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UP: 140 की रफ्तार में थी कार... डिवाइडर के पेड़ों की छंटाई कर रहे मजदूरों को कुचला; लापरवाही ने ली चार की जान
Sun, 28 Sep 2025 03:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, उन्नाव
अमर उजाला नेटवर्क, उन्नाव
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:34 PM IST
सार
यूपी के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर पर पेड़ों की कटाई और घास हटा रहे छह श्रमिकों को शनिवार सुबह 10:30 बजे बेकाबू कार टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में चार श्रमिकों की मौके पर ही माैत हो गई जबकि, दो को गंभीर हालत में सीएचसी से लखनऊ ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
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unnao accident
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए हादसे में यूपीडा की लापरवाही चार श्रमिकों की मौत की वजह बनी। जिस ओवरटेक लेन पर घटना हुई है, वहां श्रमिक डिवाइडर के पेड़ों की छंटाई कर रहे थे। वहां केवल 30 मीटर पहले प्लास्टिक के तीन कोन (लाल रंग के संकेत्तक) ही लगे थे, जबकि कार्य स्थल से 200 मीटर पहले से कोन, लाल झंडा और कार्य प्रगति का बोर्ड भी जरूरी हैं।
एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 257 और 258 के बीच ढोलउवा गांव के सामने काम चल रहा था। एक्सप्रेसवे की यह लेन ओवरटेक लेन होती है। किसी वाहन का दूसरे वाहन को ओवर करना होता है तो डिवाइडर से सटी इस लेन पर आने के बाद उससे आगे निकल कर फिर अपनी लेन में जाता है। इस खतरे को नजर अंदाज करते हुए, कार्यस्थल से केवल 30 मीटर पहले प्लास्टिक के लाल रंग के तीन कोन रखे गए थे।
यहां पर नौ श्रमिक काम कर रहे थे। किसी वाहन को ओवर टेक करने के लिए कार इस लेन में आई और श्रमिकों को टक्कर मारते हुए निकल गई। हादसे में चार श्रमिकों की मौत हुई, दो की हालत गंभीर है और तीन श्रमिक बाल-बाल बच गए। यूपीडा के यातायात विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार काम करा रही ठेका एजेंसी को कार्यस्थल से 200 मीटर पहले कार्य प्रगति पर है का सूचना बोर्ड लगाना चाहिए था।
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एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 257 और 258 के बीच ढोलउवा गांव के सामने काम चल रहा था। एक्सप्रेसवे की यह लेन ओवरटेक लेन होती है। किसी वाहन का दूसरे वाहन को ओवर करना होता है तो डिवाइडर से सटी इस लेन पर आने के बाद उससे आगे निकल कर फिर अपनी लेन में जाता है। इस खतरे को नजर अंदाज करते हुए, कार्यस्थल से केवल 30 मीटर पहले प्लास्टिक के लाल रंग के तीन कोन रखे गए थे।
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यहां पर नौ श्रमिक काम कर रहे थे। किसी वाहन को ओवर टेक करने के लिए कार इस लेन में आई और श्रमिकों को टक्कर मारते हुए निकल गई। हादसे में चार श्रमिकों की मौत हुई, दो की हालत गंभीर है और तीन श्रमिक बाल-बाल बच गए। यूपीडा के यातायात विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार काम करा रही ठेका एजेंसी को कार्यस्थल से 200 मीटर पहले कार्य प्रगति पर है का सूचना बोर्ड लगाना चाहिए था।
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इसके साथ ही वाहन धीमी गति से चलाएं के बोर्ड के साथ ही प्लास्टिक के बड़े बैरियर भी लगाने चाहिए थे। अगर संकेतक 200 मीटर पहले से लगे होते तो कार वहीं से इस लेन में न आती और अगर आती भी तो बैरियर से टकराती और हादसा बच जाता। प्लॉस्टिक के बैरियर वाहन को भी कोई नुकसान न पहुंचाते।
यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रभात कुमार अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के रखरखाव और मरम्मत का ठेका एटलस नाम की कंपनी के पास है। ठेका कंपनी के लोगों को नियम कायदे बताए जाते हैं और ठेका शर्तों में इसे शामिल भी किया जाता है लेकिन कंपनी की ओर से लापरवाही बरती गई है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
140 की रफ्तार में थी कार
कार चालक की जल्दबाजी भी हादसे की वजह बनी। यूपीडा ने सीसी टीवी कैमरों की फुटेज चेक कराई तो एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 290 पर स्थित टोल प्लाजा से घटना स्थल किलोमीटर संख्या 257 के बीच की 33 किलोमीटर दूरी तय करने में कार को 17 मिनट लगे। इससे कार की रफ्तार 135 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होने का अनुमान है।
कार चालक की जल्दबाजी भी हादसे की वजह बनी। यूपीडा ने सीसी टीवी कैमरों की फुटेज चेक कराई तो एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 290 पर स्थित टोल प्लाजा से घटना स्थल किलोमीटर संख्या 257 के बीच की 33 किलोमीटर दूरी तय करने में कार को 17 मिनट लगे। इससे कार की रफ्तार 135 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होने का अनुमान है।
यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रभात कुमार अवस्थी ने बताया कि सीसी टीवी कैमरे की फुटेज में दुर्घटना स्थल से करीब 100 मीटर पहले कार से धुआं जैसा हल्का गुबार निकलता दिखा है जो टायर फटने से हो सकता है। अनुमान है कि टायर फटने के बाद ही कार अनियंत्रित हुई और यह हादसा हुआ। डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल तोड़ते हुए दूसरी लेन में जाकर पलटी कार में सवार चालक सहित तीन लोग उतर कर भाग गए।
आगरा एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कार ने छह श्रमिकों को कुचला, चार की मौत, दो गंभीर
यूपी के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर पर पेड़ों की कटाई और घास हटा रहे छह श्रमिकों को शनिवार सुबह 10:30 बजे बेकाबू कार टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में चार श्रमिकों की मौके पर ही माैत हो गई जबकि, दो को गंभीर हालत में सीएचसी से लखनऊ ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद पहुंचे मृतकों के परिजनों व ग्रामीणों ने करीब 11:30 बजे एक्सप्रेसवे पर अवरोध डाल कर जाम लगा दिया।
यूपी के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर पर पेड़ों की कटाई और घास हटा रहे छह श्रमिकों को शनिवार सुबह 10:30 बजे बेकाबू कार टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में चार श्रमिकों की मौके पर ही माैत हो गई जबकि, दो को गंभीर हालत में सीएचसी से लखनऊ ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद पहुंचे मृतकों के परिजनों व ग्रामीणों ने करीब 11:30 बजे एक्सप्रेसवे पर अवरोध डाल कर जाम लगा दिया।
इसके चलते घटना स्थल के दोनों तरफ पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। डीएम, एसपी व अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। यूपीडा ने मृतक आश्रितों को संविदा पर नौकरी, एक-एक लाख रुपये की तात्कालिक सहायता सहित अन्य आर्थिक मदद का वादा किया। प्रशासन ने किसान बीमा, आवास का आश्वासन दिया। लोग इसके बाद भी भीड़ नहीं हटी तो पुलिस ने लाठियां पटक कर तितर-बितर कर दिया। दोपहर एक बजे एक्सप्रेसवे का यातायात शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शी श्रमिकों के अनुसार पलटने के बाद कार सवार तीन लोग निकल कर भाग गए।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर के पेड़ों की कटिंग और घास की सफाई का काम चल रहा है। शनिवार सुबह नौ बजे से बेहटामुजावर थाना क्षेत्र में ढोलउवा गांव के पास काम चल रहा था। किलोमीटर संख्या 257 और 258 के बीच काम कर रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे लखनऊ से आगरा की ओर जा रही हरियाणा के रजिस्ट्रेशन नंबर की तेज रफ्तार अर्टिगा कार छह श्रमिकों को टक्कर मारते हुए घटना स्थल से करीब 60 मीटर दूर दूसरी लेन में जाकर पलट गई।
हादसे में बेहटामुजावर थाना के राजाखेड़ा निवासी मुनेश (43), इसी गांव के कृष्णपाल (50), राकेश (40), झब्बाखेड़ा गांव निवासी रामकिशोर (41), लवकुश (40), अकबर खेड़ा निवासी श्रवण (30) को टक्कर मारते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गई। टक्कर इतनी तेज लगी कि पांच श्रमिक करीब तीस मीटर दूर जाकर गिरे। कार में फंसा एक श्रमिक करीब चालीस मीटर दूर दूसरी लेन में जा गिरा। सूचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक मुनेश, रामकिशोर, लवकुश, और श्रवण की मौत हो चुकी थी। घायल कृष्णपाल और राकेश को एंबुलेंस से औरास सीएचसी पहुंचाया गया जहां, प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
हादसे की सूचना पर पहुंचे मृतकों के परिजन और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव नहीं हटाने दिए और वहीं सड़क पर बैठ गए। परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले ठेका कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक आश्रितों को मुआवजे की मांग पर अड़ गए। एएसपी अखिलेश सिंह सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन जनाक्रोश अधिक होने से सफलता नहीं मिली।
इसके बाद यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रमेशचंद्र दुबे, प्रभात कुमार अवस्थी भी पहुंचे। मृतकों के परिजनों ने दस सूत्रीय मांगपत्र दिया। यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारियों और एसडीएम ने लिखित आश्वासन दिया इसके बाद दोपहर एक बजे शवों को एक्सप्रेसवे से हटाया जा सका फिर यातायात शुरू हुआ। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ का यातायात ठप रहा। देखते ही देखते दोनों तरफ पांच-पांच किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि समझाने पर मृतकों के परिजन और ग्रामीण शांत हुए हैं। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मृतक आश्रितों और घायलों की हर संभव मदद दी जाएगी।