UP Politics: साध्वी निरंजन ज्योति का राहुल पर तीखा हमला, बोलीं- ओबीसी ही नहीं...संविधान का भी किया अपमान
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक दिवसीय दौरे पर सांसद व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पहुंचीं थीं। इस दौरान मंत्री ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। साथ ही, मोदी जाति को चोर बोलने पर सवाल उठाए।
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किसी व्यक्ति को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके अपमान का अधिकार नहीं है। राहुल गांधी ने मोदी जाति को चोर कहा है। ये सिर्फ ओबीसी का नहीं बल्कि संविधान का अपमान है। राहुल को देश से हमदर्दी है, तो वे देश की जनता से माफी मांगें। ये बातें केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने फतेहपुर में कही।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के एक शहर में मोदी जाति के लोगों को चोर कहा था। कोर्ट ने पूरी जाति का अपमान करने पर राहुल गांधी को माफी मांगने को कहा था। चार साल तक कोर्ट ने मौका दिया, लेकिन गलती करने वाला माफी मांगता है।
राहुल ने जानबूझकर अहंकार में ओबीसी वर्ग का अपमान किया। इतना ही नहीं विदेश में अपनी मातृभूमि की बुराई करते हुए देश का अपमान किया। राहुल ने कोर्ट की आज्ञा न मानकर संविधान का अपमान किया। गोदी मीडिया कहकर मीडिया का अपमान किया।
साध्वी बोलीं- राहुल देश की जनता से मांगे माफी
साध्वी ने कहा कि राहुल को संसद में ही नहीं, बल्कि देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। दोषी करार होते ही उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी। राहुल ने हर वर्ग को अपमानित किया है। जनता इसका जवाब देगी।
राहुल की दादी ने उड़ाई कानून की धज्जियां
एक सवाल के जवाब में साध्वी ने कहा कि संविधान कोई नहीं तोड़ता, लेकिन राहुल की दादी ने धज्जियां उड़ाई। इमरजेंसी के दौरान किसान, मजदूर को जेल में बंद कर दिया। जबरदस्ती नसबंदी कराई। सरदारों का सरेआम कत्ल किया। आजादी के बाद से सत्ता का सिर्फ सुख भोगने वाली पार्टी के नेता कानून से ऊपर अपने को मानते हैं। संसद से लेकर जनता तक राहुल से माफी मांगने को कह रही है, लेकिन अहंकारी राहुल कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं।
हमारा गठबंधन जनता के साथ
साध्वी ने कहा 2017 में अखिलेश और राहुल ने गठबंधन से चुनाव लड़ा। लोकसभा चुनाव में मायावती के साथ चुनाव लड़ा। गठबंधनों ने दोनों चुनाव देश की जनता के विकास के खिलाफ लड़ा था। उसके नतीजे समाने हैं। आगे विपक्षीय पार्टियां अपना गठबंधन अन्य पार्टियों के साथ मजबूत कर लें। हमारा गठबंधन जनता के साथ है। उन्हीं के गठबंधन से हम चुनाव लड़ते हैं।