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कानपुर: एमराल्ड अपार्टमेंट में कारोबारी का चालक 19वीं मंजिल से कूदा, नौकरी छूटने की थी आशंका
Mon, 28 Dec 2020 01:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:45 PM IST
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एमराल्ड गार्डन
- फोटो : amar ujala
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कानपुर में स्वरूप नगर स्थित एमराल्ड गार्डन अपार्टमेंट के टावर नंबर 4 की 19वीं मंजिल से स्टील कारोबारी कपिल मोहन विज के निजी चालक जूही लाल कॉलोनी निवासी संजय सिंह (47) ने कूदकर जान दे दी। सिक्योरिटी इंचार्ज ने घटना की जानकारी पुलिस और कारोबारी को दी।
कपिल मोहन विज की फजलगंज में स्टील की फैक्ट्री है। उनकी पत्नी डॉ पूनम विज सीसामऊ आनंदबाग स्थित ज्वाला देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इनके दोनों बेटे हिमांशु आईआईटी चेन्नई व छोटा बेटा नीलांशु आईआईटी कानपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
कपिल मोहन ने बताया चालक संजय सिंह पिछले चार साल से उनके यहां नौकरी कर रहा था। डेढ़ माह पहले संजय ने हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराया था, इसके बाद से वह नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आ रहा था। बीच में खुद को अस्वस्थ बताते हुए नौकरी करने से इंकार कर दिया था।
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इस पर उन्होेंने 20 दिसंबर को विज्ञापन देकर दूसरे ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी थी। इस बीच शनिवार को संजय उनके फ्लैट पर पहुंचा और दोबारा नौकरी करने की बात कही, जिसपर उन्होेंने सोमवार को संजय को काम पर बुलाया था।
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कपिल मोहन विज की फजलगंज में स्टील की फैक्ट्री है। उनकी पत्नी डॉ पूनम विज सीसामऊ आनंदबाग स्थित ज्वाला देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इनके दोनों बेटे हिमांशु आईआईटी चेन्नई व छोटा बेटा नीलांशु आईआईटी कानपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
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कपिल मोहन ने बताया चालक संजय सिंह पिछले चार साल से उनके यहां नौकरी कर रहा था। डेढ़ माह पहले संजय ने हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराया था, इसके बाद से वह नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आ रहा था। बीच में खुद को अस्वस्थ बताते हुए नौकरी करने से इंकार कर दिया था।
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इस पर उन्होेंने 20 दिसंबर को विज्ञापन देकर दूसरे ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी थी। इस बीच शनिवार को संजय उनके फ्लैट पर पहुंचा और दोबारा नौकरी करने की बात कही, जिसपर उन्होेंने सोमवार को संजय को काम पर बुलाया था।
सोमवार को संजय के समय पर न आने के चलते वह खुद पत्नी के साथ काम पर चले गए। करीब 10.30 बजे अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज/ असिस्टेंट प्रापर्टी मैनेजर शशि शेखर ने उनके मोबाइल पर कॉल कर चालक के 19वीं मंजिल से कूदकर जान देने की बात बताई गई।
घटना के वक्त उनके बुजुर्ग पिता एसके विज व दोनों बेटे फ्लैट में मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरे में संजय रेलिंग से कूदते हुए दिखाई दिया। एसएचओ स्वरूपनगर अश्विनी कुमार पांडेय ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के वक्त उनके बुजुर्ग पिता एसके विज व दोनों बेटे फ्लैट में मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरे में संजय रेलिंग से कूदते हुए दिखाई दिया। एसएचओ स्वरूपनगर अश्विनी कुमार पांडेय ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने से पता चला है कि संजय सुबह 8.10 बजे अपार्टमेंट में आया था। इसके बाद उसकी कारोबारी से क्या बात हुई? इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। कारोबारी का कहना है कि उनकी संजय से कोई बात नहीं हुई और नौ बजे वह पत्नी के साथ काम पर चले गए थे, जबकि दोनों बेटे कमरों में सो रहे थे। अन्य कैमरों की फुटेज भी निकलवाई जा रही है।- अश्वनी कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर स्वरूपनगर
संजय की सुबह 8.10 बजे गेट पर थी इंट्री
कारोबारी का दावा है कि संजय के सुबह 9 बजे फ्लैट पर न पहुंचने पर वह अपनी पत्नी को कॉलेज छोड़ते हुए फैक्ट्री निकल गए थे जबकि गेट पर संजय की इंट्री सुबह 8.10 बजे की है। कोराबारी का यह भी दावा है कि संजय घटना से पहले ना तो फ्लैट के भीतर गया और ना ही कॉलबेल बजाई तो सवाल यह उठता है कि क्या वह जूही लाल कॉलोनी से सिर्फ यहां सुसाइड करने के लिए आया था। इस संबंध में पूछने पर कारोबारी ने कोई जवाब न देते हुए घटना सीसीटीवी में कैद होने की बात कही।
कहीं नौकरी जाने की आशंका से तो नहीं लगाई छलांग
संजय अपनी पत्नी अनिता सिंह व भतीजे विवेक के साथ बाबूपुरवा के जूही लाल कॉलोनी में रहता था। उसकी कोई संतान नही थी, लिहाजा वह भतीजे को अपने बेटे की तरह साथ रखते थे। विवेक ने बताया कि चाचा को जब पता चला कि मालिक ने दूसरे ड्राइवर के लिए विज्ञापन निकलवाया है, तबसे काफी परेशान थे। सोमवार सुबह वह कारोबारी के यहां नौकरी के लिए आए थे। कारोबारी और उनकी पत्नी को घर पर न पाकर नौकरी जाने के डर से 19वीं मंजिल से नीचे कूदकर जान दे दी।
एक घंटे बाद हुई जानकारी
घटना के करीब एक घंटे बाद संजय का शव नीचे फर्श पर पड़ा मिला जबकि उसके बगल के अपार्टमेंट के नीचे पांच, छह मजदूर काम कर रहे थे। वहीं सामने एक सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद था। करीब एक घंटे बाद जब एक मजदूर किसी काम के लिए उधर गया तो संजय का खून से लथपथ शव देख सिक्योरिटी इंचार्ज को जानकारी दी।
कारोबारी का दावा है कि संजय के सुबह 9 बजे फ्लैट पर न पहुंचने पर वह अपनी पत्नी को कॉलेज छोड़ते हुए फैक्ट्री निकल गए थे जबकि गेट पर संजय की इंट्री सुबह 8.10 बजे की है। कोराबारी का यह भी दावा है कि संजय घटना से पहले ना तो फ्लैट के भीतर गया और ना ही कॉलबेल बजाई तो सवाल यह उठता है कि क्या वह जूही लाल कॉलोनी से सिर्फ यहां सुसाइड करने के लिए आया था। इस संबंध में पूछने पर कारोबारी ने कोई जवाब न देते हुए घटना सीसीटीवी में कैद होने की बात कही।
कहीं नौकरी जाने की आशंका से तो नहीं लगाई छलांग
संजय अपनी पत्नी अनिता सिंह व भतीजे विवेक के साथ बाबूपुरवा के जूही लाल कॉलोनी में रहता था। उसकी कोई संतान नही थी, लिहाजा वह भतीजे को अपने बेटे की तरह साथ रखते थे। विवेक ने बताया कि चाचा को जब पता चला कि मालिक ने दूसरे ड्राइवर के लिए विज्ञापन निकलवाया है, तबसे काफी परेशान थे। सोमवार सुबह वह कारोबारी के यहां नौकरी के लिए आए थे। कारोबारी और उनकी पत्नी को घर पर न पाकर नौकरी जाने के डर से 19वीं मंजिल से नीचे कूदकर जान दे दी।
एक घंटे बाद हुई जानकारी
घटना के करीब एक घंटे बाद संजय का शव नीचे फर्श पर पड़ा मिला जबकि उसके बगल के अपार्टमेंट के नीचे पांच, छह मजदूर काम कर रहे थे। वहीं सामने एक सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद था। करीब एक घंटे बाद जब एक मजदूर किसी काम के लिए उधर गया तो संजय का खून से लथपथ शव देख सिक्योरिटी इंचार्ज को जानकारी दी।