते थे अपमानजनक टिप्पणी, पूजा करने पर फटकारते थे
Sat, 02 Oct 2021 02:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 02 Oct 2021 02:45 AM IST
सार
कहते थे कि तुम लोग तो जानवरों की पूजा करते हो, तुम्हारा इंसान बने रहना मुश्किल है। एसआईटी ने पूछा कि इस बात का जिक्र पहले क्यों नहीं किया? कर्मचारी ने जवाब दिया कि वे सभी आपस में बात कर लेते थे, लेकिन उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
विज्ञापन
मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का वायरल वीडियो
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में तैनात रहे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के धर्मांतरण को बढ़ावा देने संबंधी वायरल वीडियो की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। एक कर्मचारी ने बताया कि इफ्तिखारुद्दीन देवी-देवताओं पर अशिष्ट टिप्पणी करते थे। पूजा करने पर जलील करते थे।
कहते थे कि तुम लोग तो जानवरों की पूजा करते हो, तुम्हारा इंसान बने रहना मुश्किल है। एसआईटी ने पूछा कि इस बात का जिक्र पहले क्यों नहीं किया? कर्मचारी ने जवाब दिया कि वे सभी आपस में बात कर लेते थे, लेकिन उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
आखिर वे शिकायत करते भी तो किससे? कौन उनकी बात मानता? कोई गलत कदम उठ जाता तो नौकरी अलग से चली जाती। एक कर्मचारी ने बताया कि इफ्तिखारुद्दीन की कानपुर में मंडलायुक्त के तौर पर तैनाती के दौरान ग्वालटोली के एक युवक का खूब आनाजाना था। वह युवक उनके साहित्य का प्रचार-प्रसार करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहते थे कि तुम लोग तो जानवरों की पूजा करते हो, तुम्हारा इंसान बने रहना मुश्किल है। एसआईटी ने पूछा कि इस बात का जिक्र पहले क्यों नहीं किया? कर्मचारी ने जवाब दिया कि वे सभी आपस में बात कर लेते थे, लेकिन उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
विज्ञापन
आखिर वे शिकायत करते भी तो किससे? कौन उनकी बात मानता? कोई गलत कदम उठ जाता तो नौकरी अलग से चली जाती। एक कर्मचारी ने बताया कि इफ्तिखारुद्दीन की कानपुर में मंडलायुक्त के तौर पर तैनाती के दौरान ग्वालटोली के एक युवक का खूब आनाजाना था। वह युवक उनके साहित्य का प्रचार-प्रसार करता था।
विज्ञापन
उस युवक की हनक इतनी बढ़ गई थी कि कुछ न होते हुए भी वह मंडलायुक्त आवास से लेकर कार्यालय तक के कर्मचारियों पर धौंस जमाता था। अक्सर कोई न कोई काम लेकर आ जाता था। बताया जाता है के इफ्तिखारुद्दीन अभी भी महीने दो महीने में ग्वालटोली आते रहते हैं। यहां इस्लाम को बढ़ावा देने संबंधी बैठकें होती हैं।
मेगा लेदर क्लस्टर से जुड़ा एक कारोबारी है खास
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर से जुड़े एक बड़े चमड़ा कारोबारी ने भी आईएएस इफ्तिखारुद्दीन से नजदीकियां बढ़ाई थीं। इसका उस कारोबारी ने खूब लाभ उठाया। गंगा में दूषित जल प्रवाहित करने पर हुई एक कार्रवाई में इफ्तिखारुद्दीन ने उसकी पैरवी भी की थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी को फटकारा था।
सीएलई के कार्यक्रम में गिनाई थीं अल्लाह की खूबियां
जांच में सामने आया है कि एचबीटीयू में चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने चमड़ा कारोबारियों के सामने अल्लाह की खूबियां गिनाई थीं। मूर्ति पूजा पर सवाल उठाए थे। माला पहनने से इनकार कर दिया था। उस दिन अल्लाह की खूबियां बताते हुए वे भावुक होकर अपना हाथ डायस पर पटकने लगे थे। उनकी आवाज चीखने वाले अंदाज में बदल गई थी। एसआईटी इस तथ्य को भी अपनी रिपोर्ट में जोड़ सकती है।
मेगा लेदर क्लस्टर से जुड़ा एक कारोबारी है खास
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर से जुड़े एक बड़े चमड़ा कारोबारी ने भी आईएएस इफ्तिखारुद्दीन से नजदीकियां बढ़ाई थीं। इसका उस कारोबारी ने खूब लाभ उठाया। गंगा में दूषित जल प्रवाहित करने पर हुई एक कार्रवाई में इफ्तिखारुद्दीन ने उसकी पैरवी भी की थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी को फटकारा था।
सीएलई के कार्यक्रम में गिनाई थीं अल्लाह की खूबियां
जांच में सामने आया है कि एचबीटीयू में चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने चमड़ा कारोबारियों के सामने अल्लाह की खूबियां गिनाई थीं। मूर्ति पूजा पर सवाल उठाए थे। माला पहनने से इनकार कर दिया था। उस दिन अल्लाह की खूबियां बताते हुए वे भावुक होकर अपना हाथ डायस पर पटकने लगे थे। उनकी आवाज चीखने वाले अंदाज में बदल गई थी। एसआईटी इस तथ्य को भी अपनी रिपोर्ट में जोड़ सकती है।