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यूपी: एनएसआई एशियाई, अफ्रीकी देशों की शुगर इंडस्ट्री को दे रहा तकनीकी ज्ञान, चीन ने भी मांगी थी मदद
Thu, 26 Nov 2020 04:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 26 Nov 2020 04:56 PM IST
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एनएसआई कानपुर
- फोटो : amar ujala
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एशियाई व अफ्रीकी देश शुगर इंडस्ट्री विकसित करने के लिए नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) की मदद ले रहे हैं। एनएसआई इन देशों को तकनीक और प्रशिक्षण दे रहा है। हाल ही में इंडोनेशिया और श्रीलंका ने भी अनुरोध किया है। चीन ने भी मदद मांगी थी लेकिन कोरोना के कारण प्रोजेक्ट अटक गया।
एनएसआई की टीम वहां नहीं जा पाई। एशियाई और अफ्रीकी देशों में एनएसआई शुगर केन रिसर्च इंस्टीट्यूट के उच्चीकरण, चीनी उद्यमशीलता के विकास के साथ शुगर विज्ञानियों व स्टाफ को प्रशिक्षित कर रहा है। चीनी उत्पादन बढ़ाने के साथ गन्ने के सह उत्पादों से नए स्टार्ट अप शुरू करने की विधियां भी बता रहा है।
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एनएसआई की टीम वहां नहीं जा पाई। एशियाई और अफ्रीकी देशों में एनएसआई शुगर केन रिसर्च इंस्टीट्यूट के उच्चीकरण, चीनी उद्यमशीलता के विकास के साथ शुगर विज्ञानियों व स्टाफ को प्रशिक्षित कर रहा है। चीनी उत्पादन बढ़ाने के साथ गन्ने के सह उत्पादों से नए स्टार्ट अप शुरू करने की विधियां भी बता रहा है।
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विश्व बाजार की मांग के अनुरूप गन्ने से वैल्यु ऐडेड उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। साथ ही शुगर के साथ अदरक, नींबू, अजवाइन आदि पौष्टिक तत्वों को मिलाकर मिठास की दुनिया में नए प्रयोग भी हो रहे हैं। इनकी तकनीक एनएसआई ने तैयार की है।
शुगर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एनएसआई ने अभी तक श्रीलंका, नेपाल, भूटान, कीनिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, पाकिस्तान, युगांडा, घाना, आस्ट्रेलिया आदि देशों की मदद की है। इनमें से कई देशों के विज्ञानियों और छात्रों ने एनएसआई आकर ट्रेनिंग ली है। चीन का एक प्रतिनिधिमंडल भी पिछले साल इंस्टीट्यूट आया था। लेकिन यहां की टीम वहां नहीं जा पाई।
एशियाई और अफ्रीकी देश शुगर इंडस्ट्री विकसित करने के लिए संस्थान की मदद ले रहे हैं। सरकारों के बीच इस संबंध में समझौता होता है। इसके बाद तकनीक और प्रशिक्षण में सहयोग किया जाता है। विभिन्न देशों के विज्ञानी एनएसआई आते हैं। चीन की टीम भी आई थी लेकिन कोरोना की वजह सेे प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। शुगर इंडस्ट्री को मौजूदा बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने का बहुत स्कोप है।
डॉ. नरेंद्र मोहन, निदेशक एनएसआई
शुगर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एनएसआई ने अभी तक श्रीलंका, नेपाल, भूटान, कीनिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, पाकिस्तान, युगांडा, घाना, आस्ट्रेलिया आदि देशों की मदद की है। इनमें से कई देशों के विज्ञानियों और छात्रों ने एनएसआई आकर ट्रेनिंग ली है। चीन का एक प्रतिनिधिमंडल भी पिछले साल इंस्टीट्यूट आया था। लेकिन यहां की टीम वहां नहीं जा पाई।
एशियाई और अफ्रीकी देश शुगर इंडस्ट्री विकसित करने के लिए संस्थान की मदद ले रहे हैं। सरकारों के बीच इस संबंध में समझौता होता है। इसके बाद तकनीक और प्रशिक्षण में सहयोग किया जाता है। विभिन्न देशों के विज्ञानी एनएसआई आते हैं। चीन की टीम भी आई थी लेकिन कोरोना की वजह सेे प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। शुगर इंडस्ट्री को मौजूदा बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने का बहुत स्कोप है।
डॉ. नरेंद्र मोहन, निदेशक एनएसआई