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UP: प्रदेश में पहली बार हैलट में दी जाएगी कैंसर हाईपैक कीमोथैरेपी, चेन्नई से मंगाई जा रही मशीन
Sun, 07 Sep 2025 01:24 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:24 AM IST
सार
कैंसर हाईपैक कीमोथैरेपी पेट, अंडाशय, आंतों, एपेंडिक्स के कैंसर में कारगर है। अभी तक प्रदेश के किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान में ऐसी कीमोथैरेपी नहीं दी जाती।
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प्राचार्य डॉ. संजय काला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पेट के कैंसर के रोगी को हैलट में पहली बार हाईपैक कीमोथैरेपी दी जाएगी। इसमें 42 डिग्री तापमान करके रोगी को दवा दी जाती है। सर्जरी के फौरन बाद रोगी की इस पद्धति से हॉट कीमोथैरेपी होती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अभी तक प्रदेश के किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान में यह विधि नहीं अपनाई गई है। हैलट के सर्जरी विभाग में पहली बार दी जाएगी।
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डॉ. संजय ने बताया कि इसके लिए मशीन चेन्नई से मंगाई जा रही है। 15 दिन में मशीन आ जाएगी। इसके बाद हैलट में स्थायी तौर पर मशीन की व्यवस्था की जाएगी। इस विधि से रोगी को फायदा होता है। डॉ. काला और आंको सर्जन डॉ. कुश ने बताया कि रोगी के कैंसरग्रस्त अंग के हिस्से की सर्जरी के समय ही यह यह थैरेपी दी जाती है।
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इससे ऐसी कोशिकाएं जिनमें कैंसर की शुरुआत हो रही है वे भी खत्म हो जाती है। इससे कैंसर के दोबारा उभरने का खतरा टल जाता है। इस हॉट कीमोथैरेपी का इस्तेमाल पेट, अंडाशय, एपेंडिक्स, आंतों, पेट के अंदर की झिल्ली के कैंसर में किया जाता है। उन्होंने बताया कि मशीन से तीसरे और चौथे चरण के कैंसर की सर्जरी के बाद कीमोथैरेपी भी दी जा सकती है।
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