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दुनिया में बजा कानपुर का डंका, मंदिर-मंदिर जाकर उठाते हैं फूल, मिला यूएन क्लाइमेट चेंज अवॉर्ड

Thu, 13 Dec 2018 08:42 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 13 Dec 2018 08:42 AM IST
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United Climate Change Award to IIT's startup company
डेमो पिक
मंदिरों से एकत्र किए गए फूलों से इको फ्रेंडली अगरबत्ती, धूपबत्ती और थर्माकोल बनाने वाले अंकित अग्रवाल ने एक बार फिर दुनिया में कानपुर का डंका बजा दिया है। अंकित को पोलैंड में आयोजित कांफ्रेंस ऑफ द पार्टिज टू दि यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क (कॉप-24) में मंगलवार को यूएन क्लाइमेट चेंज अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस कांफ्रेंस में अंकित की स्टार्टअप कंपनी ‘हेल्पअस ग्रीन’ की प्रशंसा की गई। यह अवॉर्ड ‘महिलाओं की जिंदगी बदलने’ की कैटेगरी में दिया गया है।
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अंकित ने बताया कि उनकी इस कंपनी में 100 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। इस काम के लिए महिलाओं को किसी विशेष योग्यता की जरूरत नहीं है। वह अपने घरेलू कामकाज के साथ इस कंपनी में काम कर रही हैं। इस कंपनी को आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर ने अपने यहां स्थापित कराया है। कंपनी को सिडबी की तरफ से आर्थिक सहायता भी मिली है। 
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सितंबर में मिले थे चार बड़े अवॉर्ड
इससे पहले सितंबर माह में संयुक्त राष्ट्र संघ ने उन्हें ‘मोमेंटम फॉर चेंज’ क्लाइमेट एक्शन अवॉर्ड 2018, यंग लीडर्स अवॉर्ड और बिल गेट्स फाउंडेशन के गेल्स फाउंडेशन गोलकीपर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया था। इन पुरस्कारों के साथ अंकित ने एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है। अंकित पहले ऐसे भारतीय बन गए हैं, जिन्हें एक साल के अंदर चार बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
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मंदिरों से उठाते हैं फूल, तैयार करते हैं उत्पाद

United Climate Change Award to IIT's startup company
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अंकित बताते हैं कि उनकी टीम शहर के सभी मंदिरों से चढ़ाए जाने वाले लगभग दो हजार किलो फूल और नारियलों को एकत्रित करती है। इसके बाद उन्हें सुखाया जाता है और फिर पीसकर एक विशेष प्रकार की इको फ्रेंडली अगरबत्ती, धूपबत्ती और थर्माकोल तैयार किया जाता है। इसके लिए आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर ने अनुदान भी दिया है।

निदेशक-प्रोफेसर बोले, गर्व की बात
अंकित को कॉप-24 में अवॉर्ड मिलने की सूचना मिली तो आईआईटी में खुशी का माहौल हो गया। इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है। अंकित अपने इनोवेटिव आइडिया के जरिए देश की बड़ी समस्या को दूर करने में जुटे हैं। सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने भी अंकित की इस उपलब्धि पर खुशी जताई। कहा कि इस कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए सिडबी की तरफ से हरसंभव मदद दी जाएगी।
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