UP Budget 2023: बजट में 585 करोड़ मिले मेट्रो को, अब निर्माण पकड़ेगा रफ्तार, कॉरिडोर -2 के लिए टेंडर जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट जारी किया है। इस बजट में कानपुर मेट्रो को 585 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। हालांकि पिछले साल के बजट से 162 करोड़ रुपये कम जारी हुए हैं।
विस्तार
प्रदेश सरकार के बजट में मेट्रो के लिए 585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे मेट्रो निर्माण की रफ्तार निर्बाध रूप से जारी रहेगी। शहर में मेट्रो के 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 और करीब 8.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 की अनुमानित लागत 11,076 करोड़ रुपये है।
यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक, केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, स्थानीय निकाय आदि के बीच हुए अनुबंध के अनुसार निर्माण के लिए 50 प्रतिशत धन यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक देगा, शेष धनराशि में से 40 प्रतिशत केंद्र सरकार और 60 प्रतिशत में राज्य सरकार, नगर निगम, केडीए आदि स्थानीय विभागों का शेयर शामिल है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) 220 करोड़ रुपये से कॉरिडोर-1 के आईआईटी से मोतीझील मेट्रो स्टेशन तक नौ किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले कॉरिडोर का सवा साल पहले निर्माण पूरा करा चुका है। इसके नौ स्टेशनों के बीच नियमित रूप से मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं।
कॉरिडोर-2 के लिए टेंडर जारी
कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से में से चुन्नीगंज से नरोना चौराहा, सेंट्रल स्टेशन, झकरकटी, ट्रांसपोर्टनगर होते हुुए नौबस्ता तक निर्माण कार्य हो रहा है। यह कार्य पूरा करने की समयावधि दिसंबर 2024 है। यूपीएमआरसी ने एक हफ्ते पहले कॉरिडोर -2 के तहत तीन भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और इनके बीच मेट्रो ट्रैक के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
पिछले बजट से 162 करोड़ मिले कम
यूपीएमआरसी के डीजीएम (पीआर) पंचानन मिश्रा ने बताया कि सरकार की तरफ से 2800 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके अलावा बजट में भी 585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष में 747 करोड़ रुपये मेट्रो को मिले थे। पिछले साल के बजट से 162 करोड़ रुपये कम जारी हुए हैं।
दोनों कॉरिडोर में मेट्रो चलने के तीन साल बाद लौटाया जाएगा कर्ज
मेट्रो के डीजीएम (पीआर) के अनुसार यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक से अभी तक एक हजार करोड़ रुपये का ही कर्ज लिया गया है। कोशिश है कि इस बैंक से कम से कम कर्ज लिया जाएगा। फिर भी इस बैंक से जितना कर्ज लिया जाएगा, उसे दोनों कॉरिडोरों के पूरे ट्रैक में मेट्रो का संचालन शुरू होने के तीन साल बाद किस्तों में लौटाया जाएगा।
यह है मेट्रो की प्रगति
कॉरिडोर-1 में चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज, कानपुर सेंट्रल, झकरकटी और ट्रांसपोर्टनगर भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का निर्माण हो रहा है। बड़ा चौराहा से नयागंज भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक सुरंग बन चुकी हैं। चुन्नीगंज भूमिगत मेट्रो स्टेशन से बड़ा चौराहा भूमिगत मेट्रो स्टेशन की तरफ जाएगा।
नाना टनल बोरिंग मशीन से सुरंग निर्माण मार्च के पहले हफ्ते और तात्या टनल बोरिंग मशीन से दूसरी सुरंग का निर्माण मार्च के चौथे हफ्ते में शुरू होगा। इसी तरह ट्रांसपोर्टनगर भूमिगत मेट्रो स्टेशन के आगे श्याम पैलेस के सामने से नौबस्ता में बौद्धनगर तक एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों के लिए 20 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण हो चुका है।