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UP: सात लोगों की हत्या के मामले में 15 साल चली सुनवाई, 13 डकैतों को आजीवन कारावास
Thu, 30 Jun 2022 04:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 30 Jun 2022 04:59 PM IST
सार
सात लोगों की हत्या के मामले में 13 डकैतों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एसटीएफ के छह जवान और एक मुखबिर हत्याकांड की सुनवाई 15 साल बाद पूरी हुई। इस दौरान 56 में से 26 लोगों की गवाही हुई। 30 जून यानी गुरुवार को अदालत ने 13 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। सुनवाई के दौरान 16 नामजद आरोपितों में तीन की मौत हो चुकी है।
फतेहगंज थाना क्षेत्र के बघोलन तिराहे के पास डकैत अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया ने अपने गैंग के साथ 22 जुलाई 2007 की रात करीब 11 बजे घात लगाकर दो लग्जरी वाहनों से लौट रहे एसटीएफ कमांडो पर हमला कर दिया था। सड़क के दोनों ओर मिट्टी के बड़े टीलों पर छिपकर डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एसटीएफ के छह कमांडो और एक मुखबिर की हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान तीन आरोपितों की मौत हो चुकी है। 12 आरोपी चित्रकूट और एक हमीरपुर जेल में बंद है। फैसले के दौरान सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। इनकी सुरक्षा में भारी पुलिस बल तैनात रहा। अदालत परिसर भी छावनी में तब्दील रहा।
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फतेहगंज थाना क्षेत्र के बघोलन तिराहे के पास डकैत अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया ने अपने गैंग के साथ 22 जुलाई 2007 की रात करीब 11 बजे घात लगाकर दो लग्जरी वाहनों से लौट रहे एसटीएफ कमांडो पर हमला कर दिया था। सड़क के दोनों ओर मिट्टी के बड़े टीलों पर छिपकर डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एसटीएफ के छह कमांडो और एक मुखबिर की हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट में चल रही थी।
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सुनवाई के दौरान तीन आरोपितों की मौत हो चुकी है। 12 आरोपी चित्रकूट और एक हमीरपुर जेल में बंद है। फैसले के दौरान सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। इनकी सुरक्षा में भारी पुलिस बल तैनात रहा। अदालत परिसर भी छावनी में तब्दील रहा।
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साल भर बाद ठोकिया को मुठभेड़ में मार गिराया था
यूपी और एमपी के बुंदेलखंड जिलों में आतंक के पर्याय और एसटीएफ जवानों के हत्या का मुख्य आरोपी सात लाख का इनामी डकैत अंबिका प्रसाद पटेल उर्फ ठोकिया को विशेष कार्रवाई दल (एसटीएफ) ने अगस्त 2008 में ही मार गिराया था। उसके पास से एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल, दो डबल बैरल और एक सिंगल बैरल रायफल बरामद हुई थी। मुठभेड़ चित्रकूट के सिलखोरी गांव में हुई थी। उस वक्त ठोकिया पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। उस वक्त यूपी सरकार की ओर से पांच लाख और एमपी सरकार की ओर से ढाई लाख का इनाम घोषित गया था।
यूपी और एमपी के बुंदेलखंड जिलों में आतंक के पर्याय और एसटीएफ जवानों के हत्या का मुख्य आरोपी सात लाख का इनामी डकैत अंबिका प्रसाद पटेल उर्फ ठोकिया को विशेष कार्रवाई दल (एसटीएफ) ने अगस्त 2008 में ही मार गिराया था। उसके पास से एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल, दो डबल बैरल और एक सिंगल बैरल रायफल बरामद हुई थी। मुठभेड़ चित्रकूट के सिलखोरी गांव में हुई थी। उस वक्त ठोकिया पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। उस वक्त यूपी सरकार की ओर से पांच लाख और एमपी सरकार की ओर से ढाई लाख का इनाम घोषित गया था।
ये जवान हुए थे शहीद
शहीद होने वाले एसटीएफ जवानों में ड्राइवर ईश्वर देव सिंह, उमाशंकर, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, राजेश सिंह चौहान, बृजेश यादव व गिरीशचंद्र नागर शामिल हैं। मुखबिर राजकरन की भी हत्या हुई थी।
ये हुए थे घायल
शिवकुमार अवस्थी, डीके यादव, शरद, योगेश, श्रीचन्द्र यादव, बृजेश तिवारी, राममिलन सिंह, उपेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह के अलावा मुखबिर श्रीपाल घायल हुए थे। मामला चित्रकूट के कर्वी में दर्ज कराया गया था।
शहीद होने वाले एसटीएफ जवानों में ड्राइवर ईश्वर देव सिंह, उमाशंकर, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, राजेश सिंह चौहान, बृजेश यादव व गिरीशचंद्र नागर शामिल हैं। मुखबिर राजकरन की भी हत्या हुई थी।
ये हुए थे घायल
शिवकुमार अवस्थी, डीके यादव, शरद, योगेश, श्रीचन्द्र यादव, बृजेश तिवारी, राममिलन सिंह, उपेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह के अलावा मुखबिर श्रीपाल घायल हुए थे। मामला चित्रकूट के कर्वी में दर्ज कराया गया था।