{"_id":"687d2b122fd2a29fec0db82b","slug":"up-eight-year-old-kashish-found-her-mother-s-home-2025-07-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: आठ वर्षीय कशिश को मिला मां का घर, जनता दर्शन में मामला आने पर जिलाधिकारी ने दिखाई तत्परता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: आठ वर्षीय कशिश को मिला मां का घर, जनता दर्शन में मामला आने पर जिलाधिकारी ने दिखाई तत्परता
Sun, 20 Jul 2025 11:18 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:18 PM IST
सार
Kanpur News: मां के निधन के बाद पिता ने भी बेटी का साथ छोड़ दिया। नाना बच्ची के विधिक संरक्षक हैं।
विज्ञापन
जनता दर्शन में नाना के साथ पहुंची कशिश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कई स्थानों पर भटकने के बाद जनता दर्शन में जिलाधिकारी के सामने पहुंची किदवईनगर बगाही निवासी आठ वर्षीय कशिश को उसकी मां का घर मिल जाएगा। उसकी दिवंगत मां का मकान उसके नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं कशिश की देखभाल का अधिकार भी उसके नाना को मिल गया है।
दरअसल कशिश की मां का निधन कुछ समय पहले हो गया था। बाद में पिता ने दूसरी शादी कर कशिश को अपनाने से इन्कार कर दिया। इस पर कशिश की जिम्मेदारी उसके नाना चंद्रभान पांडेय पर आ गई। नाना की इच्छा थी कि 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केडीए से बेटी को मिला मकान उनकी नातिन के नाम आ जाए। डीएम ने मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति को दी जाए। वहां से किशोर न्याय अधिनियम के तहत कशिश के नाना चंद्रभान पांडेय को उसका विधिक संरक्षक घोषित किया गया।
विज्ञापन
दरअसल कशिश की मां का निधन कुछ समय पहले हो गया था। बाद में पिता ने दूसरी शादी कर कशिश को अपनाने से इन्कार कर दिया। इस पर कशिश की जिम्मेदारी उसके नाना चंद्रभान पांडेय पर आ गई। नाना की इच्छा थी कि 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केडीए से बेटी को मिला मकान उनकी नातिन के नाम आ जाए। डीएम ने मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति को दी जाए। वहां से किशोर न्याय अधिनियम के तहत कशिश के नाना चंद्रभान पांडेय को उसका विधिक संरक्षक घोषित किया गया।
विज्ञापन
नाना के साथ कशिश
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की ओर से बताया गया कि अब केडीए की ओर से नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक माह में कशिश को अपनी मां का घर मिल जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि बालिका को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ा जाए जिससे उसे 18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रतिमाह की सहायता मिलती रहे। साथ ही उसका नाम समीप के स्कूल में दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए हैं।