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यूपी: हर थाने में दर्ज होगी साइबर अपराध की एफआईआर, डीआईजी बोले लापरवाही पर होगी कार्रवाई
Fri, 23 Oct 2020 12:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 23 Oct 2020 12:12 PM IST
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साइबर क्राइम(सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
साइबर अपराध संबंधी एफआईआर अब हर थाने में दर्ज होगी। ठगी की रकम हजारों में हो या लाखों में, पुलिस को केस दर्ज करना होगा। अधिक रकम वाले मामलों को साइबर थाने ट्रांसफर किया जाएगा। केस दर्ज करने में आनाकानी पर संबंधित थानेदार पर कार्रवाई होगी।
डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने गुरुवार को सभी थानेदारों को इस संबंध में निर्देश जारी किए। साइबर अपराध से जुड़े केस दर्ज करने के लिए कुछ महीने पहले ही शहर में साइबर थाना खोला गया है। यहां एक लाख रुपये से अधिक की ठगी वाले मामले दर्ज होने हैं।
लेकिन यह थाना खुलने के बाद पीड़ितों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे पीड़ितों को साइबर थाना और स्थानीय थाना पुलिस एक दूसरे के पास दौड़ा रही है। इसी कारण आईजी ने साइबर सेल प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था।
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अब डीआईजी ने गुरुवार से नई व्यवस्था शुरू की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के शिकार लोग सीधे साइबर थाने अथवा संबंधित थाने में भी केस दर्ज करवा सकते हैं। डीआईजी ने कहा कि पीड़ितों को दौड़ाने वाले थानेदार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने गुरुवार को सभी थानेदारों को इस संबंध में निर्देश जारी किए। साइबर अपराध से जुड़े केस दर्ज करने के लिए कुछ महीने पहले ही शहर में साइबर थाना खोला गया है। यहां एक लाख रुपये से अधिक की ठगी वाले मामले दर्ज होने हैं।
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लेकिन यह थाना खुलने के बाद पीड़ितों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे पीड़ितों को साइबर थाना और स्थानीय थाना पुलिस एक दूसरे के पास दौड़ा रही है। इसी कारण आईजी ने साइबर सेल प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था।
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अब डीआईजी ने गुरुवार से नई व्यवस्था शुरू की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के शिकार लोग सीधे साइबर थाने अथवा संबंधित थाने में भी केस दर्ज करवा सकते हैं। डीआईजी ने कहा कि पीड़ितों को दौड़ाने वाले थानेदार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।