{"_id":"5f30d4ac8ebc3e4ae4460110","slug":"up-former-kotdar-slit-throat-death-in-hardoi-blood-corpse-found-on-roadside","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: पूर्व कोटेदार की चाकुओं से गोदकर हत्या, 14 वर्ष पुरानी हत्या की रंजिश में वारदात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: पूर्व कोटेदार की चाकुओं से गोदकर हत्या, 14 वर्ष पुरानी हत्या की रंजिश में वारदात
Mon, 10 Aug 2020 10:31 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 10 Aug 2020 10:31 AM IST
विज्ञापन
बीच सड़क पर पड़ा था शव
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई जिले में 14 वर्ष पूर्व हुई हत्या की रंजिश में संडीला कोतवाली क्षेत्र के सुंबाबाग निवासी पूर्व कोटेदार की रविवार शाम चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह उसका शव कछौना कोतवाली अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर पड़ा मिला।
घटना की जानकारी पर एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पिता-पुत्रों सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट कछौना कोतवाली में दर्ज की गई है।
मूल रूप से संडीला कोतवाली क्षेत्र के भगवंतापुर निवासी राजपाल सिंह (52) परिवार के साथ संडीला कस्बे के मोहल्ला सुंबाबाग में रहते थे। वह भगवंतापुर के कोटेदार भी रह चुके हैं। रविवार शाम लगभग छह बजे राजपाल को मोहल्ले का ही कल्लू शराब पिलाने के लिए साथ ले गया था।
विज्ञापन
काफी देर तक जब राजपाल वापस नहीं आया तो उसकी पत्नी मायादेवी ने बड़े पुत्र गोपाल को फोन कर जानकारी दी। गोपाल ने राजपाल को फोन मिलाया तो वह बंद था। रात भर परिजनों ने राजपाल की तलाश की लेकिन सुराग नहंीं मिला।
विज्ञापन
घटना की जानकारी पर एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पिता-पुत्रों सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट कछौना कोतवाली में दर्ज की गई है।
विज्ञापन
मूल रूप से संडीला कोतवाली क्षेत्र के भगवंतापुर निवासी राजपाल सिंह (52) परिवार के साथ संडीला कस्बे के मोहल्ला सुंबाबाग में रहते थे। वह भगवंतापुर के कोटेदार भी रह चुके हैं। रविवार शाम लगभग छह बजे राजपाल को मोहल्ले का ही कल्लू शराब पिलाने के लिए साथ ले गया था।
विज्ञापन
काफी देर तक जब राजपाल वापस नहीं आया तो उसकी पत्नी मायादेवी ने बड़े पुत्र गोपाल को फोन कर जानकारी दी। गोपाल ने राजपाल को फोन मिलाया तो वह बंद था। रात भर परिजनों ने राजपाल की तलाश की लेकिन सुराग नहंीं मिला।
सोमवार सुबह कछौना में औद्योगिक क्षेत्र के फेज दो की सड़क पर रक्तरंजित शव मिलने की सूचना पर राजपाल के परिजन वहां पहुंचे और शिनाख्त की। घटना की जानकारी पर एसपी अमित कुमार, सीओ अमित किशोर श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे।
मृतक की पत्नी मायादेवी ने बताया कि 14 साल पहले गांव में एक हत्या हुई थी। इसमें राजपाल को भी नामजद किया गया था, लेकिन बाद में वह न्यायालय से दोषमुक्त हो गए थे। इसी रंजिश में बलराम सिंह पुत्र सूरजबख्श सिंह, उनके पुत्र उत्तम सिंह, भतीजे सतेंद्र सिंह पुत्र सरनाम सिंह निवासीगण भगवंतापुर और कल्लू निवासी सुंबाबाग ने मिलकर राजपाल सिंह की हत्या कर दी। कछौना कोतवाल राय सिंह ने बताया कि मायादेवी की तहरीर पर चारों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
तो भाई और भतीजों ने लिया बदला
सूत्रों के मुताबिक भगवंतापुर निवासी विमलेश सिंह की हत्या गांव में ही 2006 में हुई थी। इस मामले में राजपाल सिंह समेत तीन लोगों को नामजद किया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि चार साल तक कोर्ट में मामला चला था और उसके बाद राजपाल को दोषमुक्त करार दिया गया था। राजपाल की हत्या में नामजद बलराम सिंह भगवंतापुर निवासी विमलेश सिंह का भाई है। हत्यारोपी सतेंद्र और उत्तम विमलेश के भतीजे हैं।
मृतक की पत्नी मायादेवी ने बताया कि 14 साल पहले गांव में एक हत्या हुई थी। इसमें राजपाल को भी नामजद किया गया था, लेकिन बाद में वह न्यायालय से दोषमुक्त हो गए थे। इसी रंजिश में बलराम सिंह पुत्र सूरजबख्श सिंह, उनके पुत्र उत्तम सिंह, भतीजे सतेंद्र सिंह पुत्र सरनाम सिंह निवासीगण भगवंतापुर और कल्लू निवासी सुंबाबाग ने मिलकर राजपाल सिंह की हत्या कर दी। कछौना कोतवाल राय सिंह ने बताया कि मायादेवी की तहरीर पर चारों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
तो भाई और भतीजों ने लिया बदला
सूत्रों के मुताबिक भगवंतापुर निवासी विमलेश सिंह की हत्या गांव में ही 2006 में हुई थी। इस मामले में राजपाल सिंह समेत तीन लोगों को नामजद किया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि चार साल तक कोर्ट में मामला चला था और उसके बाद राजपाल को दोषमुक्त करार दिया गया था। राजपाल की हत्या में नामजद बलराम सिंह भगवंतापुर निवासी विमलेश सिंह का भाई है। हत्यारोपी सतेंद्र और उत्तम विमलेश के भतीजे हैं।