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Kanpur Nikay Chunav: विपक्षी दलों के वोट बंटने, मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण से बदल गए समीकरण

Sun, 14 May 2023 12:41 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 14 May 2023 12:41 AM IST
सार

Kanpur UP Nikay Chunav Result 2023: सपा विधायक अपने वार्ड में ही पार्टी प्रत्याशी को नहीं जिता पाए। कैंट विधानसभा क्षेत्र में विधायक मो. हसन रूमी के वार्ड से कांग्रेस जीती है और आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक अमिताभ वाजपेयी के वार्ड से भाजपा जीती है। जानिए कहां कितने मतों से जीती भाजपा और किसे हार का सामना करना पड़ा...

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UP Nikay Chunav 2023 Kanpur,Equations changed due to division of votes of opposition parties, polarization of
कानपुर नगर निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में नगर निकाय चुनाव में महापौर की सीट को लेकर इस बार भारतीय जनता पार्टी में जितना असमंजस रहा, उतना पहले कभी नहीं था। पार्टी इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी कि इस बार भी महापौर उसी का बनेगा। हालांकि टिकट वितरण से लेकर परिणाम आने से पहले तक चर्चाएं थीं कि भाजपा के अंदर महापौर प्रत्याशी प्रमिला पांडेय के लेकर सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि प्रमिला को मिली रिकॉर्ड जीत ने सारे राजनीतिक समीकरण बदल दिए। कहा जा रहा है कि इस जीत के कई फैक्टर हैं। सबसे बड़ी वजह विपक्षी दलों के वोटों का बिखराव और मुस्लिम वाेटों का ध्रुवीकरण।

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मुस्लिमों ने जताया भाजपा पर भरोसा
मुस्लिम वर्ग ने पहले से ही यह तय कर लिया था कि जो जिताऊ प्रत्याशी होगा, उसे ही वोट देंगे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को यह लग रहा था कि मुस्लिम वर्ग के वोट पर सिर्फ उन्हीं का अधिकार है। हालांकि इस बार समीकरण बदल गए। भाजपा ने पहली बार 11 वार्डों में मुस्लिम प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा का कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी जीत तो नहीं पाया लेकिन मोदी और योगी की ओर से दी जा रही सुरक्षा और भरपेट भोजन की गारंटी ने ऐसा कर दिखाया, जिसकी विपक्षी दलों के साथ भाजपा को भी उम्मीद नहीं थी। इसी तरह प्रत्याशी से अलग संगठन को प्रमुख मानते हुए पार्टी पदाधिकारियों की टीम ने भी बूथ स्तर तक जिस तरह से रणनीति बनाई, उसमें कामयाबी मिली। इसके अलावा तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी ब्राह्मण वर्ग से होने की वजह से कांग्रेस और सपा को नुकसान हुआ। ये वोट किसी एक प्रत्याशी को मिलते तो समीकरण कुछ और हो सकते थे।

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संगनठ की रणनीति भी आई काम
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह को पार्टी ने उनके अनुभव के आधार पर पहले झांसी नगर निगम में फिर कानपुर नगर निगम चुनाव में जिम्मेदारी दी। इसका पार्टी को फायदा भी मिला। इसी तरह वर्तमान क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल की संगठनात्मक रणनीति वार्डों से लेकर महापौर प्रत्याशी के लिए वोट जुटाने में सफल रही। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक प्रमिला के पक्ष में प्रचार भी काम आया। कहा जा रहा है कि भाजपा के अंदर चल रही अंदरूनी खींचतान भी उस दिन से काफी हद तक कम हो गई, जब टिकट वितरण को लेकर नाराज चल रहे सांसद सत्यदेव पचौरी को अपने साथ लेकर जनसभा में पहुंचे। उस दौरान मंच पर नीतू सिंह का मौजूद होना भी इस बात का संकेत दे गया था कि अब सब ठीक है।

अम्मा का विनती करना, माफी मांगना भी आया काम
पार्टी में अंदरखाने चल रहे विरोध को खत्म करने और विरोधियों को अपने पक्ष में करने के लिए महापौर पद पर विजयी प्रमिला पांडेय (अम्मा) ने भी बड़ी ही कूटनीति से काम लिया। नीतू सिंह का टिकट काटकर जब उन्हें दिया गया तो सांसद पचौरी की नाराजगी दूर करने के लिए वे उनके घर गईं और उनके पैर पकड़कर माफी मांगी। संघ की नाराजगी उन पर कहीं भारी न पड़ जाए, प्रमिला ने बिना देरी किए नीतू सिंह के ससुर और क्षेत्रीय संघ चालक वीरेंद्रजीत के घर जाकर हाथ जोड़कर विनती की। इसी तरह मतदान के दिन सिंधी कॉलोनी में हुए विवाद के दौरान भी उन्होंने सिंधी समाज के वोट को अपने पक्ष में करने के लिए हाथ जोड़कर रोते हुए माफी भी मांगी। इसका असर यह हुआ कि भाजपा के वार्ड पार्षद प्रत्याशी को सिंधी समाज का वोट तो नहीं मिला लेकिन प्रमिला को उन लोगों ने जिता दिया।
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अपने वार्ड में पार्टी प्रत्याशी नहीं जिता पाए सपा विधायक
सपा विधायक अपने वार्ड में ही पार्टी प्रत्याशी को नहीं जिता पाए। कैंट विधानसभा क्षेत्र में विधायक मो. हसन रूमी के वार्ड से कांग्रेस जीती है और आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक अमिताभ वाजपेयी के वार्ड से भाजपा जीती है। वहीं जेल में बंद सीसामऊ के सपा विधायक इरफान सोलंकी के वार्ड से सपा लगातार पांचवीं बार चुनाव जीती है।

कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक रूमी के वार्ड 73 जाजमऊ दक्षिणी वार्ड से सपा के प्रत्याशी अशरफ बाबू 2495 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। यहां कांग्रेस के नूरैन अहमद चुनाव जीते हैं। उन्हें 3200 वोट मिले हैं। इसी तरह आर्यनगर के वार्ड 30 अंबेडकरनगर काकादेव से भाजपा के पवन पांडेय जीते हैं। पांडेय को 3235 वोट मिले हैं। यहां सपा के प्रत्याशी कमल किशोर तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 1098 वोट मिले हैं। दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी शुभम रहे। सीसामऊ विधायक इरफान सोलंकी के वार्ड 108 तलाक महल से सपा के जावेद अहमद गुडडू लगातार पांचवीं बार चुनाव जीते हैं। कैंट विधायक रूमी ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद नूरैन रिपीट हो गए हैं। वहीं विधायक वाजपेयी का कहना है कि आखिरी वक्त तक सिंबल बदले जाते रहे। इससे उन्हें पता ही नहीं था कि पार्टी का वार्ड प्रत्याशी कौन है?
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