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UP: प्लास्टिक सिटी न हो सका गुलजार, बसेगा नया औद्योगिक पार्क, 10-50 एकड़ जमीन की आवश्यकता, मिलेगी सरकारी मदद
Wed, 11 Dec 2024 05:12 PM IST
शिखा पांडेय
तारिक इकबाल, अमर उजाला, औरैया
तारिक इकबाल, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 11 Dec 2024 05:12 PM IST
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प्लास्टिक सिटी में लगा योजना का बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
पिछले 18 साल से गुलजार होने की राह तक रहे बहुप्रतीक्षित प्लास्टिक सिटी प्लास्टिक पार्क की राह में भले ही रोड़े हों, लेकिन अब एक और औद्योगिक पार्क को बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिले में 10 से 50 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र बसाने के लिए सरकार से भारी-भरकम मदद मिलेगी।
सरकार ने उद्योग-धंधे को परवाज देने के लिए औद्योगिक माहौल बेहतर बनाने की रूपरेखा बनाई है। इसी के तहत हर जिले में एक औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी है। इसे निजी जमीन पर बनाया जा सकेगा। जिन लोगों के पास 10 से 50 एकड़ जमीन है, वह निजी औद्याेगिक पार्क के लिए जिला उद्योग केंद्र कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
उन्हें औद्योगिक पार्क बसाने के लिए शासन की ओर से हर एकड़ के बदले 50 लाख रुपये लोन की मदद मिलेगी। सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज की दर पर अनुदान मिलेगा। चुकाने के लिए छह साल की मोहलत भी मिलेगी। औद्योगिक पार्क में किसी को भी उद्योग लगाने के लिए जमीन किराये पर दी जा सकेगी। सरकार की ओर से औद्योगिक पार्क की चारदीवारी, सड़क, पार्क, रोशनी व दूसरी जरूरत पर आर्थिक मदद मिलेगी। औद्योगिक पार्क बन जाने पर वहां उद्यमी अपना उद्योग शुरू कर सकेंगे।
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औद्योगिक नगरी होने के बाद भी बेरोजगारी
शासन ने औरैया के दिबियापुर क्षेत्र को औद्योगिक नगरी का दर्जा दे रखा है। यहां एनटीपीसी और गेल के प्लांट हैं। इन्हीं प्लांट को ध्यान में रखकर ककोर के करीब कंचौसी रोड पर प्लास्टिक सिटी का निर्माण कराया गया है। यह अलग बात है कि करीब दो दशक के अपने सफर में यह प्लास्टिक सिटी अपनी राह से भटकी हुई है।
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सरकार ने उद्योग-धंधे को परवाज देने के लिए औद्योगिक माहौल बेहतर बनाने की रूपरेखा बनाई है। इसी के तहत हर जिले में एक औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी है। इसे निजी जमीन पर बनाया जा सकेगा। जिन लोगों के पास 10 से 50 एकड़ जमीन है, वह निजी औद्याेगिक पार्क के लिए जिला उद्योग केंद्र कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
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उन्हें औद्योगिक पार्क बसाने के लिए शासन की ओर से हर एकड़ के बदले 50 लाख रुपये लोन की मदद मिलेगी। सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज की दर पर अनुदान मिलेगा। चुकाने के लिए छह साल की मोहलत भी मिलेगी। औद्योगिक पार्क में किसी को भी उद्योग लगाने के लिए जमीन किराये पर दी जा सकेगी। सरकार की ओर से औद्योगिक पार्क की चारदीवारी, सड़क, पार्क, रोशनी व दूसरी जरूरत पर आर्थिक मदद मिलेगी। औद्योगिक पार्क बन जाने पर वहां उद्यमी अपना उद्योग शुरू कर सकेंगे।
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औद्योगिक नगरी होने के बाद भी बेरोजगारी
शासन ने औरैया के दिबियापुर क्षेत्र को औद्योगिक नगरी का दर्जा दे रखा है। यहां एनटीपीसी और गेल के प्लांट हैं। इन्हीं प्लांट को ध्यान में रखकर ककोर के करीब कंचौसी रोड पर प्लास्टिक सिटी का निर्माण कराया गया है। यह अलग बात है कि करीब दो दशक के अपने सफर में यह प्लास्टिक सिटी अपनी राह से भटकी हुई है।
औद्योगिक पार्क बनाने के लिए जमीन की तलाश हो रही है। जिनके पास 10 से 50 एकड़ जमीन है, वह निजी औद्योगिक पार्क के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलेगी।- दुर्गेश कुमार, जिला उपायुक्त उद्योग, औरैया