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यूपी: कानपुर में सुबह छह से रात 11 बजे तक चलेंगी 40 मेट्रो ट्रेन, जनवरी 2022 तक आईआईटी से मोतीझील
Fri, 22 Jan 2021 10:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Jan 2021 10:05 PM IST
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मेट्रो निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर
- फोटो : amar ujala
आईआईटी से मोतीझील तक जनवरी-2022 से मेट्रो दौड़ाने की दिशा में प्रयास तेजी से चल रहे हैं। नवंबर 2021 में ट्रायल के रूप में मेट्रो का संचालन किया जाएगा। तय किया गया है कि दिल्ली मेट्रो की तरह यहां भी सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक मेट्रो का संचालन होगा। ट्रैक पर कुल 40 मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी।
शुक्रवार को मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने पॉलिटेक्निक के पास बन रहे मेट्रो डिपो, वर्कशॉप और आईआईटी स्टेशन का निरीक्षण भी किया। मंडलायुक्त ने बताया कि अगले 20 वर्षों के ट्रैफिक का आकलन करके मेट्रो रेल परियोजना का काम कराया जा रहा है। मेट्रो संचालन के लिए जो भी काम कराए जा रहे हैं, वे 2042 तक के लिए पर्याप्त होंगे। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
बताया कि मेट्रो के प्रशासनिक कार्यालय, नियंत्रण कक्ष, परियोजना निदेशक कार्यालय, कार्यशालाओं का निर्माण तेजी से चल रहा है। जुलाई 2021 तक ये काम पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप और यार्ड में 10 ट्रैक होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सात और बढ़ाए जा सकेंगे।
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शुक्रवार को मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने पॉलिटेक्निक के पास बन रहे मेट्रो डिपो, वर्कशॉप और आईआईटी स्टेशन का निरीक्षण भी किया। मंडलायुक्त ने बताया कि अगले 20 वर्षों के ट्रैफिक का आकलन करके मेट्रो रेल परियोजना का काम कराया जा रहा है। मेट्रो संचालन के लिए जो भी काम कराए जा रहे हैं, वे 2042 तक के लिए पर्याप्त होंगे। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
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बताया कि मेट्रो के प्रशासनिक कार्यालय, नियंत्रण कक्ष, परियोजना निदेशक कार्यालय, कार्यशालाओं का निर्माण तेजी से चल रहा है। जुलाई 2021 तक ये काम पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप और यार्ड में 10 ट्रैक होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सात और बढ़ाए जा सकेंगे।
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उन्होंने आपातकालीन नियंत्रण और आपदाओं से निपटने के इंतजामों की भी समीक्षा की। परियोजना निदेशक (पीडी) को निर्देश दिए कि एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के दस्तावेज तैयार करें और अगले तीन महीनों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के समक्ष प्रस्तुत करें। निरीक्षण में पीडी मेट्रो रेल अरविंद सिंह, आरएम रोडवेज, एआरएम सिटी बस आदि मौजूद रहे।
आईआईटी से मोतीझील के बीच सभी मेट्रो स्टेशन पर मिलेगी बस
कमिश्नर ने बताया कि वैसे मेट्रो का संचालन सुबह छह से रात 11 बजे तक होगा। भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो समय बढ़ाया भी जा सकता है। इसके साथ ही मेट्रो रेल के सहयोग से शटल सिटी बस सेवा शुरू करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आईआईटी से मोतीझील के बीच सभी नौ मेट्रो स्टेशनों के लिए शटल बस सेवा उपलब्ध होगी।
नई इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी
सिटी बस मेट्रो रेल शटल सेवाओं के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें उतारेगा। इसके लिए आयुक्त ने एमडी सिटी बस और पीडी मेट्रो को निर्देश दिया है कि आम जन से सुझाव लेकर स्टेशनों के पास के क्षेत्रों में घर-घर सर्वे किया जाए। कमिश्नर ने अगले एक माह में शटल बसों के लिए योजना बनाकर मांगी है। इसके बाद अगस्त, सितंबर और अक्तबूर-2021 में सघन सर्वेक्षण और जागरुकता अभियान चलाने को कहा।
आईआईटी से मोतीझील के बीच सभी मेट्रो स्टेशन पर मिलेगी बस
कमिश्नर ने बताया कि वैसे मेट्रो का संचालन सुबह छह से रात 11 बजे तक होगा। भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो समय बढ़ाया भी जा सकता है। इसके साथ ही मेट्रो रेल के सहयोग से शटल सिटी बस सेवा शुरू करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आईआईटी से मोतीझील के बीच सभी नौ मेट्रो स्टेशनों के लिए शटल बस सेवा उपलब्ध होगी।
नई इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी
सिटी बस मेट्रो रेल शटल सेवाओं के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें उतारेगा। इसके लिए आयुक्त ने एमडी सिटी बस और पीडी मेट्रो को निर्देश दिया है कि आम जन से सुझाव लेकर स्टेशनों के पास के क्षेत्रों में घर-घर सर्वे किया जाए। कमिश्नर ने अगले एक माह में शटल बसों के लिए योजना बनाकर मांगी है। इसके बाद अगस्त, सितंबर और अक्तबूर-2021 में सघन सर्वेक्षण और जागरुकता अभियान चलाने को कहा।