गंगा को साफ करने की चुनौती स्वीकारें CM योगीः उमा भारती
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केंद्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री उमा भारती ने कहा कि कानपुर में गंगा सबसे ज्यादा गंदी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा को 2018 तक साफ करने की चुनौती स्वीकार करें। हमारे संस्कार में स्वच्छता होनी चाहिए।
कानपुर के ईश्वरीगंज में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान कार्यक्रम में उमा भारती ने कहा कि मुझे खुशी है कि इस अभियान की शुरुआत मेरे ही मंत्रालय से हो रही है। मैं कभी गंगा को भूल नहीं सकती। गंगा को साफ और निर्मल बनाने में सरकार के साथ ही जनता की अहम भूमिका रहेगी। मैंने प्रधानमंत्री से जिक्र किया था कि गंगा को अविरल बनाने के लिए मंत्री पद छोड़कर गंगा किनारे पद यात्रा शुरू कर दूंगी। प्रधानमंत्री ने मुझे स्वच्छता मंत्रालय दे दिया। इसमें गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, गंगोत्री सभी की सफाई की जिम्मेदारी आ गई है। प्रधानमंत्री ने 2018 तक उत्तर प्रदेश के गांवों को शौच मुक्त करने का लक्ष्य दिया है।
योगी कानपुर में गंगा को साफ करने की चुनौती स्वीकार कर काम शुरू करें। योगी का मतलब कर्म से कुशल होता है। प्रधानमंत्री तो महायोगी हैं। स्वच्छता अधिकार और कर्तव्य दोनों में शामिल हैं। लोगों को सुरक्षा मिले। यह लोगों का अधिकार और सरकार का कर्तव्य है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवा का अधिकार है तो दवा उपलब्ध कराना सरकार का कर्तव्य है। हमें मिलकर प्रयास करने होंगे कि हमारी पहचान स्वच्छ देश के रूप में हो।
नई पीढ़ी को साफ-सुथरा देश देना हमारी जिम्मेदारी है। देश के 125 करोड़ लोग चाह लेंगे तो गंदगी रूपी दैत्य को जनजागरण से जीत लेंगे। अपनी मुट्ठियां बंद करें और संकल्प लें कि 2018 तक उत्तर प्रदेश के गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का सपना पूरा करेंगे।