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UP Election 2022: भाजपा की प्रतिष्ठा भी बन सकती है कालपी सीट, स्वतंत्र देव की दावेदारी की अटकलें हुईं तेज
Wed, 25 Aug 2021 05:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 25 Aug 2021 05:05 PM IST
सार
बुंदेलखंड में प्रदेश अध्यक्ष की पकड़ इस बात से भी साबित होती है कि बीते विधानसभा चुनाव (2017) में उनके चयनित सभी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। एक बार फिर बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर संदेश देने के लिए उन्हें क्षेत्र या उसके आसपास से ही लड़ाने का प्रयास चल रहा है।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का मिशन 2022 में चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी ने इसके लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है।
कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रदेश अध्यक्ष के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण सीट कालपी विधानसभा सीट मानी जा रही है। इसके बाद जनपद की दूसरी सीट माधौगढ़, कानपुर देहात की भोगनीपुर और झांसी भी इस सूची में शामिल है।
कारण साफ है कि स्वतंत्र देव 2012 में कालपी सीट से चुनाव लड़ भी चुके हैं। भले ही परिणाम उनके पक्ष में न रहा हो। पर यहां के मतदाताओं की नब्ज उन्हें अच्छी तरह से पता है। प्रदेश अध्यक्ष का क्षेत्र से काफी जुड़ाव भी रहा है। ऐसे में उनका यहां से दोबारा चुनाव लड़ना किसी को चौंकाने वाला नहीं होगा।
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कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रदेश अध्यक्ष के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण सीट कालपी विधानसभा सीट मानी जा रही है। इसके बाद जनपद की दूसरी सीट माधौगढ़, कानपुर देहात की भोगनीपुर और झांसी भी इस सूची में शामिल है।
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कारण साफ है कि स्वतंत्र देव 2012 में कालपी सीट से चुनाव लड़ भी चुके हैं। भले ही परिणाम उनके पक्ष में न रहा हो। पर यहां के मतदाताओं की नब्ज उन्हें अच्छी तरह से पता है। प्रदेश अध्यक्ष का क्षेत्र से काफी जुड़ाव भी रहा है। ऐसे में उनका यहां से दोबारा चुनाव लड़ना किसी को चौंकाने वाला नहीं होगा।
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बता दें कि इस बार भाजपा नेतृत्व ने अपने सभी बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का नाम भी शामिल हैं।
लिहाजा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि स्वतंत्र देव को कानपुर बुंदेलखंड की किसी सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। बुंदेलखंड में प्रदेश अध्यक्ष की पकड़ इस बात से भी साबित होती है कि बीते विधानसभा चुनाव (2017) में उनके चयनित सभी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
लिहाजा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि स्वतंत्र देव को कानपुर बुंदेलखंड की किसी सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। बुंदेलखंड में प्रदेश अध्यक्ष की पकड़ इस बात से भी साबित होती है कि बीते विधानसभा चुनाव (2017) में उनके चयनित सभी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
एक बार फिर बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर संदेश देने के लिए उन्हें क्षेत्र या उसके आसपास से ही लड़ाने का प्रयास चल रहा है। 2017 में भी भाजपा को कालपी से बड़ी सफलता मिली थी।
पार्टी नेताओं के मुताबिक कालपी क्षेत्र को बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। ऐसे में अगर वह बतौर प्रदेश अध्यक्ष कालपी से चुनाव लड़ते हैं तो उसका संदेश झांसी तक जाना तय है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक कालपी क्षेत्र को बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। ऐसे में अगर वह बतौर प्रदेश अध्यक्ष कालपी से चुनाव लड़ते हैं तो उसका संदेश झांसी तक जाना तय है।