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उन्नाव: पुलिस करती रही अनसुनी, सचिव को लेना पड़ा आत्महत्या के प्रयास का फैसला, इंस्पेक्टर और दो दरोगा सस्पेंड
Tue, 31 Aug 2021 12:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 31 Aug 2021 12:40 PM IST
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अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव के खुदकुशी का प्रयास: पुलिसकर्मियों से जानकारी लेती आईजी लक्ष्मी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव के खुदकुशी के प्रयास के मामले में जांच कर रहीं आईजी लक्ष्मी सिंह को कई अहम जानकारियां प्राप्त हुई हैं। बता दें कि अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव की हर बात को उन्नाव पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। बहन की ओर से दी गई मारपीट की तहरीर में एनसीआर दर्ज कर पुलिस ने मामले को भुला दिया।
जबकि मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर निकलने के बाद धारा बढ़ जानी चाहिए थी। इसके लिए जितनी बार सचिव ने फोन किया, पुलिस ने हर बार नजरअंदाज किया। सचिव द्वारा आत्महत्या के असफल प्रयास के बाद आईजी की जांच में लापरवाही मिलने पर एसओ हरप्रसाद अहरवार व विवेचक तमीजउद्दीन को निलंबित कर दिया गया है। निरीक्षक अतुल तिवारी को थानाध्यक्ष औरास बनाया गया है।
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जबकि मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर निकलने के बाद धारा बढ़ जानी चाहिए थी। इसके लिए जितनी बार सचिव ने फोन किया, पुलिस ने हर बार नजरअंदाज किया। सचिव द्वारा आत्महत्या के असफल प्रयास के बाद आईजी की जांच में लापरवाही मिलने पर एसओ हरप्रसाद अहरवार व विवेचक तमीजउद्दीन को निलंबित कर दिया गया है। निरीक्षक अतुल तिवारी को थानाध्यक्ष औरास बनाया गया है।
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अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल ने सोमवार को बापू भवन में अपने कार्यालय में पहुंच कर खुद को गोली मार ली थी। विशंभर को गंभीर अवस्था में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। विशंभर के आफिस से पुलिस को एक कागज पर लिखा नोट भी मिला है जिसमें उन्होंने उन्नाव पुलिस द्वारा की जा रही प्रताड़ना का जिक्र किया है।
जानकारी के अनुसार छुट्टी के दिन विशंभर दोपहर में बापू भवन के आठवें तल पर स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। दोपहर लगभग पौने दो बजे अपने कार्यालय को अंदर से बंद कर उन्होंने खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर आसपास के आफिस में मौजूद अधिकारी व कर्मचारी भी बाहर आ गए। किसी तरह से दरवाजा तोड़ कर विशंभर को निकाला गया, पुलिस को सूचना दी गई और इलाज के लिए उन्हें तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। पुलिस आत्महत्या के प्रयास के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
वहीं जानकारों का कहना है कि विशंभर पिछले लगभग नौ साल से रजनीश दुबे के साथ ही काम कर रहे हैं। रजनीश दुबे इस दौरान जिन-जिन विभागों में रहे हैं विशंभर वहां-वहां उनके साथ रहे हैं। इस मामले सचिवालय का कोई भी कर्मी कुछ भी बोलने से बच रहा है। साथ ही आठवें तल पर मौजूद सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार छुट्टी के दिन विशंभर दोपहर में बापू भवन के आठवें तल पर स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। दोपहर लगभग पौने दो बजे अपने कार्यालय को अंदर से बंद कर उन्होंने खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर आसपास के आफिस में मौजूद अधिकारी व कर्मचारी भी बाहर आ गए। किसी तरह से दरवाजा तोड़ कर विशंभर को निकाला गया, पुलिस को सूचना दी गई और इलाज के लिए उन्हें तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। पुलिस आत्महत्या के प्रयास के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
वहीं जानकारों का कहना है कि विशंभर पिछले लगभग नौ साल से रजनीश दुबे के साथ ही काम कर रहे हैं। रजनीश दुबे इस दौरान जिन-जिन विभागों में रहे हैं विशंभर वहां-वहां उनके साथ रहे हैं। इस मामले सचिवालय का कोई भी कर्मी कुछ भी बोलने से बच रहा है। साथ ही आठवें तल पर मौजूद सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है।