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Kanpur: अंडरग्राउंड केबल सिस्टम से बिजली कनेक्शन दोगुना महंगा, जानिए क्या है कनेक्शन की कीमत का फर्क

Tue, 25 Oct 2022 05:10 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 25 Oct 2022 05:10 PM IST
सार

उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड केबल सिस्टम से बिजली कनेक्शन दोगुना महंगा हुआ है। केस्को ओवरहेड लाइनों से बिजली के कनेक्शन में केबल चार्ज नहीं लेता, जबकि अंडरग्राउंड केबल के लिए चार्ज की वसूली उपभोक्ताओं से ही की जा रही है।
 

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Underground cable system electricity connection in Kanpur is twice as expensive
केस्को - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में केस्को के सात सबस्टेशनों में बिजली का नया कनेक्शन लेना शहर के बाकी 86 सबस्टेशनों से कनेक्शन लेने से दोगुना महंगा है। अंडरग्राउंड केबल सिस्टम वाले सबस्टेशनों से बिजली कनेक्शन लेने पर उपभोक्ता को केबल चार्ज नहीं देना होता है।

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इसका शुल्क केस्को उपभोक्ताओं से ले रहा है। केस्को ने बिजली चोरी और लाइन लॉस को कम करने के लिए अंडरग्राउंड सिस्टम में जो खर्च किया है, उसकी वसूली उपभोक्ताओं से ही की जा रही है। इससे बिजली चोरी के साथ कटौती में भी कमी आएगी।
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यह है कनेक्शन की कीमत का फर्क
एक किलोवाट के कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को 3215 रुपये जमा करने होते हैं। इसमें 300 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट, लाइन चार्ज 678 रुपये, केबल कीमत 687 रुपये, मीटर की कीमत 872 रुपये, अन्य इस्टीमेट चार्ज के नाम पर 233 रुपये और जीएसटी 445 रुपये जमा होता है।

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जबकि एक किलोवाट के ओवरहेड लाइन से कनेक्शन लेने पर 300 रुपये सिक्योरिटी चार्ज, लाइन चार्ज के 398 रुपये देने होते हैं। मीटर की कीमत 872 रुपये होते हैं। 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ कुल 1800 रुपये जमा होते हैं। अंडरग्राउंड केबल सिस्टम में बिजली कनेक्शन देने में केबल प्वाइंट से कनेक्शन प्वाइंट दूर होने पर केबल का खर्च अधिक हो जाता है।

केस्को के मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर अंबेडकर ने बताया कि अंडरग्राउंड केबल सिस्टम के तहत कनेक्शन देने में केबल महंगी होती है। साथ ही अंडर ग्राउंड लाइन बिछाने का चार्ज भी लगता है। इसकी वजह से अंडरग्राउंड कनेक्शन ओवरहेड से कनेक्शन की तुलना में महंगा है।

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