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उन्नाव: फर्जी डिग्री से वार्डेन कर रही थी नौकरी, जांच में हुआ खुलासा, जानिए क्या है पूरा मामला
Wed, 08 Jul 2020 05:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 08 Jul 2020 05:28 PM IST
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अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव जिले के कस्तूरबा स्कूल में 13 साल से बिना बीएड डिग्री के नौकरी कर रही वार्डन की सेवा समाप्त कर दी गई है। अभिलेखों की जांच में खुलासा होने के बाद नियुक्ति करने वाले एनजीओ संचालक के खिलाफ शिक्षा महानिदेशक ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वार्डन से पूछताछ की जा रही है।
कस्तूरबा स्कूलाें में वर्ष 2007 में लोकप्रिय ग्रामोद्योग संस्थान उरई के माध्यम से नियुक्तियां की गई थीं। इनमें उरई जिला निवासी साधना सिंह की नियुक्ति हिलौली ब्लॉक के कस्तूरबा स्कूल में वार्डन पद पर हुई थी। एनजीओ संचालक ने फर्जी तरीके से बिना बीएड की डिग्री के ही वार्डन पद पर नियुक्ति कर दी।
कई बार जांच हुई, लेकिन खुलासा नहीं हुआ। हाल ही में कासगंज जिले के ब्लॉक फरीदाबाद में कस्तूरबा स्कूल में विज्ञान शिक्षिका अनामिका के एक साथ कई स्कूलों में नौकरी करने का खुलासा होने पर शासन ने जांच शुरू कराई। जिले में 16 जून से जांच शुरू हुई थी। तीन दिन तक अभिलेख जांचे गए।
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कस्तूरबा स्कूलाें में वर्ष 2007 में लोकप्रिय ग्रामोद्योग संस्थान उरई के माध्यम से नियुक्तियां की गई थीं। इनमें उरई जिला निवासी साधना सिंह की नियुक्ति हिलौली ब्लॉक के कस्तूरबा स्कूल में वार्डन पद पर हुई थी। एनजीओ संचालक ने फर्जी तरीके से बिना बीएड की डिग्री के ही वार्डन पद पर नियुक्ति कर दी।
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कई बार जांच हुई, लेकिन खुलासा नहीं हुआ। हाल ही में कासगंज जिले के ब्लॉक फरीदाबाद में कस्तूरबा स्कूल में विज्ञान शिक्षिका अनामिका के एक साथ कई स्कूलों में नौकरी करने का खुलासा होने पर शासन ने जांच शुरू कराई। जिले में 16 जून से जांच शुरू हुई थी। तीन दिन तक अभिलेख जांचे गए।
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जांच के दूसरे दिन हिलौली ब्लाक के कस्तूरबा स्कूल के स्टाफ को बुलाया गया था। लेकिन वार्डन नहीं पहुंची। वह बिना छुट्टी लिए ही अपने गृहजनपद उरई चली गई थीं। अमर उजाला में इसे प्रमुखता से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अखिलेश कुमार मिश्र ने गहनता से जांच कराई।
नियुक्ति के समय वार्डन की ओर से विभाग में जमा किए गए अभिलेख खंगाले गए तो उसमें बीएड की डिग्री ही नहीं मिली। आधार नंबर के मिलान में भी वार्डन नहीं पहुंची। विभाग ने तीन बार नोटिस भेजा गया। इस पर भी वह नहीं पहुंची। एफआईआर के डर से मंगलवार को वार्डन, लखनऊ में शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के समक्ष पेश हुई और अपना त्यागपत्र सौंपा।
वार्डन से अभी पूछताछ चल रही है। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक ने एनजीओ संचालक हरीश कुमार त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वार्डन की संविदा समाप्त कर मानदेय की रिकवरी की जाएगी।
नियुक्ति के समय वार्डन की ओर से विभाग में जमा किए गए अभिलेख खंगाले गए तो उसमें बीएड की डिग्री ही नहीं मिली। आधार नंबर के मिलान में भी वार्डन नहीं पहुंची। विभाग ने तीन बार नोटिस भेजा गया। इस पर भी वह नहीं पहुंची। एफआईआर के डर से मंगलवार को वार्डन, लखनऊ में शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के समक्ष पेश हुई और अपना त्यागपत्र सौंपा।
वार्डन से अभी पूछताछ चल रही है। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक ने एनजीओ संचालक हरीश कुमार त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वार्डन की संविदा समाप्त कर मानदेय की रिकवरी की जाएगी।