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हमीरपुर में अनोखी शादी: कुत्ते की शादी में निभाई गईं सारी रस्में, 500 लोग हुए शामिल, दो महंत बन गए समधी
Mon, 06 Jun 2022 11:45 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 06 Jun 2022 11:45 AM IST
सार
हमीरपुर में दो पालतू पशुओं की शादी का अनोखा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शादी में 500 से ज्यादा बराती शामिल हुए।
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हमीरपुर में अनोखी शादी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपी में हमीरपुर जिले के भरुआसुमेरपुर में रविवार को एक अनोखी शादी हुई। जिसमें दो संत आपस में अपने पालतू पशुओं का विवाह बड़े ही धूमधाम से कराकर एक दूसरे के समधी बन गए। बरात की सभी रस्में हिंदू रीति रिवाज के साथ निभाई गईं। जिसमें निकासी, द्वारचार, भांवरें, कलेवा, विदाई की सारी रस्में हुई। इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
सौंखर एवं सिमनौड़ी गांव के बीहडों में स्थित मनासर बाबा शिव मंदिर के महंत स्वामी द्वारिका दास महाराज ने अपने पालतू कुत्ते कल्लू का विवाह मौदहा क्षेत्र के परछछ गांव के बजरंगबली मंदिर के महंत स्वामी अर्जुन दास महाराज की पालतू कुतिया भूरी के संग तय किया है। शादी शुभ मुहूर्त पांच जून रविवार को तय हुई थी।
तय तिथि के अनुसार द्वारका दास महाराज एवं अर्जुन दास महाराज ने अपने शिष्यों, शुभचिंतकों को निमंत्रण कार्ड भेजकर विवाह समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। बरात शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई और सौंखर गांव की गलियों में भ्रमण कर धूमधाम से निकासी कराई गई।
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सौंखर एवं सिमनौड़ी गांव के बीहडों में स्थित मनासर बाबा शिव मंदिर के महंत स्वामी द्वारिका दास महाराज ने अपने पालतू कुत्ते कल्लू का विवाह मौदहा क्षेत्र के परछछ गांव के बजरंगबली मंदिर के महंत स्वामी अर्जुन दास महाराज की पालतू कुतिया भूरी के संग तय किया है। शादी शुभ मुहूर्त पांच जून रविवार को तय हुई थी।
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तय तिथि के अनुसार द्वारका दास महाराज एवं अर्जुन दास महाराज ने अपने शिष्यों, शुभचिंतकों को निमंत्रण कार्ड भेजकर विवाह समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। बरात शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई और सौंखर गांव की गलियों में भ्रमण कर धूमधाम से निकासी कराई गई।
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इसके बाद बरात परछछ के लिए रवाना हुई। वहीं बजरंगबली मंदिर के महंत ने बरात की भव्य अगवानी की और स्वागत सत्कार के बाद द्वारचार, चढ़ावा, भांवरों, कलेवा की रस्में पूरी कराकर बरात को धूमधाम के साथ ससम्मान विदा किया। दूल्हा दुल्हन को नए कपड़े पहनाए गए। साथ ही सोने चांदी के जेवरात भी उनके शरीर पर शोभायमान थे। बरातियों को कई तरह के व्यंजन तैयार कराए गए थे। यह शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। बरात में दोनों पक्षों की तरफ से करीब 500 लोग शामिल हुए।